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देश में सबसे अधिक टाइगर वाले प्रदेश में इतनी मौतें कैसे, बांधवगढ़ में बाघों की मौतों पर स्टेटस रिपोर्ट पेश

टाइगर्स की लगातार मौत के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ में हुई सुनवाई, स्टेटस रिपोर्ट में बताए गए कारण

Eight tigers died in Bandhavgarh highcourt hearing
वर्ष 2025 में सबसे अधिक टाइगरों की मौतें (Getty Images)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : February 25, 2026 at 9:34 PM IST

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Updated : February 25, 2026 at 9:41 PM IST

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जबलपुर : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के निर्देश पर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर द्वारा टाइगरों की मौत के संबंध में स्टेटस रिपोर्ट पेश कर दी गई है. रिपोर्ट में बताया गया है कि विगत 21 नवम्बर से 2 फरवरी तक कुल आठ टाइगरों की मौत हुई है, जिसमें चार टाइगरों की मौत आपसी संघर्ष, कुएं में डूबने से और एक प्राकृतिक रूप से हुई जबकि चार टाइगरों की मौत करंट लगने के कारण हुई थी. करंट लगने की सभी घटना सामान्य वन्य क्षेत्र में घटित हुई हैं.

देश में सबसे अधिक टाइगर वाला प्रदेश, फिर भी इतनी मौतें

भोपाल निवासी वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे की ओर से इस संबंध में याचिका दायर की गई थी. याचिका में कहा गया था कि दुनिया में टाइगर की कुल आबादी 5,421 है, जिसमें से भारत में 3167 टाइगर हैं और देश में सबसे अधिक टाइगर मध्य प्रदेश में 785 टाइगर हैं. टाइगर स्टेट होने के बावजूद भी साल 2025 में मध्य प्रदेश में 54 टाइगर की मौत हुई हैं. प्रदेश में साल 2022 में 43 मौतें, साल 2023 में 45 मौतें और साल 2024 में 46 मौतें हुई थीं.

Bandhavgarh Field director submits reports in highcourt
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (Etv Bharat)

वर्ष 2025 में सबसे अधिक टाइगरों की मौतें

याचिका में आगे कहा गया कि देश में टाइगर प्रोजेक्ट की शुरुआत वर्ष 1973 में हुई थी. प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद प्रदेश में सबसे अधिक टाइगरों की मौत साल 2025 में हुई. सरकारी घोषणा बाघों की संख्या में बढ़ोतरी की तारीफ कर रही हैं. लेकिन जंगलों में बाघ रहस्यमयी और अक्सर संदिग्ध हालात में मर रहे हैं. याचिका में कहा गया था कि वन अधिकारियों बाघों की मौतों को वजह इलाके की लड़ाई में आपसी संघर्ष बताते हैं, वहीं वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट का मानना है कि प्रदेश में बाघों के साथ ही बड़ी संख्या में तेंदुए भी मर रहे हैं. बिजली के तारों का इस्तेमाल करके रिजर्व के अंदर शिकारी काम कर रहे हैं और वन विभाग का सर्विलांस और इंटेलिजेंस सिस्टम फेल हो रहा है.

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25 मार्च को होगी अगली सुनवाई

पिछली सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया था कि इस साल प्रदेश में 10 टाइगरों की मौत हुई है, जिसमें से 7 टाइगरों की मौत बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हुई है. इनमें से अधिकांश मौत करंट व अन्य अप्राकृतिक कारण से हुई है. युगलपीठ ने सुनवाई के बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर को टाइगरों की मौत के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे. याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी द्वारा पैरवी की गई. याचिकाकर्ताओं को स्टेटस रिपोर्ट पर अपना जवाब पेश करने के निर्देश जारी करते हुए अगली सुनवाई 25 मार्च को निर्धारित की गई है.

Last Updated : February 25, 2026 at 9:41 PM IST