बिहार में ट्रक ड्राइवर से रिश्वत में आलू मांगना पड़ा भारी, 11 होमगार्ड निलंबित
नवादा में होमगार्ड जवानों द्वारा एक ट्रक चालक से घूस के तौर पर आलू मांगने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है. पढ़ें खबर-

Published : December 22, 2025 at 3:28 PM IST
नवादा: बिहार के नवादा जिले में रजौली चेकपोस्ट पर तैनात होमगार्ड द्वारा आलू लदे ट्रक चालक से जबरन एक बोरी आलू मांगने और दुर्व्यवहार करने का मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने त्वरित एक्शन लिया. वीडियो में साफ तौर पर गृहरक्षक चालक को परेशान करते और धक्का-मुक्की करते नजर आ रहे हैं.
पुलिस अधीक्षक की त्वरित कार्रवाई: वीडियो वायरल होने के बाद नवादा के पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान ने मामले को गंभीरता से लिया. उन्होंने रजौली अंचल के पुलिस निरीक्षक को मौके पर जाकर जांच के निर्देश दिए. जांच टीम ने चितरकोली पोस्ट पर पहुंचकर साक्ष्यों का मिलान किया और पाया कि सभी ड्यूटी पर तैनात गृहरक्षक इस घटना में शामिल थे.
दोषी होमगार्ड जवानों के नाम: जांच में दोषी पाए गए गृहरक्षकों के नाम हैं शीतल कुमार, ईश्वरी प्रसाद, जवाहर प्रसाद, कन्हैया कुमार, अतीश कुमार, रघुनंदन प्रसाद, महेश कुमार, रणधीर कुमार, सुधीर कुमार, श्री यादव और मनोज कुमार. रिपोर्ट में इन सभी पर अनुशासनहीनता और अमर्यादित आचरण का आरोप लगा.
जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई: पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान की अनुशंसा और जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश ने बिहार गृहरक्षक नियमावली, 1953 के नियम-16 (1) (v) के तहत सभी 11 गृहरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. उन्हें अगले आदेश तक कर्तव्य से भी वंचित रखा गया है.
कब की है घटना: यह शर्मनाक घटना 24 नवंबर 2025 की रात करीब 10 से 11 बजे के बीच हुई. रजौली थाना क्षेत्र अंतर्गत चितरकोली पोस्ट पर ड्यूटी पर तैनात गृहरक्षकों ने आलू लदे वाहन को रोका और चालक से जबरन आलू की मांग की. जब चालक ने विरोध किया तो उन्होंने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और आगे बढ़ने पर धक्का-मुक्की की.
चालक की सूझबूझ से वीडियो वायरल: पीड़ित चालक ने अपनी सुरक्षा के लिए मोबाइल से पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया. जैसे ही वह वाहन आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा था, गृहरक्षकों ने उसे रोकने का प्रयास किया. हालांकि, चालक ने वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो तेजी से वायरल हो गया और पुलिस विभाग पर कार्रवाई का दबाव बना.
जीरो टॉलरेंस की नीति: जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कर्तव्य में लापरवाही, अवैध वसूली या आम जनता के साथ दुर्व्यवहार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. भविष्य में ऐसी घटनाओं पर और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी. यह कार्रवाई पुलिस विभाग की छवि सुधारने और जनता में विश्वास बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
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