टस्कर हाथी का आतंक, क्यारी गांव में किसानों की खड़ी फसल को रौंदा, ग्रामीणों का पीछा कर मचाई दहशत
रामनगर क्यारी गांव में हाथी किसानों की खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा रहा है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 26, 2026 at 8:48 AM IST
रामनगर: नैनीताल जिले के रामनगर के क्यारी गांव में इन दिनों टस्कर हाथी का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है. शाम होते ही हाथी आबादी के नजदीक पहुंचकर किसानों की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है. खासकर गेहूं की फसल को हाथी द्वारा लगातार रौंदे जाने से किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है.
जानकारी देते हुए क्यारी गांव के ग्राम प्रधान नवीन सती ने बताया कि पिछले कई दिनों से टस्कर हाथी नियमित रूप से खेतों की ओर आ रहा है और फसलों को नष्ट कर रहा है. उन्होंने बताया कि बीती देर रात एक बार फिर हाथी खेतों में घुस गया और गेहूं की फसल को बर्बाद करने लगा. इस दौरान ग्रामीणों ने एकजुट होकर शोर मचाकर और मशाल जलाकर हाथी को भगाने का प्रयास किया. हालांकि ग्रामीणों का प्रयास उस समय खतरनाक स्थिति में बदल गया, जब हाथी अचानक उग्र होकर ग्रामीणों की ओर दौड़ पड़ा. हाथी काफी दूर तक ग्रामीणों के पीछे भागा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों में चीख-पुकार शुरू हो गई. गनीमत रही कि हाथी कुछ दूरी पर पहुंचकर अचानक मुड़ गया, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया.
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. किसानों ने वन विभाग से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है और रात में नियमित गश्त बढ़ाने की अपील की है. वहीं वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और क्षेत्र में वनकर्मियों की गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही ग्रामीणों को सतर्क रहने और हाथी से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके.
क्यारी क्षेत्र से सटे टेढ़ा गांव में भी 1 मांह पूर्व हाथी के बढ़ते मूवमेंट ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है. इससे पूर्व जंगल में लकड़ी लेने गई एक महिला को हाथी ने दौड़ाकर घायल कर दिया था, जिसके बाद से ग्रामीणों में लगातार भय का माहौल बना हुआ है. वहीं क्यारी गांव में भी हाथी की सक्रियता के कारण ग्रामीण दहशत में हैं. एक ओर जहां हाथी किसानों की फसलों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर लोगों का जंगल और खेतों की ओर जाना भी जोखिम भरा हो गया है. वन विभाग के डीएफओ ध्रुव मर्तोलिया ने बताया कि क्षेत्र में लगातार गश्त बढ़ा दी गई है और टीम द्वारा ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके.
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