SIR में गड़बड़ी को लेकर चुनाव आयोग गंभीर, सीईओ बोले- BLO को लेना होगा बीएलए-2 से फॉर्म 7
झारखंड में एसआईआर प्रक्रिया में आ रही शिकायतों पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने स्थिति स्पष्ट की है. भुवन किशोर झा की रिपोर्ट.

Published : September 2, 2026 at 8:10 PM IST
रांची/गोड्डा/गढ़वा: गोड्डा सहित अन्य जिलों में बीएलओ द्वारा फॉर्म 7 एक साथ अधिक संख्या में नहीं लिए जाने का मामला प्रकाश में आने के बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने इसे गंभीरता से लिया है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार से जब इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस तरह की शिकायत पहले भी आई थी. इस तरह के मामले में बीएलए-2 द्वारा एक से अधिक फॉर्म-7 जमा किए जाने पर उन्हें घोषणा पत्र देना होगा और बीएलओ को फॉर्म लेना होगा. उन्होंने कहा कि इस संबंध में जिला निर्वाचन पदाधिकारी की रिपोर्ट भी आई है और कोई इश्यू नहीं है.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए बूथ लेवल एजेंट (BLA) की भूमिका और प्रक्रिया निर्धारित की गई है. आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अधिकृत बीएलए निर्धारित प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से संबंधित आवेदन प्रपत्र सामूहिक रूप से संबंधित बीएलओ के समक्ष जमा कर सकते हैं. प्राप्त आवेदन प्रपत्रों पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन व जांच के उपरांत संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी के स्तर से निर्णय लिया जाएगा.
उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन से पूर्व एक बीएलए प्रतिदिन अधिकतम 50 आवेदन प्रपत्र और प्रारूप प्रकाशन के बाद प्रतिदिन अधिकतम 10 आवेदन प्रपत्र बीएलओ को जमा कर सकते हैं. राज्य में प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन हो चुका है, इसलिए वर्तमान में अधिकृत बीएलए प्रतिदिन अधिकतम 10 आवेदन प्रपत्र संबंधित बीएलओ को सौंप सकते हैं.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि बीएलए द्वारा आवेदन प्रपत्र सामूहिक रूप से जमा करते समय आवेदन प्रपत्रों की सूची के साथ लिखित घोषणा/अंडरटेकिंग प्रस्तुत करना अनिवार्य है. इस घोषणा में बीएलए को यह प्रमाणित करना होगा कि उन्होंने संलग्न आवेदन प्रपत्रों में दिए गए विवरणों का व्यक्तिगत रूप से सत्यापन किया है और वे उनमें उपलब्ध कराई गई जानकारियों की शुद्धता से संतुष्ट हैं. घोषणा/अंडरटेकिंग में बीएलए का पूरा नाम, राजनीतिक दल का नाम, दिनांक और पूर्ण हस्ताक्षर अंकित किए जाएंगे.
उन्होंने कहा कि यदि किसी बीएलए द्वारा पुनरीक्षण की पूरी अवधि के दौरान 30 से अधिक आवेदन प्रपत्र जमा किए जाते हैं, तो संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी /सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी द्वारा उन आवेदनों का व्यक्तिगत रूप से क्रॉस-वेरिफिकेशन किया जाना आवश्यक होगा. इस व्यवस्था का उद्देश्य सामूहिक रूप से प्राप्त आवेदन प्रपत्रों की शुद्धता सुनिश्चित करना और मतदाता सूची की विश्वसनीयता बनाए रखना है.
बीएलए-2 को फॉर्म-7 जमा करना विशेषाधिकार-अमित मंडल
वहीं इस विवाद पर गोड्डा के पूर्व विधायक अमित मंडल ने कहा कि मामले को राजनीतिक विवाद का रूप दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि बीएलए-2 के द्वारा फॉर्म-7 जमा करना विशेषाधिकार है. उन्होंने कहा कि बीएलओ को पता नहीं रहता है कि किसी वोटर का झारखंड के अलावे बिहार, महाराष्ट्र और गुजरात में भी वोटरलिस्ट में नाम है. ऐसे में इन वोटरों की शिकायत करने का माध्यम फॉर्म-7 है, जो बीएलए-2 बीएलओ के पास जमा करते हैं. बीएलओ का कर्तव्य है कि उस फॉर्म को स्वीकार करें और अग्रेतर कार्रवाई के लिए आगे भेजें.
उन्होंने कहा कि अगर बीएलओ यह बताता है कि यह शिकायत सही है या गलत है तो जिला निर्वाचन पदाधिकारी स्तर से निर्णय लिया जाना है, मगर इस प्रक्रिया में जब बीएलओ बाधा डालते हैं तो वह चुनाव प्रक्रिया में बाधा पहुंचा रहे हैं. अमित मंडल ने मीडिया में फार्म-7 जलाए जाने की खबर को भ्रामक बताते हुए कहा कि इस तरह की कोई बात नहीं है बीएलओ के समक्ष फॉर्म 7 जमा किया जा रहा है और बीएलओ को उसे लेना होगा. उन्होंने कहा कि इस संबंध में चुनाव आयोग से भी शिकायत की गई है और हमें लगता है कि ऐसे बीएलओ के खिलाफ जिला निर्वाचन पदाधिकारी या बीडीओ स्तर से कार्रवाई होनी चाहिए.

