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वन भूमि अतिक्रमण मामला, पार्षदों की टीम जाएगी सुप्रीम कोर्ट, अधिवक्ताओं से लेगी मशवरा

ऋषिकेश अतिक्रमण का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है. पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है.

Rishikesh municipal corporation
ऋषिकेश अतिक्रमण पर नगर निगम में आपातकाल बोर्ड बैठक (Photo-ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : January 4, 2026 at 12:22 PM IST

3 Min Read
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ऋषिकेश: वन भूमि पर बसे 12 वार्ड के लोगों के समर्थन में नगर निगम आता दिखाई दे रहा है. नगर निगम में आपातकाल बोर्ड बैठक बुलाई गई जिसमें सभी 40 वार्डों के पार्षद शामिल हुए, बैठक में कई अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई, चर्चा के बाद महापौर की अध्यक्षता में एक कमेटी भी गठित की गई, जो दिल्ली जाकर इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता से राय लेगी.

ऋषिकेश नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने बोर्ड बैठक खत्म होने के बाद मीडिया से बात करते हुए बताया कि बोर्ड बैठक में वन भूमि पर काबिज लोगों की समस्याओं को लेकर गहन चर्चा हुई. चर्चा के बाद कई निर्णय लिए गए हैं. नगर निगम का दावा है कि इन क्षेत्रों में हाउस टैक्स लागू करने की प्रक्रिया को भी नियमानुसार जल्द शुरू करने की कोशिश होगी. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने जो इन क्षेत्रों में निर्माण कार्य पर रोक लगाई है, उसकी वजह से बाधित हो रहे विकास कार्यों को फिर से शुरू करने पर भी बैठक में विचार विमर्श हुआ है.

पार्षदों की टीम सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं से लेगी मशवरा (Video-ETV Bharat)

नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम इस भूमि को डिफॉरेस्ट करने की मांग का प्रस्ताव शासन को भेजने की तैयारी में जुट गया है. जल्द ही यह प्रस्ताव एक कमेटी के माध्यम से सरकार को भेजा जाएगा. इसके अलावा नगर निगम पार्टी बनकर सुप्रीम कोर्ट में पैरवी के लिए सुप्रीमकोर्ट के वकील से सलाह लेने जा रहा है. 4 जनवरी को मेयर शंभू पासवान की अध्यक्षता में कुछ पार्षदों की टीम सुप्रीम कोर्ट जाएगी और तेज तर्रार अधिवक्ता से मामले में कानूनी जानकारी हासिल करेगी. उन्होंने बताया कि अधिवक्ता से मिलकर राय मशवरा लेने का जो भी शुल्क अधिवक्ता का होगा वह नगर निगम बोर्ड फंड से व्यय करेगा, किसी भी तरह का पैसा पब्लिक से नहीं लिया जाएगा.

बता दें की ऋषिकेश में वन भूमि अतिक्रमण मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने उत्तराखंड वन विभाग को आदेश देते हुए 5 जनवरी को रिपोर्ट सौंपने का आदेश जारी किया था. जिसके बाद वन विभाग अपनी कार्रवाई करने के लिए जमीनी स्तर पर कार्य शुरू करने के लिए जैसे ही गया उसका जमकर विरोध हुआ. विरोध भी हजारों की संख्या में लोग सड़क पर उतरे व हाईवे, ट्रेन जाम कर पथराव जैसी स्थिति पैदा हो गई थी.

हालांकि इन सभी के बीच भारी फोर्स के साथ वन विभाग में बापू ग्राम मीरा नगर शिवाजी नगर गुमानी वाला सहित कई क्षेत्रों में भूमि के नपाई की जहां पर भौतिक रूप से नपाई नहीं हो पाई. वहां पर ड्रोन से पैमाइश करने के बाद भूमि पर वन विभाग का बोर्ड लगा दिया. अब रिपोर्ट तैयार करने के बाद वन विभाग सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट सबमिट करने की तैयारी कर रहा है. अब इस मामले में 5 जनवरी यानी कल सोमवार को इस मामले में सुनवाई होनी है, अब देखना होगा की सुप्रीम कोर्ट का अगला फैसला क्या होता है. क्या कोर्ट से लोगों को राहत मिलेगी या फिर कोर्ट अपना कड़ा रुख अपनाते हुए कड़े फैसला सुनाता है.

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