स्कूलों की जमीनी हकीकत जांचेगा शिक्षा विभाग, 23 बिंदुओं पर होगा फिजिकल वेरिफिकेशन
मौके पर निरीक्षण के दौरान जो स्थिति सामने आएगी. उसे शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज जानकारी से भी मिलान किया जाएगा.

Published : August 26, 2026 at 12:21 PM IST
जयपुर: बीते दिनों बगरू के प्राथमिक स्कूल को लेकर हुए विवाद और फिर ईटीवी भारत की ग्राउंड रिपोर्ट में शिक्षा संकुल से महज 5 किमी दूर जवाहर नगर टीला नंबर-5 के सरकारी स्कूल की बदहाल तस्वीर सामने आने के बाद शिक्षा महकमा हरकत में आया है. शिक्षा विभाग ने अब सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत जानने के लिए कागजी रिकॉर्ड के बजाय मौके पर जाकर फिजिकल वेरिफिकेशन करने का फैसला किया है.
प्रारंभिक शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों के फिजिकल वेरीफिकेशन के निर्देश दिए हैं. निरीक्षण में केवल स्कूल भवन की स्थिति ही नहीं, बल्कि शिक्षक उपलब्धता, छात्रों की उपस्थिति, शौचालय, पेयजल, बिजली, आईसीटी सुविधाओं और बालिका सुरक्षा सहित कुल 23 बिंदुओं पर पड़ताल की जाएगी. मौके पर निरीक्षण के दौरान जो स्थिति सामने आएगी. उसे शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज जानकारी से भी मिलान किया जाएगा. यानी विभाग ये भी सुनिश्चित करेगा कि स्कूलों के रिकॉर्ड में जो सुविधाएं और व्यवस्थाएं दर्ज हैं, वो वास्तव में जमीन पर मौजूद हैं या नहीं.

फिजिकल वेरिफिकेशन के प्रमुख चेक प्वाइंट्स
- स्कूल भवन की स्थिति
- शिक्षक उपलब्धता
- विद्यार्थियों की उपस्थिति
- शौचालय व्यवस्था
- पेयजल व्यवस्था
- बिजली सुविधा
- आईसीटी सुविधाएं
- बालिका सुरक्षा
- मिड-डे मील/पोषण व्यवस्था
- स्कूल परिसर की स्वच्छता
- फर्नीचर की स्थिति
- शिक्षण सामग्री
- स्कूल की चारदीवारी/सुरक्षा
- शाला दर्पण पर दर्ज जानकारी
27 अगस्त तक देनी होगी रिपोर्ट: शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारियों को संभाग स्तर पर स्कूल शिक्षा की योजनाओं और विभागीय निर्देशों की फील्ड में पालना की जिम्मेदारी दी है. अधिकारियों को 27 अगस्त को संभाग मुख्यालय पर निर्धारित एजेंडे के अनुसार रिपोर्ट पेश करनी होगी. विभाग का फोकस सिर्फ कमियां तलाशने तक सीमित नहीं रहेगा. निरीक्षण के बाद जहां सुधार की जरूरत होगी, वहां कार्रवाई और उसकी रिपोर्ट भी मांगी जाएगी. कम प्रगति वाले स्कूलों की अलग से मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि सामने आई कमियों को दूर किया जा सके.
असलियत जानने की कोशिश: अब शिक्षा विभाग कागजों में दर्ज व्यवस्थाओं और जमीन पर मौजूद हकीकत के बीच का फर्क जांचने जा रहा है. 23 बिंदुओं पर होने वाला फिजिकल वेरिफिकेशन बताएगा कि सरकारी स्कूलों में सुविधाओं को लेकर किए जा रहे दावों की वास्तविक स्थिति आखिर क्या है?. जरूरी ये होगा कि जिम्मेदार अधिकारियों की पहुंच प्रत्येक स्कूल तक हो, फिजिकल वेरिफिकेशन सिर्फ खानापूर्ति बन कर ना रहे.