गोड्डा में मतदाताओं को बरगलाकर फॉर्म 7 भरवाने का आरोप
झारखंड के गोड्डा में एसआईआर प्रक्रिया के तहत फर्जीवाड़ा कर कई मतदाताओं के नाम कटवाने की कोशिश का आरोप भाजपा के बूथ लेवल एजेंट पर लगा था. मामले को लेकर ग्रामीणों ने बसंतराय बीडीओ श्रीमान मरांडी को आवेदन भी दिया था. आरोप था कि जानबूझकर नाम कटवाने के उद्देश्य से कुछ मतदाताओं को बरगलाकर प्रपत्र 7 पर हस्ताक्षर ले लिए गए थे. शिकायत सुनने के बाद बीडीओ ने मामले में जांच की बात कही थी.
शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि बसंतराय प्रखंड के बेल्टीकरी गांव के कुछ मतदाताओं को यह कहकर फॉर्म भरवाया गया कि इसपर हस्ताक्षर कर वापस कर दें, नहीं तो वोटर लिस्ट से नाम कट जाएगा. इसपर कुछ लोगों ने प्रपत्र 7 भरकर दे दिया. फॉर्म भरने वाले कुल 25 मतदाता हैं.
25 ग्रामीणों के द्वारा फॉर्म 7 भरकर भाजपा के बूथ लेवल एजेंट को दे दिया गया था. भाजपा के बूथ लेवल एजेंट संजीव कुमार रोशन कुल 25 भरे हुए फॉर्म लेकर बीएलओ अनीसा बानो के पास पहुंचे, लेकिन बीएलओ ने फॉर्म रिसीव करने से इनकार कर दिया. साथ ही उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि फॉर्म में जिन लोगों के नाम हैं वो गांव में फिलहाल मौजूद हैं.
बीएलओ का बयान
इस संबंध में जब ईटीवी भारत ने BLO अनीसा बानो से बात की तो उन्होंने बताया कि उनके पास भाजपा के एजेंट भरे हुए कुल 25 प्रपत्र 7 लेकर आए थे, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया. जितने फॉर्म थे सभी एक खास समुदाय के मतदाताओं के थे.
भाजपा के एजेंट का बयान
बीडीओ से शिकायत करने के बाद ग्रामीण फॉर्म 7 उपलब्ध कराने वाले भाजपा एजेंट संजीव कुमार रोशन के घर पहुंचे और उन्हें खूब खरी-खोटी सुनाई. इस संबंध में जब ईटीवी भारत ने भाजपा के एजेंट संजीव कुमार रोशन से बात की तो उन्होंने कहा कि उन्हें फॉर्म पूर्व विधायक अमित मंडल ने उपलब्ध कराया था. विधायक ने कहा था कि सभी फॉर्म पर हस्ताक्षर करा कर जमा करवाना है. एजेंट के अनुसार, उन्होंने फॉर्म को नहीं पढ़ा था. साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे फॉर्म भाजपा के कई कार्यकर्ताओं को दिए गए हैं. वहीं मामला अब राजनीतिक रूप से तूल पकड़ने लगा है.
क्या कहते हैं पूर्व विधायक
वहीं मामले को लेकर जब ईटीवी भारत ने गोड्डा के पूर्व विधायक अमित मंडल से बात की तो उन्होंने कहा कि मेरे कार्यकर्ताओं को डराया-धमकाया जा रहा है. साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी कार्यकर्ता संवैधानिक तरीके से एसआईआर में सहयोग कर रहे हैं.
गढ़वा में बड़ी संख्या में भरे हुए प्रपत्र 7 बरामद
इधर, गढ़वा जिले के रंका प्रखंड के खपरो गांव में बड़ी संख्या में भरे हुए प्रपत्र-7 मिलने से प्रशासन हरकत में आ गया है. एक आम व्यक्ति के पास बड़ी संख्या में प्रपत्र-7 मिलने की सूचना के बाद प्रशासन टीम मौके पर पहुंची और सभी फॉर्म को जब्त कर लिया. मामले में रंका एसडीएम मोहम्मद परवेज आलम ने संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
दरअसल, ग्रामीणों के माध्यम से प्रशासन को सूचना मिली थी कि शिव प्रसाद सोनी नाम के व्यक्ति के पास बड़ी संख्या में पहले से भरे हुए प्रपत्र-7 मौजूद हैं. सूचना मिलते ही रंका अनुमंडल पदाधिकारी मोहम्मद परवेज आलम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई का निर्देश दिया.
एसडीएम मोहम्मद परवेज आलम ने बताया कि एसआईआर का कार्य निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है. मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान प्रपत्र-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची से नाम हटाने या संबंधित आपत्तियों के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाता है. ऐसे में किसी आम व्यक्ति के पास बड़ी संख्या में पहले से भरे हुए प्रपत्र-7 का मिलना प्रशासन के लिए गंभीर विषय है.
प्रपत्रों पर बीएलओ के हस्ताक्षर नहीं
एसडीएम ने बताया कि संबंधित प्रपत्रों पर बीएलओ के हस्ताक्षर नहीं पाए गए हैं. एक व्यक्ति के पास इतनी बड़ी संख्या में भरे हुए प्रपत्र-7 मिलने से एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है. साथ ही इससे आम मतदाताओं के बीच भी गलतफहमी फैलने और मतदाता सूची के पुनरीक्षण की पारदर्शिता प्रभावित होने की आशंका है.
एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता सूची का शुद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी होना बेहद महत्वपूर्ण है. इसलिए पुनरीक्षण कार्य में किसी भी तरह की अनियमितता, भ्रम या निर्धारित प्रक्रिया के उल्लंघन को प्रशासन गंभीरता से लेगा और कार्रवाई की जाएगी.
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