खाटूश्यामजी फाल्गुनी लक्खी मेला आज से, 8 दिन नजर आएगा आस्था का सैलाब, जानें भक्तों के लिए क्या रहेगा खास
सीकर के मशहूर खाटू श्याम फाल्गुनी मेले का आज से आगाज हो रहा है. 35 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान.

Published : February 21, 2026 at 11:07 AM IST
जयपुर/ सीकर: राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी में आज से आठ दिवसीय वार्षिक फाल्गुनी लक्खी मेला विधिवत रूप से शुरू होगा. 21 से 28 फरवरी तक इस भव्य आयोजन में इस बार लगभग 35 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है. श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या को देखते प्रशासन, मंदिर कमेटी और राजस्थान पुलिस ने सुरक्षा, यातायात, दर्शन व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रतिक्रिया को लेकर बहुस्तरीय रणनीति लागू की है. पूरे आयोजन में आधुनिक तकनीक, रियल-टाइम निगरानी और भीड़ के वैज्ञानिक प्रबंधन पर विशेष फोकस रखा गया है ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुव्यवस्थित रहे.
आयोजन का धार्मिक महत्व और मुख्य तिथियां: मेला धार्मिक दृष्टि से वर्ष का सबसे बड़ा आयोजन माना जाता है. 27 फरवरी को एकादशी को सुबह 10:30 बजे भव्य रथयात्रा निकलेगी, जो मंदिर से शुरू होकर निर्धारित मार्गों से होते मंदिर पहुंचेगी. रथयात्रा मार्ग के संवेदनशील और संकरे हिस्सों पर विशेष बैरिकेडिंग, मजिस्ट्रेट तैनाती और अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है. इस दिन भीड़ का दबाव अत्यधिक रहने की संभावना के चलते विशेष डायवर्जन प्लान लागू रहेगा.
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सुरक्षा का मजबूत मेगा प्लान: मेले में सुरक्षा व्यवस्था इस बार अब तक की सबसे व्यापक बताई जा रही है. सीकर के पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत ने बताया कि सुरक्षा में इस बार 6500 पुलिसकर्मी तैनात होंगे. मेले में 350 सीसीटीवी कैमरे की मदद से निगरानी रखी जाएगी. होमगार्ड , स्काउट गाइड और वालंटियर भी पूरे मेले में सक्रिय नजर आएंगे. आने वाले श्रद्धालुओं की मदद के लिए पुलिस ने 12 सहायता बूथ तैयार किए हैं. साथ ही हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं.
खाटू श्याम जी आने वाले सभी श्रद्धालुओं से विनम्र अनुरोध है —
— Rajasthan Police (@PoliceRajasthan) February 21, 2026
* निर्धारित मार्ग का ही उपयोग करें
* केवल अधिकृत पार्किंग में ही वाहन खड़ा करें
* अपनी पार्किंग पहचानने हेतु QR कोड अवश्य स्कैन करें
आपका सहयोग ही सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन सुनिश्चित करता है।
शांति रखें •… pic.twitter.com/Cn6EgSVffN
लगातार 192 घंटे देंगे दर्शन: श्रीश्याम मंदिर कमेटी के अध्यक्ष शक्ति सिंह चौहान ने बताया कि सुबह मंदिर के पट खुलने के बाद से बाबा श्याम नित्य नए शृंगार के साथ भक्तों को लगातार 192 घंटे दर्शन देंगे. बाबा का दरबार भगवान शिव के 11 हजार डमरू एवं देश-विदेश से मंगवाए 108 तरह के फूलों से सजाया गया है. मंदिर के मुख्य द्वार पर करीब 20 फीट ऊंचा डमरू बनाया है. मेले में खास बात इस बार 44 एलईडी स्क्रीन है, जिन पर दर्शन की अनुमानित प्रतीक्षा अवधि, पार्किंग सुरक्षा निर्देश, उपलब्धता, आपातकालीन नंबर, आरती समय और मौसम अलर्ट प्रदर्शित होंगे.

10 फीट की मूर्ति मोहेगी मन: चौहान ने बताया कि श्याम दरबार में भगवान श्रीकृष्ण की करीब 10 फीट की मूर्ति मन मोहेगी. श्यामवर्ण इस मूर्ति में श्रीकृष्ण बांसुरी बजाते नजर आएंगे. हरे, लाल व नीले रंग में मोतियों वाले मुकुट और गले में वैजयंती माला पहने हैं. भोलेनाथ के 12 ज्योतिलिंगों के अलावा यहां पुरी के भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा, अयोध्या के राम दरबार, कोलकाता की मां दुर्गा व वृंदावन से भगवान श्रीकृष्ण सहित देशभर के विभिन्न धार्मिक स्थलों के आराध्य देव भी झांकी भी रहेगी.

