एसआईआर को लेकर झारखंड दौरे पर आ रही निर्वाचन आयोग की टीम, सभी डीसी और आला अधिकारियों के साथ होगी बैठक
झारखंड में एसआईआर शुरू होने जा रहा है. तैयारियों का जायजा लेने के लिए निर्वाचन आयोग की टीम आठ जनवरी को झारखंड आ रही है.

Published : January 3, 2026 at 5:35 PM IST
रांचीः पैरेंटल मैपिंग के बाद झारखंड में मतदाताओं का विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू होने जा रहा है. अब तक की गई तैयारियों का जायजा लेने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की टीम आठ जनवरी को झारखंड दौरे पर आ रही है. दो दिवसीय इस दौरे में राज्य के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी और आला अधिकारियों के साथ बैठक होगी. यह बैठक एटीआई सभागार में होने की संभावना है.
भारत निर्वाचन आयोग के पदाधिकारी उपायुक्त के साथ करेंगे बैठक
अगर एसआईआर को लेकर संतोषजनक तैयारियां रहीं तो फरवरी में इसकी शुरुआत होने की संभावना है. सबसे खास बात यह है कि एसआईआर के दौरान घर-घर फार्म पहुंचेगा जिसे प्रत्येक मतदाता को भरना अनिवार्य होगा. चाहे उनका नाम 2003 के मतदाता सूची में हों या ना हो. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार के अनुसार भारत निर्वाचन आयोग के पदाधिकारी दो दिवसीय दौरे के क्रम में सभी जिलों के उपायुक्त के साथ बैठक करेंगे. इस संबंध में सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है.
SIR से पहले सियासी दलों की जुबानी जंग हुई तेज
SIR शुरू होने से पहले सियासी दलों के बीच जुबानी जंग तेज होने लगी है. बीजेपी ने जहां मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण को सही बताते हुए इसे आवश्यक बताया है वहीं इंडिया गठबंधन के दलों ने एतराज जताया है. बीजेपी सांसद दीपक प्रकाश ने इंडिया गठबंधन के द्वारा किए जा रहे विरोध पर नाराजगी जताते हुए कहा है इसे रोक नहीं रोक सकता. उन्होंने कहा कि बिहार के मतदाताओं ने एसआईआर पर मुहर लगाकर इनके विरोध का करारा जवाब देने का काम किया है.
SIR को लेकर सियासी दलों में जुबानी जंग शुरू
इधर, कल तक एसआईआर विरोधी कांग्रेस के तेवर नरम पड़ते हुए दिख रहे हैं. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश कहते हैं कि एसआईआर को लेकर पार्टी तैयार है और इसके लिए पार्टी ने 3500 बीएलए बनाकर चुनाव आयोग को सूची सौंपी गई है. उन्होंने कहा कि हम लोगों को इसकी प्रक्रिया पर एतराज है. देश में रहने वाला हर नागरिक मतदाता है, इसकी मान्यता हम लोग रखते हैं. बहरहाल जैसे-जैसे एसआईआर को लेकर सुगबुगाहट तेज हो रहा है वैसे-वैसे सियासी दलों की जुबानी जंग तेज होने लगी है.
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