शिक्षा मंत्री का स्कूलों का औचक निरीक्षण: स्कूल से प्रिंसिपल गायब, 700 की आबादी में महज 32 छात्र
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अनुपस्थित पाए गए शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए.

Published : April 22, 2026 at 7:01 PM IST
श्रीगंगानगर: जिले के सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत उस वक्त खुलकर सामने आ गई, जब शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने बुधवार को सूरतगढ़ क्षेत्र के 3HH, 1DBN और 44 LLW विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया. कहीं प्रिंसिपल और शिक्षक बिना अनुमति गायब मिले, तो कहीं 700 की आबादी वाले गांव में महज 32 छात्रों का नामांकन देखने को मिला. इतना ही नहीं, छात्रों का शैक्षणिक स्तर कमजोर और स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की कमी भी उजागर हुई. इस पूरी स्थिति पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई.
बिना अवकाश स्वीकृति प्रिंसिपल अनुपस्थित: जिले के दौरे पर पहुंचे शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने सूरतगढ़ क्षेत्र के राजकीय विद्यालय 3HH का औचक निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत परखी. निरीक्षण के दौरान स्कूल में भारी लापरवाही सामने आई. विद्यालय के प्रिंसिपल गिरजा शंकर बिना अवकाश स्वीकृति के अनुपस्थित मिले, जबकि दो अन्य शिक्षक भी बिना अनुमति गैरहाजिर पाए गए. इस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए.
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700 की आबादी पर छात्र संख्या कम: विद्यालय में कक्षा 1 से 8 तक मात्र 32 विद्यार्थियों का नामांकन मिलने पर मंत्री ने हैरानी जताई. करीब 700 की आबादी वाले गांव में इतनी कम छात्र संख्या को लेकर उन्होंने स्टाफ से जवाब मांगा. जानकारी में सामने आया कि स्कूल में 6 शिक्षक तैनात हैं, इसके बावजूद छात्रों का शैक्षणिक स्तर बेहद कमजोर है.

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विद्यार्थियों के जवाब संतोषजनक नहीं: मंत्री ने कक्षा 8 के पांच विद्यार्थियों को बुलाकर उनके ज्ञान की जांच की. उन्होंने एक छात्र से सरल गणित का सवाल पूछा, '49 में 2 जोड़ेंगे तो कितना होगा?' जिस पर छात्र ने 60 जवाब दिया. यह सुनकर मंत्री स्पष्ट रूप से असंतुष्ट नजर आए और शिक्षकों को फटकार लगाते हुए कहा कि जब कक्षा आठ का छात्र साधारण जोड़ तक नहीं कर पा रहा, तो पढ़ाई की स्थिति बेहद चिंताजनक है. अन्य विद्यार्थियों के जवाब भी संतोषजनक नहीं मिले. निरीक्षण के दौरान कक्षा 7 में केवल तीन छात्र ही मौजूद मिले. इस पर मंत्री ने सीडीईओ अरविंदर सिंह से सवाल किया कि स्कूलों का नियमित निरीक्षण क्यों नहीं हो रहा. अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया. उल्लेखनीय है कि प्रिंसिपल गिरजा शंकर पिछले 9 वर्षों से इसी विद्यालय में पदस्थापित हैं.

शौचालयों की व्यवस्था खराब: इसके बाद मंत्री ने 1DBN विद्यालय का भी निरीक्षण किया, जहां आधारभूत सुविधाओं की कमी सामने आई. विद्यालय परिसर में साफ-सफाई संतोषजनक नहीं थी और शौचालयों में पानी की व्यवस्था नहीं पाई गई. दौरे के दौरान पंचायत समिति ताखरावाली के गांव 44 LLW स्थित विद्यालय में भी मंत्री पहुंचे. यहां शौचालयों की स्थिति बेहद खराब मिली. पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी और छात्र-छात्राओं के शौचालयों पर गलत संकेतक लगे हुए थे. छात्रा शौचालय के बाहर 'छात्र' और छात्र शौचालय के बाहर 'छात्रा' लिखा मिला. मंत्री ने इन सभी खामियों पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को तुरंत सुधार के निर्देश दिए और कहा कि शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

