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दुष्यंत चौटाला पहुंचे हाईकोर्ट, हिसार मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग, पुलिस पर लगाए पक्षपात के आरोप

हरियाणा के पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने हिसार पुलिस विवाद मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका लगाई है.

Dushyant Chautala has filed a petition in the High Court regarding the Hisar police dispute case
दुष्यंत चौटाला पहुंचे हाईकोर्ट (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : April 23, 2026 at 5:48 PM IST

3 Min Read
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पंचकूला: हरियाणा के पूर्व उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने काफिले को रोक कर हथियार दिखाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोपों को लेकर अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. इसमें उन्होंने एफआईआर दर्ज करने की मांग के अलावा मामले की जांच हरियाणा पुलिस के बजाय किसी स्वतंत्र एजेंसी, जैसे- सीबीआई या चंडीगढ़/पंजाब पुलिस को सौंपने की प्रार्थना भी की है.

हिसार में काफिला रोका: दायर याचिका में कहा गया कि 17 अप्रैल 2026 को हिसार में दुष्यंत चौटाला के काफिले को एक सफेद बोलेरो वाहन ने रोका. आरोप हैं कि सादे कपड़ों (सिविल ड्रेस) में मौजूद पुलिस अधिकारी, जिनमें इंस्पेक्टर पवन कुमार का नाम प्रमुख रूप से है, ने हथियार लहराते हुए उन्हें और उनके सुरक्षाकर्मियों को धमकाया.

वाई-प्लस सुरक्षा होने पर भी घटना: दुष्यंत चौटाला ने कोर्ट को बताया कि उन्हें वाई-प्लस सुरक्षा मिली हुई है, लेकिन उनके साथ ऐसी घटना होना बेहद गंभीर है. याचिका के अनुसार उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसरों ने भी घटना की पुष्टि करते हुए अलग-अलग शिकायतें दी हैं, जिनमें जान से मारने की धमकी तक भी जिक्र है.

झूठे मुकदमे दर्ज करने के आरोप: याचिका में आरोप लगाया गया है कि इस घटना के बाद हरियाणा पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय उल्टा उनके परिजनों और समर्थकों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कर उन पर दबाव बनाने की कोशिश की. विशेषकर 7 अप्रैल की एक घटना को आधार बनाकर दर्ज एफआईआर को प्रतिशोधात्मक कार्रवाई बताया गया है. दुष्यंत चौटाला ने कोर्ट के समक्ष दलील दी है कि घटना के बावजूद पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की और ना ही एफआईआर दर्ज की गई है. उन्होंने मामले को दबाने और साक्ष्यों को प्रभावित करने की आशंका जताई है. याचिका में सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और संबंधित रिकॉर्ड संरक्षित करने के निर्देश देने की मांग भी की गई है.

स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग: याचिकाकर्ता के अनुसार पुलिस की भूमिका संदिग्ध है, जिसके चलते निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों का हवाला देते हुए मामले की जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराए जाने की आवश्यकता बताई है. अब हाईकोर्ट इस मामले पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा.