शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बेटे का चेयरमैन बनने का सपना टूटा, वोटर बनने का आवेदन निरस्त
मंत्री पुत्र पवन दिलावर ने चुनाव लड़ने से इनकार किया है. उनके चाचा कृष्ण मुरारी के चुनाव लड़ने की चर्चा है.

Published : August 27, 2026 at 3:39 PM IST
बारां: शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बेटे पवन दिलावर का नगर पालिका के वार्ड 21 में वोटर बनने के लिए किया आवेदन एसडीएम ने निरस्त कर दिया. मंत्री दिलावर के पुत्र पवन और उनकी पत्नी हेमलता ने 21 अगस्त को बस स्टैंड के पास मकान नंबर 10 का पता देकर 6 माह से रहने का दावा किया था. जांच में पते पर निवास की पुष्टि नहीं हुई. इसके बाद आवेदन खारिज कर दिया गया.
अटरू नगर पालिका चेयरमैन पद एससी वर्ग के लिए आरक्षित होने के कारण पवन दिलावर की वहां से चुनाव लड़ने की तैयारी थी.दोनों ने वार्ड 21 की भाग संख्या-1 में नाम जोड़ने के लिए आवेदन किया था, जिसमें बस स्टैंड के पास मकान नंबर 10 का पता दर्ज था. उपखंड अधिकारी अंजना सहरावत ने बताया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए कुल 326 आवेदन आए थे. जांच में 20 आवेदन निरस्त हुए, जिनमें पवन और हेमलता के भी हैं. आवेदन में दिए पते पर संदेह होने पर पांच सदस्यीय कमेटी से जांच कराई गई. कमेटी ने मौके पर जाकर आसपास के पांच मकानों के लोगों के बयान लिए.
पढ़ें: दिलावर ने पंचायत और निकाय चुनाव में बीजेपी की जीत का दावा, गहलोत-डोटासरा पर भी कसा तंज
जांच में सामने आया कि दोनों न तो वर्तमान में बताए पते पर रह रहे हैं, न ही पहले कभी वहां रहे. जिस मकान का पता दिया गया, उसमें कांतिबाई का नाम बताया गया, जिन्हें रिश्तेदार बताया जा रहा है. वार्ड 21 में निवास का कोई प्रमाण भी नहीं दिया गया. आवेदन के साथ रंगबाड़ी का आधार कार्ड लगाने का उल्लेख भी आदेश में है.
पढ़े-लिखे होने के बावजूद आवेदन पर अंगूठा लगाया: एसडीएम के आदेश में हस्ताक्षर की जगह अंगूठा लगाए जाने का उल्लेख है, जिससे प्रमाणिकता पर संदेह हुआ.वहीं, बीएलओ ने आवेदन की अनुशंसा कर आगे भेजा था.अटरू में पहली बार नगर पालिका चुनाव हो रहे हैं और अध्यक्ष पद एससी के लिए आरक्षित है.इसी बीच आवेदन को लेकर सियासी चर्चाएं शुरू हुईं, हालांकि पवन दिलावर ने चुनाव लड़ने से इनकार किया है. उनके चाचा कृष्ण मुरारी के चुनाव लड़ने की चर्चा है.

