आगरा में 50 हजार के इनामी कल्लू गुर्जर का एनकाउंटर, सीने में लगी गोली, सिपाही से लूटी थी पिस्टल
बदमाश कल्लू गुर्जर उर्फ पवन पर 18 से अधिक केस दर्ज थे. कुख्यात हिमांशु भाऊ गैंग के साथ कर रहा था काम.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : February 27, 2026 at 11:25 PM IST
आगरा : यूपी एसटीएफ और आगरा कमिश्नरेट पुलिस ने 50 हजार रुपये के इनामिया बदमाश कल्लू गुर्जर उर्फ पवन का एनकाउंटर किया है. दोनों ओर से करीब 15 मिनट तक गोलियां चलीं. एसटीएफ नोएडा यूनिट के एडिशनल एसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि आगरा के एकता थाना क्षेत्र में कुख्यात कल्लू गुर्जर को घेर कर सरेंडर के लिये कहा गया. लेकिन, उसने एसटीएफ और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी.
पुलिस और एसटीएफ यूनिट ने मोर्चा संभाला और जवाबी फायरिंग की. जिसमें कुख्यात कल्लू के सीने में एक गोली लगी. गंभीर रूप से घायल कल्लू को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे. जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. कुख्यात ने सिपाही से पिस्टल लूटी थी.
18 से अधिक केस दर्ज थे : एसटीएफ नोएडा यूनिट के एडिशनल एसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि मुठभेड़ में ढेर बदमाश की पहचान पवन उर्फ कल्लू गुर्जर पुत्र संतराम निवासी सिरौली, थाना लोनी गाजियाबाद के रूप में हुई है. आगरा कमिश्नरेट के थाना ताजगंज में दर्ज एक रंगदारी के मुकदमे में वांछित चल रहा था. उस पर 50 हज़ार का इनाम घोषित किया गया था.

रणदीप भाटी और अमित कसाना गैंग का शूटर था : कुख्यात पवन उर्फ कल्लू गुर्जर यूपी सरकार की ओर से चिन्हित कुख्यात रणदीप भाटी और अमित कसाना गैंग का शूटर था. जिसके खिलाफ हत्या के चार, रंगदारी के दो मुकदमों समेत 18 से अधिक केस दर्ज हैं. 2021 में हत्या के मुकदमे में एक लाख का इनाम रह चुका था. जिसके बाद दिल्ली गया था. कुख्यात के पास से काफ़ी संख्या में कारतूस और असलहे बरामद हुए हैं.
जेल में हिमांशु भाऊ से जुड़ा : यूपी एसटीएफ के मुताबिक, पवन उर्फ कल्लू गुर्जर जेल गया तो वहां उसकी मुलाकात हरियाणा के कुख्यात हिमांशु भाऊ गैंग से हुई. इस गैंग के संपर्क में आने पर उसने दोबारा से प्लानिंग की. 2025 में जेल से छूटा तो रंगदारी मांगने लगा. उसने इस गैंग के साथ मिलकर दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए घूम रहा था.
सिपाही से लूटी पिस्टल बरामद : पवन उर्फ कल्लू गुर्जर से एक 9MM पिस्टल बरामद हुई है. यह पिस्टल उसने 2016 में गौतमबुद्ध नगर के थाना बिसरख में सिपाही मोनू धीमन से लूटी थी. सिपाही उस समय एडीजे की पीएसओ ड्यूटी में तैनात था. इस बारे में थाना बिसरख में मुकदमा दर्ज हुआ था.
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