अजमेर में चंद्रग्रहण: कल सुबह 6:30 से रात 8:30 तक बंद रहेंगे विश्व के इकलौते ब्रह्मा मंदिर के कपाट
3 मार्च को चंद्रग्रहण होने के कारण होलिका दहन नहीं हो सकता. 3 मार्च को पूर्णिमा शाम 6 बजे से पहले ही खत्म हो जाएगी.

Published : March 2, 2026 at 3:16 PM IST
अजमेर: भारत में 3 मार्च को चंद्रग्रहण पर मंदिरों के कपाट भी सूतक से लेकर ग्रहण खत्म होने तक बंद रहेंगे. तीर्थ नगरी पुष्कर में विश्व के इकलौते जगत पिता ब्रह्मा का मंदिर के कपाट भी मंगलवार सुबह 6:30 से रात 8:20 बजे तक बंद रहेंगे. ऐसे में तीर्थयात्रियों को ब्रह्मा मंदिर में दर्शन करने के लिए 14 घंटे इंतजार करना होगा. समिति और पुजारी की ओर से मंदिर के बाहर कपाट बंद रहने की सूचना चस्पा दी गई है.
जगत पिता ब्रह्मा मंदिर के पुजारी पंडित वैभव वशिष्ठ ने बताया कि चंद्रग्रहण भारत में द्रश्यमान रहेगा. ब्रह्मा मंदिर के 3 मार्च को सुबह 6:20 से रात 8:30 बजे तक कपाट बंद रहेंगे. चंद्रग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले लगता है. तीर्थ यात्री ग्रहण के बाद स्नान कर भगवान के दर्शन के लिए आते हैं. पुजारी ने बताया कि सबसे पहले सूतक से पहले 5:30 बजे मंगला आरती होगी. ग्रहण के बाद मंदिर में शुद्धिकरण करने बाद रात 9 बजे शयन आरती होगी. मंदिर के शुद्धिकरण के लिए शुद्ध जल से प्रांगण को धोया जाएगा. पंचामृत से जगत किताब ब्रह्मा की प्रतिमा का अभिषेक होगा. इसके बाद शृंगार के बाद रात 9 बजे शयन आरती की जाएगी.
पढ़ें:बाड़मेर में चंद्रग्रहण का असर नहीं, होलिका दहन आज और धुलंडी कल, जानिए शुभ मुहूर्त
4 मार्च को खेलेंगे धुलंडी: पुष्कर में ज्योतिष पंडित दीपक सेठी ने बताया कि 3 मार्च को शाम 5:56 बजे पूर्णिमा रहेगी. यदि गोधूलि बेला में पूर्णिमा आती है तो होलिका दहन करने में दिक्कत नहीं है. शास्त्र यह भी कहते हैं कि वर्धगामिनि पूर्णिमा है तो भी होलिका दहन किया जा सकता है. 3 मार्च को चंद्रग्रहण होने के कारण होलिका दहन नहीं हो सकता है. 3 मार्च को पूर्णिमा शाम 6 बजे से पहले ही खत्म हो जाएगी. हर ग्रहण के कारण भगवान पर भार रहता है, इसलिए 3 मार्च को रंग नहीं खेला जा सकता. 4 मार्च होली रंगों से खेलें. 2 मार्च को होलिका दहन करें.
पढ़ें:होलिका दहन और धुलंडी 2026: मुहूर्त के असमंजस को पंचांगकर्ताओं ने किया क्लियर, बताया समय और डेट

