बिहार के सोनपुर में बनेगा पूर्वी भारत का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, 4200 मीटर रनवे और 5 करोड़ यात्रियों की क्षमता
बिहार के सोनपुर में पूर्वी भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को मंजूरी मिल गई है. यहां पटना से बेहतर कनेक्टिविटी, जानें पूरी डिटेल.

Published : February 21, 2026 at 3:56 PM IST
पटना: बिहार में एक के बाद एक एयरपोर्ट के निर्माण से राज्य की कनेक्टिविटी में तेजी आ रही है. पटना एयरपोर्ट वर्तमान में सबसे व्यस्त है, जबकि दरभंगा, गया और पूर्णिया से भी नियमित उड़ानें संचालित हो रही हैं. आने वाले समय में बिहटा एयरपोर्ट से भी व्यावसायिक उड़ानें शुरू होने वाली हैं, लेकिन सोनपुर (छपरा) में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट राज्य का सबसे बड़ा और देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स में से एक होगा.
सोनपुर एयरपोर्ट को केंद्रीय मंजूरी: केंद्र सरकार ने बजट में सोनपुर में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की मंजूरी दी है. बिहार सरकार ने हाल ही में कैबिनेट से 4228 एकड़ जमीन अधिग्रहण के लिए 1302 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है. यह एयरपोर्ट सरण जिले के सोनपुर में दरियापुर चंवर क्षेत्र में गंडक नदी के पश्चिम और सोनपुर-छपरा चार लेन एनएच के उत्तर में बनेगा.

A380 जैसे बड़े विमान भर सकेंगे उड़ान: पटना एयरपोर्ट का रनवे मात्र 2050 मीटर है, जो बड़े विमानों के लिए खतरनाक माना जाता है. बिहटा में भी रनवे सीमित है और वहां एयर फोर्स का नियंत्रण रहेगा, जिससे 24 घंटे संचालन मुश्किल है. सोनपुर एयरपोर्ट का रनवे 4200 मीटर लंबा होगा, जो एयरबस A380 जैसे बड़े विमानों को आसानी से उतरने-उड़ने की सुविधा देगा. यहां 24 घंटे उड़ान संभव होगी.
पटना से आसान कनेक्टिविटी: सोनपुर एयरपोर्ट पटना से करीब 30 किमी दूर है. मौजूदा गंगा पुल से हाजीपुर और सोनपुर पहुंच आसान है. आने वाले समय में गंगा पर बनने वाले सिक्स लेन पुल से यात्रा और सुगम हो जाएगी. यह उत्तर बिहार और नेपाल सीमा के पास होने से कई जिलों को लाभ पहुंचाएगा.
5 करोड़ से अधिक यात्रियों की क्षमता: 2030 तक सोनपुर एयरपोर्ट की क्षमता 5 करोड़ से अधिक यात्रियों की हो सकती है, जो इसे देश के बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल करेगा. तुलना में नवि मुंबई में 9 करोड़, जेवर में 7 करोड़, दिल्ली में 12 करोड़ और हैदराबाद में 8 करोड़ की क्षमता वाली होंगी. पटना की वर्तमान क्षमता 40 लाख है, जिसका विस्तार कर 1 करोड़ तक बढ़ाने की योजना है.

बिहटा एयरपोर्ट से पहले सोनपुर का बड़ा कदम: बिहटा एयरपोर्ट की क्षमता 1 करोड़ यात्रियों की होगी और जल्द शुरू होने की उम्मीद है, लेकिन सोनपुर इससे कहीं बड़ी क्षमता वाला होगा. जानकारों का मानना है कि यह बिहार की बढ़ती आबादी और यात्रा मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
बिहार में 8 ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की योजना: बिहार में कुल 8 ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनेंगे, जिनमें वीरपुर, मुंगेर, वाल्मीकि नगर, मुजफ्फरपुर, सहरसा और भागलपुर शामिल हैं. पटना, पूर्णिया, रक्सौल, बेगूसराय और गोपालगंज में ब्राउनफील्ड एयरपोर्ट रहेंगे. इससे राज्य में 19 ऑपरेशनल एयरपोर्ट्स का नेटवर्क बनेगा.

