गैरसैंण विधानसभा पर ₹55 लाख बिजली बिल बकाया नहीं, ऊर्जा निगम का खंडन, कहा- हर महीने भरते हैं बिल
गैरसैंण विधानसभा पर बिजली का बकाया बिल होने की खबर का विधानसभा भराड़ीसैण प्रभारी और ऊर्जा निगम खंड गैरसैंण के अधीक्षण अभियंता ने खंडन किया.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : March 3, 2026 at 7:44 AM IST
चमोली: आगामी 9 मार्च से लेकर 13 मार्च तक सूबे की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैण (भराड़ीसैण) में बजट सत्र प्रस्तावित है. उससे पहले तमाम सोशल मीडिया व मीडिया पर विधानसभा भराड़ीसैण पर 55 लाख रुपये बकाया बिजली के बिल की खबरें प्रकाशित हो रही हैं. जहां इस खबर के बाद पूरे प्रदेश में बकाया बिल की राशि को लेकर लोग जमकर चटकारे ले रहे हैं तो वहीं बिल का भुगतान न करने को लेकर सरकार की भी जमकर खिंचाई कर रहे हैं. वहीं मामले में अब स्थिति साफ हो गई है.
ऊर्जा निगम खंड गैरसैंण के अधीक्षण अभियंता शैलेंद्र बिष्ट ने बताया कि विधानसभा पर कोई भी बिल बकाया नहीं है. विधानसभा का बिल हर महीने बनाया जाता है. औसतन 3 से 4 लाख के बीच की धनराशि के बिल विधानसभा कार्यालय द्वारा तय समय पर जमा करवा दिए जाते हैं. वर्तमान में कोई भी बिल देय नहीं है. उन्होंने बताया कि अब विधानसभा में सोलर सिस्टम भी लग गया है. इसके चलते आने वाले महीनों में उपयोग किए जाने वाले बिजली यूनिट के साथ ही बिल की धनराशि भी कम हो जाएगी.
बता दें कि, गैरसैंण में प्रस्तावित बजट सत्र को लेकर अब महज सप्ताहभर ही बचा है. इधर विधानसभा पर ऊर्जा निगम का 55 लाख रुपए के बकाये बिल की खबरें सामने आने के बाद मामले पर सियासत भी तेज होने लगी थी. विद्युत बिल के बकाए की मोटी धनराशि को लेकर कुछ राजनीतिक दल सरकार को आड़े हाथों लेने से भी नहीं चूक रहे थे. लेकिन जब इस मामले की हकीकत जानने की कोशिश की गई तो पता चला की ऐसी कोई भी धनराशि विधानसभा पर बकाया नहीं है. विधानसभा के बिल नियमित रूप से जमा होने के चलते बकाया धनराशि शून्य है.
इस पूरे मामले को लेकर विधानसभा भराड़ीसैण प्रभारी शेखर पंत ने कहा कि सोशल मीडिया व मीडिया में बकाया धनराशि की जो खबर चल रही हैं, वो सरासर अफवाह व भ्रामक हैं. विधानसभा गैरसैंण पर कोई भी बिल बकाया नहीं है. बताया कि विधानसभा का बिल मासिक तौर पर जमा किया जाता है. वहीं उन्होंने बताया कि विधानसभा में सोलर प्लांट लगाया गया है. अगर विधानसभा पर बिजली की बकाया राशि रहती तो विद्युत विभाग द्वारा एनओसी नहीं दी जाती. उनके द्वारा एनओसी दी गई तभी सोलर प्लांट भी लगाया गया.
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