श्रद्धालुओं के लिए यह जानना जरूरी
- 6500 पुलिसकर्मी तैनात
- 350 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी
- होमगार्ड, स्काउट-गाइड और वॉलंटियर सक्रिय
- 12 पुलिस सहायता बूथ (वायरलेस + लैंडलाइन)
- हेल्पलाइन: 112 और 9667600788 (24×7)
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#सीकर
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🔸श्रीमान महानिरीक्षक पुलिस रेंज जयपुर, श्रीमान पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत ने बाबा श्याम के वार्षिक फाल्गुनी लक्खी मेले की व्यवस्थाओं एवं मेला ड्यूटी के संबंध में अधिकारियों/कर्मचारियों ब्रीफ कर दिए आवश्यक दिशा निर्देश#खाटूश्यामजी_मेला#खाटू_मेला#khatushyamji pic.twitter.com/mhaH8chapN
पुलिस के 12 बूथ करेंगे मदद: एसपी नूनावत ने बताया कि सहायता बूथ खोए हुए परिजन, सामान या किसी आपात स्थिति में तत्काल सहायता देने के लिए बनाए गए हैं. प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालु भीड़ में भी सुरक्षित और आश्वस्त महसूस करें.
डीजीपी की अपील और सामाजिक अभियान: राज्य के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे निर्धारित मार्गों और पार्किंग जोन का पालन करें. अनुशासन बनाए रखें. पुलिस का सहयोग करें.पुलिस का प्रयास है कि हर श्रद्धालु का अनुभव सुखद और यात्रा यादगार बने. साथ ही निर्देश दिए कि होल्डिंग एरिया में नशामुक्ति शपथ दिलाई जाए. साइबर अपराध जागरूकता अभियान चलाया जाए. उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया जाए.
#सीकर
— Sikar Police (@SikarPolice) February 20, 2026
🔸खाटू श्याम मंदिर मेले में पधारने वाले श्रद्धालुओं हेतु आवश्यक सूचना
▪️🔹 बच्चों व बुजुर्गों को अकेला न छोड़ें।
🔹 बच्चों की जेब में नाम, पता व मोबाइल नंबर की पर्ची रखें।
🔹 भीड़-भाड़ में मोबाइल, पर्स व कीमती सामान सुरक्षित रखें।
🔹 अनजान व्यक्ति से कोई खाद्य पदार्थ न लें। pic.twitter.com/E4r8ACrWXU
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पदयात्रियों के लिए विशेष कॉरिडोर: रींगस से खाटू तक पैदल आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 17 किलोमीटर लंबा विशेष पैदल कॉरिडोर बनाया गया है. अत्यधिक भीड़ की स्थिति में रींगस-खाटू रोड पर 40 बीघा क्षेत्र में नया होल्डिंग एरिया तैयार किया है, जहां ब्लॉक सिस्टम से भीड़ को नियंत्रित किया जाएगा. मांगीलाल धर्मशाला से रूलानिया ढाणी होते हुए अतिरिक्त जिगजैग मार्ग बनाया है, जो लखदातार ग्राउंड से प्रवेश दिलाएगा. कई स्थानों पर फुटब्रिज बनाए गए हैं ताकि पैदल और वाहन यातायात अलग-अलग संचालित हो सके.
वीआईपी दर्शन बंद: व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कई प्रतिबंध लागू किए हैं. वीआईपी दर्शन पूरी तरह से बंद रहेंगे. मंदिर परिसर में डीजे, इत्र की बोतल और कांटेदार गुलाब पर रोक रहेगी. इस बार श्रद्धालुओं की ओर से लाया जाने वाला ध्वज 8 फीट से ज्यादा ऊंचाई वाला नहीं होगा. मेले के दौरान खाटू कस्बे के साथ रींगस रोड को नो व्हीकल जॉन घोषित किया है. आने वाले श्रद्धालु मंदिर में चारण मैदान से लखदातार मैदान तक 14 लाइनों के जरिए दर्शन कर सकेंगे.
यह भी जानें
- वीआईपी दर्शन पूर्णतः बंद
- डीजे, इत्र की शीशी, कांटेदार गुलाब प्रतिबंधित
- निशान/ध्वज 8 फीट से ऊंचा नहीं
- खाटू कस्बा और रींगस रोड नो-व्हीकल जोन
- दर्शन 14 लाइनों से चारण मैदान–लखदातार मैदान– 40 फीट रास्ता मार्ग से
पार्किंग और ट्रैफिक का स्मार्ट मॉडल: हर दिन लगभग 25 हजार वाहनों के आगमन को ध्यान में रखते हुए चार बड़े नि:शुल्क पार्किंग स्थल बनाए गए हैं. इन्हें रंग-कोडेड जोन में विभाजित किया है. इसमें बावन बीघा पार्किंग को पीले, सांवलपुरा पार्किंग को हरा, लामिया रोड पार्किंग को नीला और दांतारामगढ़ पार्किंग को गुलाबी रंग कोड दिया है. इनके QR कोड तैयार कर प्रसारित किए जा रहे हैं ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालु आसानी से अपने वाहन यहां पार्क कर सकें. साथ ही चारों पार्किंग पर इन्हीं के कोड रंगों वाले बड़े बैलून लगाए जा रहे, ताकि दूर से ही श्रद्धालु दिशा को जान सकें.
रंग-कोडेड पार्किंग सिस्टम
- बावन बीघा-पीला
- सांवलपुरा-हरा
- लामिया रोड-नीला
- दांतारामगढ़-गुलाबी
प्रवेश-निकास मार्ग योजना: मेले में श्रद्धालुओं के वाहनों के प्रवेश और निकास के अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं. जयपुर/रींगस मार्ग पर छोटे वाहन शाहपुरा कट (NH-52) से मुख्य पार्किंग जाएंगे. रोडवेज और रुट की बसें हनुमान वाटिका (चौमूं बाइपास) से बस स्टैंड पहुंचेंगी. निकास हनुमानपुरा तिराहा होते हुए मण्ढ़ा तिराहा पर होगा. सीकर/पलसाना मार्ग पर वाहन सांवलपुरा पुलिया से किसान गौशाला पार्किंग पहुंचेंगे. इनका निकास अलोदा-गोवटी रोड की तरफ से होगा. खाटूश्यामजी कस्बा और रींगस रोड को पूर्णतः नो व्हीकल जोन घोषित किया गया है. ताकि पैदल यात्रियों को परेशानी न हो. आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेले में 2000 ई रिक्शा 25 रुपए किराए के हिसाब से उपलब्ध रहेंगे. साथ ही पर्याप्त पेयजल मेडिकल सुविधा और साफ सफाई की व्यवस्था रहेगी.

