हिमाचल में क्यों गर्ल्स और बॉयज स्कूलों को किया जा रहा मर्ज? शिक्षा मंत्री ने बताई वजह
हिमाचल में 3 सालों में राज्य सरकार ने 1300 प्राइमरी स्कूलों को मर्ज किया है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 22, 2026 at 12:02 PM IST
मंडी: हिमाचल प्रदेश में जिस भी शहर या जगह पर गर्ल्स और बॉयज स्कूल अलग-अलग हैं और प्रदेश सरकार उन्हें सीबीएसई बोर्ड के अधीन एक साथ लाने जा रही है. वहां पर उन स्कूलों को पहले को-एजुकेशन के दायरे में लाया जाएगा. इस संदर्भ में शिक्षा विभाग ने आदेश भी जारी कर दिए हैं. मंडी में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि इसके पीछे सरकार की मंशा यह है कि एक स्कूल को सीबीएसई बोर्ड के अधीन रखा जाए और दूसरे स्कूल को एचपी बोर्ड के अधीन, ताकि बच्चे अपनी इच्छा और सुविधानुसार अपने बोर्ड का चयन करके शिक्षा ग्रहण कर सकें.
तीन सालों में सरकार ने मर्ज किए 1300 प्राइमरी स्कूल
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि पिछले तीन सालों में प्रदेश सरकार ने 1300 प्राइमरी स्कूलों को मर्ज किया है. ऐसा इसलिए किया गया, क्योंकि अधिकतर स्कूलों में बच्चे ही नहीं थे और जहां कम बच्चे थे, उन्हें दूसरों स्कूलों में मर्ज कर दिया गया है. स्कूल मर्ज की यह प्रक्रिया केंद्र सरकार भी अपना रही है और अभी तक देश भर में 90 हजार स्कूलों को मर्ज किया जा चुका है.
"बीते 20-22 सालों में सरकारी स्कूलों में दाखिले की संख्या में भारी कमी आई है. हालांकि वर्थ रेट की कमी भी इसका एक प्रमुख कारण है. आंकड़ों के अनुसार 20 साल पहले 1 से 8 कक्षा तक 9 लाख 71 हजार दाखिले रहते थे, जबकि आज यह संख्या घटकर 4 लाख 2 हजार पर आ गई है." - रोहित ठाकुर, शिक्षा मंत्री
भाजपा ने गर्ल स्कूल विलय का किया विरोध
वहीं, बिलासपुर में इस फैसले को लेकर विरोध जताया जा रहा है. शनिवार को सदर विधायक त्रिलोक जम्वाल की अध्यक्षता में भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर गर्ल स्कूल बंद करने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया और अधिसूचना को तुरंत वापस लेने की मांग उठाई. भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय से डीसी बिलासपुर कार्यालय तक रोष रैली निकाली. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि गर्ल स्कूल का अन्य स्कूलों में विलय करना गरीब परिवार की बेटियों की शिक्षा पर सीधा प्रहार है. प्रदर्शन के बाद भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने डीसी बिलासपुर राहुल कुमार के जरिए सीएम सुक्खू को ज्ञापन सौंपकर फैसले पर पुनर्विचार की मांग की.
सदर विधायक त्रिलोक जम्वाल ने कहा, "18 फरवरी 2026 को जारी नोटिफिकेशन के जरिए गर्ल स्कूल का विलय पीएम श्री मुख्यमंत्री आदर्श राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बिलासपुर में करने का फैसला लिया गया है. जिसका भाजपा कड़ा विरोध करती है. ये स्कूल पिछले करीब 74 सालों से जिले की बेटियों को शिक्षा प्रदान कर रहा है. इसका इतिहास बिलासपुर की पहचान से जुड़ा हुआ है. सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाए पुराने और ऐतिहासिक संस्थानों को समाप्त करने की दिशा में कदम उठा रही है. अगर अधिसूचना वापस नहीं ली गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा."

