25 सूत्रीय मांगे नहीं मानने से नाराज कर्मचारी आज से आंदोलन की राह पर, 7 दिन करेंगे 1 घंटे का कार्य बहिष्कार
पूरे प्रदेश में आज से कर्मचारी दोपहर 12:30 बजे से 1:30 बजे तक 1 घंटे का सांकेतिक कार्य बहिष्कार करेंगे

Published : May 25, 2026 at 8:27 AM IST
जयपुर : आरजीएचएस की सुविधा बहाल करने, बजट घोषणाओं को लागू करने और वेतन विसंगतियां सहित 25 सूत्री मांगों को लेकर पिछले दिनों प्रदर्शन कर चुके कर्मचारी आज से आंदोलन की राह पर हैं. मांगों पर अभी तक सरकार की ओर से निस्तारण नहीं की जाने से नाराज प्रदेश के तमाम कर्मचारी आज से कार्य बहिष्कार करेंगे. राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत के बैनर तले कर्मचारी आज से सात दिन दोपहर 12:30 से 1:30 तक 1 घंटे का सांकेतिक कार्य बहिष्कार करेंगे.
महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़, प्रदेश पदाधिकारी अजयवीर सिंह, शेर सिंह यादव, सर्वेश्वर शर्मा ने संयुक्त बयान में बताया कि 20 मई को प्रदेशभर में जिला कलेक्टरों और कार्यालय प्रमुखों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम शांतिपूर्ण ज्ञापन सौंपने के बाद भी सरकार की ओर से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है. इससे आक्रोशित होकर प्रदेश के समस्त सरकारी विभागों और कार्यालयों में आज से आगामी 7 दिनों तक लगातार प्रतिदिन दोपहर 12:30 बजे से 1:30 बजे तक एक घंटे का सामूहिक व सांकेतिक कार्य बहिष्कार किया जाएगा, जिससे इस अवधि में प्रदेशभर में शासकीय कार्य पूरी तरह ठप रहेंगे.
राठौड़ का कहना है कि आरजीएचएस (RGHS) योजना को निजी बीमा कंपनी को सौंपने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध करते हुए इसे पूर्व की तरह सरकारी स्तर पर संचालित रखने, रोके गए समर्पित अवकाश (सरेंडर लीव) का नकद भुगतान तुरंत बहाल करने, पदोन्नति में दो वर्ष की शिथिलता देने, समस्त संविदा कर्मियों ठेका कर्मचारियों को कार्मिक विभाग के अधीन गठित संस्था के तहत नियमित करने सहित अपने 25-सूत्रीय मांग पत्र पर तुरंत निर्णय की मांग कर रहा है.
मांगे नहीं मानी तो फिर बड़ा आंदोलन : महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि इस 7 दिवसीय सांकेतिक कार्य बहिष्कार के बाद भी सरकार ने वार्ता कर ठोस समाधान नहीं निकाला, तो आंदोलन के अगले चरण में पूरे राजस्थान में व्यापक स्तर पर 'कर्मचारी जागृति यात्रा' निकालकर कर्मचारियों को जागृत किया जाएगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी.

