डीएमएफ से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने कारोबारी को गिरफ्तार किया
ईडी ने दावा किया कि कारोबारी ने बीज निगम के कई विक्रेताओं से 31 करोड़ रुपये से ज्यादा "कमीशन" लिया और उससे अचल संपत्ति खरीदी.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : September 2, 2026 at 8:53 AM IST
रायपुर: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ जिला खनिज कोष (डीएमएफ) में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक स्थानीय कारोबारी को गिरफ्तार किया.
अधिकारियों ने बताया कि सतपाल सिंह छाबड़ा को हिरासत में लेकर विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें पांच दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया.
केंद्रीय एजेंसी ने अदालत को बताया कि छत्तीसगढ़ आर्थिक अपराध शाखा द्वारा मई में दायर आरोपपत्र में छाबड़ा को प्रभावशाली सरकारी अधिकारियों, जिला अधिकारियों और निजी विक्रेताओं के बीच "मुख्य संपर्ककर्ता और वित्तीय समन्वयक" के रूप में नामित किया गया है. एजेंसी ने दावा किया कि छाबड़ा ने बीज निगम के एक दर्जन विक्रेताओं से 31 करोड़ रुपये से ज्यादा "कमीशन" प्राप्त किया और आरोप लगाया कि इन निधियों से प्राप्त अपराध की धनराशि का उपयोग अचल संपत्तियों की खरीद के लिए किया गया था. एजेंसी ने आरोप लगाया कि छाबड़ा ने मांगे गए रिकॉर्ड प्रस्तुत करने में विफल रहे और पीएमएलए के तहत पूछताछ के दौरान विरोधाभासी बयान दिए.ईडी का आरोप है कि छत्तीसगढ़ के बीज निगम (डीएमएफ) के माध्यम से भारी मात्रा में धनराशि का गबन और हेराफेरी की गई.
डीएमएफ एक ट्रस्ट है जिसे खनिकों द्वारा वित्त पोषित किया जाता है और छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में खनन संबंधी परियोजनाओं और गतिविधियों से प्रभावित लोगों के लाभ के लिए स्थापित किया गया है. डीएमएफ घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच ईडी द्वारा छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा दर्ज की गई तीन एफआईआर का संज्ञान लेने के बाद शुरू की गई थी, जिसमें आरोपियों पर राज्य सरकार के अधिकारियों और राजनीतिक अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके ठेकेदारों द्वारा सरकारी धन के गबन का आरोप लगाया गया था.
SOURCE- PTI