ट्रैफिक अपडेट सुविधा: गुमशुदा व्यक्तियों और सामान की जानकारी लाइव प्रसारित की जाएगी. साथ ही क्यूआर कोड आधारित मार्गदर्शन प्रणाली श्रद्धालुओं की आसान पहुंच में मदद करेगी. राजस्थान पुलिस के सोशल मीडिया पर रीयल-टाइम ट्रैफिक अपडेट की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी.
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भीड़ में सुरक्षित रहने के नियम: खाटूश्याम मंदिर मेले में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुरक्षा निर्देश जारी किए. अपील की कि बच्चे और बुजुर्गों को अकेला न छोड़ें. बच्चों की जेब में पहचान पर्ची रखें. भीड़ में मोबाइल व कीमती सामान सुरक्षित रखें. अनजान व्यक्तियों से खाद्य पदार्थ न लेने, संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करने और लावारिस वस्तु को न छूने की सलाह दी गई है. प्रशासन ने वाहनों को निर्धारित पार्किंग में खड़ा करने, ट्रैफिक नियमों का पालन करने, अफवाहों से बचने और किसी भी हथियार या ज्वलनशील वस्तु मेले में न लाने के निर्देश दिए हैं. ऑनलाइन दान के नाम पर ठगी से सावधान रहने और आपात स्थिति में 112 पर संपर्क करने को कहा गया है. पुलिस ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि उनकी सतर्कता ही उनकी सुरक्षा है.

श्रद्धालुओं को दी हिदायत
- बच्चों की जेब में पहचान पर्ची रखें
- बुजुर्गों को अकेला न छोड़ें
- संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को बताएं
- लावारिस वस्तु न छुएं
- अनजान से खाद्य पदार्थ न लें
- अफवाहों पर ध्यान न दें
- हथियार/ज्वलनशील वस्तु न लाएं
- ऑनलाइन दान ठगी से सावधान रहें
व्यवस्थित आयोजन: खाटू के फाल्गुनी लक्खी मेला 2026 को लेकर प्रशासन ने जिस स्तर की तैयारी की है, वह इसे देश के सबसे व्यवस्थित धार्मिक आयोजनों में शामिल करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. व्यापक सुरक्षा तंत्र, तकनीकी निगरानी, वैज्ञानिक ट्रैफिक प्लान, हेल्पलाइन नेटवर्क और जनसहभागिता मॉडल इस आयोजन को सुरक्षित, सुचारु और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने की कोशिश है.
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