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चाईबासा में सीमेंट प्लांट बंद होने के विरोध में लोग, निकाली झींकपानी से चाईबासा तक महापदयात्रा

चाईबासा में सीमेंट कारखाना बंद करने के आदेश के विरोध में झींकपानी से चाईबासा मुख्यालय तक स्थानीय लोगों समेत कर्मचारियों ने महापदयात्रा निकाली है.

CEMENT FACTORY IN CHAIBASA
मार्च करते सीमेंट प्लांट के कर्मचारी (ईटीवी भारत)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : July 1, 2026 at 2:30 PM IST

2 Min Read
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चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के ऐतिहासिक सीमेंट कारखाना को बंद करने के प्रस्ताव के विरोध में बुधवार को झींकपानी से चाईबासा तक विशाल महापदयात्रा निकाली गई. इस पदयात्रा में सीमेंट प्लांट के मजदूरों के साथ ग्रामीण, छोटे व्यवसायी, सब्जी विक्रेता, सामाजिक कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी बड़ी संख्या में शामिल हुए. आंदोलनकारियों ने कारखाने को बंद करने के निर्णय को वापस लेने की मांग करते हुए उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया.

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि करीब 80 वर्ष पुराने इस ऐतिहासिक सीमेंट प्लांट को 16 अगस्त से स्थायी रूप से बंद करने का नोटिस जारी किया गया है. कर्मचारियों का मानना है कि अगर यह फैसला लागू होता है तो इसका असर केवल कारखाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे पूरे झींकपानी और टोंटो क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा.

सीमेंट प्लांट के कर्मचारी पैदर मार्च करते हुए (ईटीवी भारत)

प्लांट बंद होने से छाया आर्थिक संकट

आंदोलनकारियों के अनुसार, प्लांट बंद होने से लगभग 1600 मजदूर परिवारों की आजीविका पर सीधा संकट खड़ा हो जाएगा. इसके अलावा स्थानीय दुकानदारों, परिवहन व्यवसाय, सब्जी विक्रेताओं, छोटे व्यापारियों और अन्य रोजगार से जुड़े हजारों लोगों की आय भी प्रभावित होगी. लोगों का कहना है कि यह कारखाना क्षेत्र की आर्थिक रीढ़ रहा है और इसके बंद होने से बेरोजगारी तथा पलायन की समस्या बढ़ सकती है.

महापदयात्रा से पहले विभिन्न गांवों में जनजागरण अभियान चलाकर लोगों को आंदोलन से जोड़ने का प्रयास किया गया. पदयात्रा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार से उद्योग को बचाने, श्रमिकों के हितों की रक्षा करने और क्षेत्र के आर्थिक भविष्य को सुरक्षित रखने की मांग की. जीतेन गोप ने कहा कि अगर सरकार और कंपनी प्रबंधन ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इस मामले में हस्तक्षेप कर प्लांट को बंद होने से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी.

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