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बजट पूर्व चर्चा: सर्वाइकल कैंसर पर जताई चिंता, इंजेक्शन मुहैया कराने का सुझाव

विशेषज्ञों ने बजट पूर्व संवाद में स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र के लिए अपने सुझाव दिए.

Cm and ministers were present in the dialogue with experts from health and medical sector.
स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञों से संवाद में मौजूद सीएम व मंत्री (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 9, 2026 at 8:32 PM IST

4 Min Read
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जयपुर : राज्य में बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होगा. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अलग-अलग वर्गों से बजट पूर्व संवाद कर रहे हैं. शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया. सीएम ने कहा, ‘पहला सुख निरोगी काया’ अवधारणा के साथ प्रदेश में लागू मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना अब पूरे देश के लिए मिसाल बन गई है. सीएम ने आरजीएचएस में अनियमितता पर चिंता जताई. चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े एक्सपर्ट ने बजट सुझाव दिए. खास तौर पर महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के इंजेक्शन को सरकारी के साथ निजी अस्पताल में रियायती दर पर उपलब्ध कराने का सुझाव दिया.

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि बीते दो वर्षों में सरकार ने स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी. आगे भी स्वास्थ्य के लिए संसाधनों की कमी नहीं आने देंगे. स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ बनाया. गांव-ढाणी तक गुणवत्तापूर्ण निशुल्क उपचार मिल रहा है. आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत अब तक 37 लाख मरीजों को 7 हजार 300 करोड़ रुपए का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया है. निशुल्क दवा योजना में औषधियां, सर्जिकल एवं सूचर्स उपलब्ध कराने में राज्य देश में प्रथम है. जिला चिकित्सालयों में बुजुर्गों के लिए रामाश्रय वार्ड खोले, जहां सम्मान के साथ स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही है. हर स्वास्थ्यकर्मी को चाहिए कि वे दायित्वों को निष्ठा और ईमानदारी से निभाएं. सरकार ऐसे कार्मिकों के सम्मान में कमी नहीं रखेगी, लेकिन जनता के पैसे का दुरूपयोग करने वाले एवं स्वास्थ्य योजनाओं में अनियमितता वाले कार्मिकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. सीएम ने कहा कि सरकार चिकित्सा शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है.प्रदेश में 7 नए मेडिकल कॉलेज खोले हैं. 15 नवीन मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं. स्वास्थ्य में शोध एवं अनुसंधान को बढ़ावा देन रहे हैं.

यह बोले चिकित्सक. (ETV Bharat Jaipur)

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सर्वाइकल कैंसर का इंजेक्शन मिले: डॉ. विनीता पाटनी ने कहा कि भारत की महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर आम है. इसका बचाव और इलाज संभव है, लेकिन कम जागरुकता से डॉक्टरों को सही समय पर जानकारी नहीं मिल पाती. आंकड़े बताते हर दिन 200 महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर से मौत हो रही है. हर 8 मिनट में एक महिला सर्वाइकल कैंसर से मौत के मुंह में जा रही है. देश में 51 करोड़ महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर की आशंका है. यह मामूली वैक्सीन से कंट्रोल किया जा सकता है. हमारा सुझाव है कि सर्वाइकल कैंसर वैक्सीन सरकार जनरल पब्लिक के लिए उपलब्ध कराएं. दूसरा सुझाव है कि वर्कप्लेस पर डॉक्टर को सिक्योरिटी मिले ताकि बिना दबाव में पेशेंट की सेवा कर सकें.

मातृ मृत्यु मृत्यु दर में कमी लाएं: डॉ. लीला व्यास ने बताया कि गर्भवती महिला की ज्यादा ब्लीडिंग से मौत की आशंका बढ़ती है. सरकार की ओर से बीमारी से महिलाओं को बचाने के लिए आयरन का इंजेक्शन सरकारी अस्पतालों में निशुल्क लगाया जा रहा है. सरकार को यह इंजेक्शन निजी अस्पतालों में भी रियायती दर पर उपलब्ध कराना चाहिए, ताकि अधिकाधिक गर्भवती महिलाओं को बचाया जा सके.

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कुष्ठ रोग पर सुझाव: सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश शर्मा ने सुझाव दिया कि कुष्ठ प्रभावितों के उपचार के लिए राज्य स्तर पर मॉडल हेल्थ सेंटर बनाएं ताकि एक छत के नीचे सभी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके. साथ ही वृद्धाश्रम में वृद्धजनों और अनाथों के पास आईडी कार्ड नहीं होने से उन्हें निशुल्क उपचार में परेशानी होती है. इसके लिए राज्य सरकार कोई व्यवस्था करें ताकि संस्था लिखित लेटर हेड को आइडेंटिटी मानते हुए संपूर्ण चिकित्सा सुविधा निःशुल्क उपलब्ध करा सके.

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