पहाड़ी नदी बरदहा की बाढ़ में फंसे बुजुर्ग; तेज बहाव देख सहमे लोग, 11 घंटे बाद सफल रेस्क्यू
तेज बहाव के कारण रेस्क्यू में काफी दिक्कतें आईं, लेकिन ग्रामीणों के सहयोग से अभियान सफल रहा.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 30, 2026 at 8:24 AM IST
चित्रकूट: बरदहा नदी के तेज उफान के बीच रानीपुर निवासी 65 वर्षीय चंद्रिका प्रसाद यादव नदी के टापू पर फंस गए. वह अपनी भैंस की तलाश में गए थे. अचानक नदी का पानी बढ़ और तेज धारा देखकर वह सहम गए. वह टापू पर एक पेड़ पर चढ़ गए और मोबाइल से घरवालों को बताया.
इसके बाद पुलिस और फायर सर्विस के साथ मिलकर ग्रामीणों ने रेस्क्यू लांच किया. करीब 11 घंटे की मशक्कत के बाद चंद्रिका यादव को सकुशल नदी की धारा से बाहर निकाल लिया गया.
ग्रामीणों ने बताया कि चित्रकूट में लगातार हो रही बारिश से सभी नदियां उफान पर हैं. मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश सीमा के रानीपुर टाइगर रिजर्व क्षेत्र से बहने वाली बरदहा नदी भी रौद्र रूप में है. बीते 10 दिनों से जारी बारिश के कारण क्षेत्र के अधिकांश बांध भर चुके हैं. उनका ओवरफ्लो पानी बरदहा नदी में पहुंच रहा है.
शनिवार को डोंडामाफी गांव के पास स्थित डोंडा बांध का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से पानी तेज बहाव के साथ बरदहा नदी में पहुंचा, जिससे नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया.
इसी दौरान रानीपुर गांव निवासी 65 वर्षीय चंद्रिका प्रसाद यादव अपनी भैंसों को ढूंढने नदी के बीच बने टापू पर पहुंच गए. पुल के बाद बरदहा नदी का पाट चौड़ा होने के कारण बीच में टापू जैसा स्थान बन गया है, जहां ग्रामीणों के पशु पानी और हरे चारे के लिए जाते हैं.
चंद्रिका प्रसाद शनिवार सुबह करीब 7 बजे अपनी भैंस खोजने वहां गए थे. इसी बीच अचानक नदी में बाढ़ आ गई और वह चारों तरफ पानी से घिर गए. बढ़ते जलस्तर को देखते हुए चंद्रिका प्रसाद ने पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई.
उनके पास मोबाइल फोन होने का फायदा मिला. उन्होंने पुलिस अधिकारियों, परिजनों और ग्रामीणों को फोन करके बाढ़ के बीच फंसे होने की जानकारी दी. सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू का प्रयास शुरू किया.
मौके पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी मऊ फाहिद अली ने रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाली. तेज बहाव के कारण टीम को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. करीब 20 से 25 फीट तक पानी बह रहा था. नदी में पत्थर और बड़ी-बड़ी लकड़ियां बहकर आने से रेस्क्यू करना जोखिम भरा था.
कई घंटे की मशक्कत के बाद जलस्तर कुछ कम हुआ, जिसके बाद फायर सर्विस, पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों की टीम ने रस्सियों के सहारे चंद्रिका प्रसाद को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
फायर सर्विस मानिकपुर के फायरमैन नरेंद्र यादव ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंच गई थी. तेज बहाव के कारण रेस्क्यू में काफी दिक्कतें आईं, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग और क्षेत्राधिकारी फाहिद अली के निर्देशन में अभियान सफल रहा.
यह भी पढ़ें: छिनता बचपन, बिगड़ते समीकरण: जेन-जी और जेन-अल्फा को ऑनलाइन चक्रव्यूह से कैसे बचाएं?

