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शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने छेड़ी बहस: गाय और भैंस के दूध में यह बताया अंतर... अब हो रहे ट्रोल

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि गाय का दूध पीने वाला बुद्धिमान होता है. इसके बाद वे सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रहे हैं.

Education Minister Madan Dilawar
गांव ग्वाल योजना के शुभारंभ मौके पर मंत्री दिलावर (ETV Bharat Kota)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 23, 2026 at 8:35 PM IST

2 Min Read
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कोटा: प्रदेश के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने जनवरी में रामगंज मंडी में बागेश्वर धाम के आचार्य धीरेंद्र शास्त्री की राम कथा और श्री गौ माता महोत्सव आयोजित किया था. इस महोत्सव में शामिल कार्यकर्ताओं का सम्मान समारोह रविवार को आयोजित हुआ. चेचट तहसील के खेड़ी गांव में आयोजित कार्यक्रम में भीलवाड़ा की श्री राम स्नेही संप्रदाय पीठ के जगतगुरु रामदयाल महाराज मौजूद थे. उनकी मौजूदगी में प्रदेश में गांव ग्वाल योजना की शुरुआत भी की गई.

इस योजना के तहत भामाशाह की मदद से प्रत्येक गांव में ग्वाला रखने की शुरुआत हुई है. इनमें 70 गायों पर एक ग्वाला और इससे अधिक गाय होने पर दो ग्वाला रखने की व्यवस्था शुरू की गई. इस कार्यक्रम में ही मदन दिलावर ने भैंस के दूध से गाय के दूध को ज्यादा तवज्जो देने की बात कही. उन्होंने कहा कि गाय का दूध पीने वाला बुद्धिमान होता है. इसके बाद ही बहस छिड़ गई है और सोशल मीडिया पर मदन दिलावर ट्रोल हो रहे हैं.

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर (ETV Bharat Kota)

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ऐसे दिया मदन दिलावर ने उदाहरण: मंत्री दिलावर ने कहा कि ऐसी 5 से 7 गाय व भैंस चुनी जाएं. जिन्होंने तीन-चार दिन पहले अपने बच्चों को जन्म दिया है. इन्हें भैंसों व गाय के झुंड में खड़ा कर दिया जाए. तब भैंस का बच्चा भाग कर जाएगा, लेकिन अलग-अलग भैंसों के पास जाएगा. जिसमें बड़ी मुश्किल से वह अपनी मां को तलाश पाएगा. वहीं गाय का बच्चा सीधा अपनी मां के पास जाएगा और दूध पीने लग जाएगा, यानी गाय का दूध पीने वाला बच्चा बुद्धिमान और दिमागदार होता है.

भैंस का बच्चा थोड़ा दिमाग से ठस होता है. गाय व भैंस के बच्चे को पेट भर के दूध पिला दो. इसके बाद भैंस का बच्चा बैठ जाएगा और ऊंघने लग जाएगा और गाय का बच्चा पूंछ ऊंची करके उछल कूद करेगा. गाय का बच्चा चंचल रहता है. बच्चों को चंचल बनाना है तो गाय का दूध पिलाओ, बच्चों को ऊंघनिया बनाना है तो भैंस का दूध पिलाओ. गाय के बछड़े को बड़ा होने पर केलड़ा, फिर बैल बोला जाता है, भैंस के बच्चे को सभी उम्र में पाड़ा ही बोला जाता है. प्रोग्रेस तो गाय का दूध पीने वाला ही करता है. बच्चों को बुद्धिमान और चंचल बनाना है तो गाय का दूध पिलाया जाए.