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कोरबा के धोबीबारी में 50 हाथियों का उत्पात, कई घरों को पहुंचाया नुकसान, खा गए पीडीएस का राशन

कोरबा के कटघोरा वनमंडल में हाथियों के उत्पात से ग्रामीण परेशान हैं. 50 हाथियों का दल इलाके में घूम रहा है.

Elephant wreaks havoc in Katghora forest division of Korba
कोरबा के कटघोरा वनमंडल में हाथी ने मचाई तबाही (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : February 12, 2026 at 10:31 PM IST

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कोरबा: छत्तीसगढ़ के वनांचल जिले कोरबा में हाथियों की दहशत देखने को मिल रही है. कटघोरा वनमंडल में हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है. मौजूदा समय में यहां 50 हाथियों का दल घूम रहा है. जिससे गांव वालों की जिंदगी दूभर हो गई है. सभी ग्रामीण दहशत के साए में जीने को मजबूर हैं. पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के ग्राम पंचायत कटोरीनगोई के आश्रित ग्राम धोबीबारी में बीते 5-6 दिनों से हाथियों का उत्पात जारी है.

50 घरों को पहुंचाया नुकसान

हाथियों के दल ने ग्राम में धावा बोलकर कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचाया है. जिससे लगभग 10 परिवारो पर बेघर होने की नौबत आ गई है.पंडों, रजवार, गोंड और धोबी समुदाय के लोग अब मजबूरी में पेड़ के नीचे शरण लेने को मजबूर हैं. ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो सप्ताह से हाथियों का उत्पात जारी है.प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग हर रोज शाम के करीब 4 बजे के आसपास हाथियों का झुंड ग्राम में घुस जाता है और तबाही मचाता है. 11 फरवरी को हाथियों ने चार मवेशी को मार डाला. जिससे ग्रामीणों को भारी आर्थिक क्षति पहुंची है.

Elephant wreaks havoc in Korba
कोरबा में हाथी ने मचाई तबाही (ETV BHARAT)

हाथी के हमले में बाल बाल बची जान

ग्रामीणों ने बताया कि हाथी से जान बचाने के लिए उन्हें भागना पड़ा. तब कहीं जाकर हाथी ग्राम से हटे. ग्रामीणो ने बताया कि हाथियों के हमले से मवेशियों के साथ-साथ फसलें भी बर्बाद हो चुकी है. पीडीएस से मिला राशन भी खत्म हो गया है. जिससे गांव में खाने-पीने का संकट भी गहरा गया है. वन विभाग के अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया है. वन विभाग उचित कार्रवाई की बात कह रहा है.

Elephant destroyed several houses in Korba
कोरबा में हाथी ने कई घरों को तोड़ा (ETV BHARAT)

ग्रामीणों का वन विभाग पर आरोप

ग्रामीणों ने वन विभाग पर निष्क्रियता के संगीन आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि विभाग की कार्रवाई से न तो हाथी गांव से हट रहे हैं और न ही लोगों को सुरक्षा मिल पा रही है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और विकराल हो सकती है. जिससे जनहानि की भी संभावना है. गांव में दहशत और गुस्से का माहौल है. लोग प्रशासन और वन विभाग से सुरक्षा के साथ साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं.

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