छोटे एयरपोर्ट्स का तेज विकास: मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट को 72 करोड़ में विकसित किया जा रहा है. 1970 से बंद यह एयरपोर्ट अप्रैल तक एजेंसी चयन के बाद एक साल में शुरू हो सकता है, जहां 19 सीटर विमान उड़ेंगे. रक्सौल में 140 एकड़ जमीन अधिग्रहण के लिए 208 करोड़ मंजूर हैं, जो नेपाल सीमा के 7 जिलों को लाभ देगा.

पीएम गति शक्ति योजना का असर: पीएम गति शक्ति योजना से सभी एयरपोर्ट्स को रेल और सड़क से जोड़ा जा रहा है. एयरपोर्ट के पास स्टेशनों का विकास, हेलीपैड मैपिंग और माल ढुलाई के लिए लॉजिस्टिक्स पार्क बनाए जा रहे हैं। इससे आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी.
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव: बिहार सिविल विमानन विभाग के पूर्व डायरेक्टर और के पायलट रहे कैप्टन विनयशील जैसे विशेषज्ञों का कहना है कि एयरपोर्ट से आवागमन आसान होने के साथ आर्थिक गतिविधियां, रोजगार, उद्योग, शिक्षा और स्वास्थ्य में प्रगति होगी. सड़क और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित होंगे.
"हवाई अड्डा के विकास से न केवल आवा गमन की सुविधा मिलती है, बल्कि क्षेत्र का भी विकास होता है. आर्थिक गतिविधि भी बढ़ती है और इसके कारण बड़े पैमान पर रोजगार भी पैदा होते हैं. उद्योग धंधा के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में भी प्रगति दिखता है. हवाई अड्डा का विकास होने से सड़क और अन्य क्षेत्रों का भी विकास होता है. इसके निर्माण से अन्य क्षेत्रों में भी प्रगति देखने को मिलती है."-कैप्टन विनयशील, पूर्व डायरेक्टर, बिहार सिविल विमानन विभाग
स्थानीय नेताओं की भूमिका: पूर्णिया एयरपोर्ट पर सियासत हुई, लेकिन सोनपुर पर छपरा सांसद राजीव प्रताप रूढ़ी ने प्रयास किए. मुजफ्फरपुर विधायक अजीत सिंह ने कहा कि यह बिहार की प्रगति का बड़ा कदम है.
"मुजफ्फरपुर में भी निविदा निकली है लेकिन सोनपुर में बड़े हवाई अड्डे का निर्माण हो रहा है. यह बिहार की प्रगति के तरफ बड़ा कदम होने वाला है. बिहार को विकसित बनाने की तैयारी है."-अजीत सिंह, विधायक, कांटी
24 घंटे उड़ान और विकसित बिहार: फिलहाल पटना, दरभंगा, गया और पूर्णिया में 24 घंटे उड़ान नहीं है, लेकिन सोनपुर से यह सुविधा मिलेगी. बिहार की आबादी को देखते हुए बड़े एयरपोर्ट की जरूरत पूरी होगी.

2047 तक विकसित भारत में बिहार की भूमिका: विशेषज्ञ अरुण पांडे के अनुसार, 2047 तक विकसित भारत में हवाई अड्डों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी. सोनपुर जैसे प्रोजेक्ट से बिहार जुड़ेगा और आर्थिक उन्नति होगी। यह राज्य के लिए ऐतिहासिक कदम साबित होगा.
"जब बिहार को 2047 तक देश के साथ विकसित बनाना है तो उसमें हवाई अड्डों की भूमिका महत्वपूर्ण होने वाली है. सोनपुर में तो पूर्वी भारत का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनाने की तैयारी हो रही है, जिससे सभी तरह के विमान उड़ान भर सकेंगे. अभी बिहार में कोई भी हवाई अड्डा इस तरह का नहीं है. छपरा के सांसद राजीव प्रताप रूढ़ी ने सारण में हवाई अड्डा बने इसके लिए काफी प्रयास किया है."-अरुण पांडे, विशेषज्ञ
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