मध्य प्रदेश में 10 प्रतिशत बढ़ी प्रति व्यक्ति आय, बजट से ठीक पहले ESR की रिपोर्ट में बड़ा दावा
आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में नजर आई मध्य प्रदेश की आर्थिक सेहत, 5 साल में 1.32 लाख करोड़ रुपए के निवेश का भी दावा.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 17, 2026 at 10:47 PM IST
भोपाल : मध्यप्रदेश विधानसभा में मोहन सरकार के तीसरे बजट पेश करने से एक दिन पहले प्रदेश सरकार की आर्थिक सेहत का रिपोर्ट कार्ड विधानसभा में पेश किया गया. सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में दावा किया गया है कि मध्यप्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में एक साल में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और पिछले पांच वर्षों में 1.32 लाख करोड़ रुपए का निवेश राज्य में आया है. हालांकि, विपक्ष और नेता प्रतिपक्ष इन दावों को झूठा बता रहे हैं.
प्रति व्यक्ति आय में उछाल, जीडीपी में स्थिर बढ़त
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1,69,050 रुपए हो गई है. पिछले साल यह 1,54,124 रुपए थी. यानी एक साल में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. इसी तरह सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) प्रचलित दरों पर 16,69,750 करोड़ रुपए आंका गया है, जो पिछले वर्ष के 15,02,428 करोड़ रुपए से 11.14 प्रतिशत अधिक है. स्थिर दरों पर वास्तविक वृद्धि 8.04 प्रतिशत रही.

विधानसभा में चर्चा के दौरान डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा, '' यह केवल महंगाई के कारण बढ़े आंकड़े नहीं हैं, बल्कि वास्तविक उत्पादन और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि का परिणाम है.
एक साल में 48 हजार करोड़ का निवेश आया
रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक वर्ष में 48 हजार करोड़ रुपए का निवेश राज्य में आया, जिससे 80 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला. वहीं, पिछले पांच वर्षों में 2,245 औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से 1,32,861 करोड़ रुपए का निवेश प्राप्त होने का दावा किया गया है. इससे 2,41,514 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित हुए. वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा, '' औद्योगिक इकाइयों को 6,125 एकड़ भूमि आवंटित की गई है और 1.17 लाख करोड़ रुपए के प्रस्तावित निवेश का रास्ता साफ हुआ है. उनके अनुसार मध्यप्रदेश अब निवेशकों के लिए भरोसेमंद गंतव्य बन रहा है.''

पशुधन और दुग्ध उत्पादन में भी बढ़ोतरी
आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार प्राथमिक क्षेत्र का योगदान 43.09 प्रतिशत रहा. वर्ष 2025-26 में इस क्षेत्र का सकल मूल्य वर्धन 6,79,817 करोड़ रुपए रहा, जो 7.31 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है. वहीं फसल उत्पादन में 7.66 प्रतिशत और खाद्यान्न उत्पादन में 14.68 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. दुग्ध उत्पादन 225.95 लाख टन तक पहुंचा. हालांकि, अंडे के उत्पादन और खपत में गिरावट दर्ज की गई है. वहीं ग्रामीण ढांचे को मजबूत करने के लिए 72,975 किलोमीटर ग्रामीण सड़कें और 40.82 लाख ग्रामीण आवास बनाए जाने का उल्लेख भी रिपोर्ट में है.
एक साल में 13.18 करोड़ पर्यटक एमपी आए
द्वितीयक क्षेत्र में 9.93 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. निर्माण, विनिर्माण और ऊर्जा क्षेत्र का योगदान उल्लेखनीय रहा है. एमएसएमई को 2,162 करोड़ रुपए की सहायता दी गई. प्रदेश में 1,723 स्टार्टअप और 103 इनक्यूबेशन सेंटर सक्रिय बताए गए हैं. तृतीयक क्षेत्र सबसे तेज बढ़ता हुआ क्षेत्र रहा है. इसमें 15.80 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई. व्यापार, होटल, रेस्टोरेंट, रियल एस्टेट और वित्तीय सेवाओं का बड़ा योगदान रहा. पर्यटन में एक साल में 13.18 करोड़ पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया.
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शिक्षा और स्वास्थ्य की तसवीर बदली
रिपोर्ट में बताया गया है कि शिक्षा पर कुल बजट का 10.37 प्रतिशत खर्च किया गया. कक्षा 1 से 5 तक ड्रापआउट दर शून्य और कक्षा 6 से 8 में 6.3 प्रतिशत रह गई. वहीं स्वास्थ्य क्षेत्र में 34,112 करोड़ रुपए खर्च हुए. नवंबर 2025 तक 4.42 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी किए गए. मातृ मृत्यु दर में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है. इसके साथ ही शहरी विकास में अमृत 2.0 के तहत 4,065 करोड़ रुपए की परियोजनाएं स्वीकृत हुईं. प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 8.75 लाख आवास पूर्ण किए गए.

