जैसलमेर: सोनार किले के लिए शुरू हुई इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट, 30 रुपए में पर्यटकों को मिलेगी सुविधा
सोनार किले की रिंग रोड पर इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट सेवा शुरू. तिपहिया वाहनों पर रोक की तैयारी.

Published : February 22, 2026 at 4:33 PM IST
जैसलमेर: स्वर्णनगरी जैसलमेर में पर्यटन को और अधिक आकर्षक तथा पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए एक नई पहल की शुरुआत हुई है. विश्व प्रसिद्ध सोनार किले की रिंग रोड पर इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट सेवा का शुभारंभ किया गया है. इस सेवा की शुरुआत विधायक छोटूसिंह भाटी, जिला कलेक्टर प्रताप सिंह और नगर परिषद आयुक्त लाजपाल सिंह सोढ़ा ने हरी झंडी दिखाकर की.
सोनार किले के आसपास बढ़ते यातायात और पर्यटन सीजन में आने वाली भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए यह वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था शुरू की गई है. नगर परिषद ने इस सेवा को लागू करने का फैसला लिया. गोल्फ कार्ट रिचार्जेबल बैटरियों से चलेंगी. इससे न केवल वायु प्रदूषण कम होगा, बल्कि ध्वनि प्रदूषण भी शून्य रहेगा. प्रशासन का मानना है कि यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल इस स्थल के संरक्षण के लिए प्रदूषण रहित परिवहन आवश्यक है.
इसे भी पढ़ें- स्वर्णनगरी जैसलमेर: 45 साल में गुमनामी से वैश्विक पर्यटन के शिखर तक
नगर परिषद आयुक्त लाजपाल सिंह सोढ़ा ने बताया कि गाइडलाइंस के मुताबिक, इस सेवा में कम से कम 10 और अधिकतम 40 गोल्फ कार्ट संचालित की जा सकेंगी. ये कार्ट नीरज चौक से अखे प्रोल तक पर्यटकों को ले जाएंगी, और रिंग रोड के पूरे घेरे में कहीं भी चढ़ने-उतरने की सुविधा उपलब्ध होगी. इससे पर्यटक किले के बाहरी दृश्यों और महत्वपूर्ण स्थलों को आसानी से देख सकेंगे.
30 रुपए रहेगा किराया: उन्होंने बताया कि पर्यटन सीजन में रोजाना हजारों पर्यटक यहां पहुंचते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम, पार्किंग की समस्या और तिपहिया वाहनों से अव्यवस्था बढ़ जाती है. सेवा शुरू होने के बाद रिंग रोड पर तिपहिया टैक्सियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की योजना है. गोल्फ कार्ट कम जगह लेती हैं, धीमी स्पीड से चलती हैं और पैदल यात्रियों तथा साइकिल सवारों के लिए ज्यादा सुरक्षित हैं. किराए की दरें भी तय कर दी गई हैं. पहले 10 रुपए प्रति सवारी का प्रस्ताव था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 30 रुपए प्रति व्यक्ति कर दिया गया है. यह सेवा निजी एजेंसी के माध्यम से चलेगी, जहां इच्छुक संचालक धरोहर राशि जमा करके और न्यूनतम बोली प्रक्रिया से अधिकार प्राप्त कर सकेंगे.

इसे भी पढ़ें- सोनार दुर्ग को लेकर हाईकोर्ट सख्त, किले और आसपास क्षेत्र में अतिक्रमण से नाराज
विधायक ने बताया अहम कदम: आयुक्त लाजपाल सिंह सोढ़ा ने बताया कि जैसलमेर का यह दुर्ग अपनी अनोखी वास्तुकला के लिए दुनिया भर में मशहूर है. पर्यटक यहां स्वच्छ, शांत और व्यवस्थित माहौल की उम्मीद करते हैं. इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट सेवा इस लक्ष्य को हासिल करने में मददगार साबित होगी. विधायक छोटूसिंह भाटी ने इस कदम को पर्यटन विकास और विरासत संरक्षण के लिए अहम बताया. उन्होंने कहा कि विकास और धरोहर के बीच संतुलन जरूरी है, ताकि भावी पीढ़ियां जैसलमेर की भव्यता को बरकरार रख सकें.

कुल मिलाकर, यह पहल न केवल पर्यटन अनुभव को बेहतर बनाएगी, बल्कि किले क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने और प्रदूषण कम करने में भी अहम भूमिका निभाएगी. स्वर्णनगरी अब परंपरा और आधुनिक तकनीक के संगम के साथ आगे बढ़ रही है, जहां विरासत की गरिमा भी सुरक्षित रहेगी और पर्यटकों को बेहतर सुविधा भी मिलेगी.
इसे भी पढ़ें- जैसलमेर के सोनार दुर्ग का भ्रमण कर अभिभूत हुईं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

