बर्फबारी न होना का असर, पर्यटन स्थल धनोल्टी में पर्यटकों का टोटा, व्यवयासी मायूस
बर्फबारी न होने के कारण धनोल्टी में पर्यटकों की कमी देखी जा रही है. इससे पर्यटन कारोबारी मायूस हैं.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : December 31, 2025 at 4:27 PM IST
धनोल्टी: नए साल का जश्न मनाने के लिए पर्यटक देश के पर्यटन स्थलों का रूख कर रहे हैं. लेकिन उत्तराखंड के उच्च हिमालयी पर्यटन स्थलों पर बर्फबारी न होने से पर्यटकों का टोटा बना हुआ है. इससे पर्यटन व्यवसायी भी मायूस हैं.
उत्तराखंड में पर्यटकों की पसंदीदा जगहों में से एक पर्यटन नगरी के नाम से प्रसिद्ध धनोल्टी में भी पर्यटकों की आवाजाही 31 दिसंबर को भी काफी कम दिखाई दी. जिस कारण व्यवसायियों के चेहरों पर काफी मायूसी देखने को मिल रही है. व्यवसायियों की मानें तो इसका मुख्य कारण इस बार बर्फबारी न होना है.
व्यापार मंडल धनोल्टी के अध्यक्ष रघुवीर रमोला ने बताया कि क्रिसमस के दिन धनोल्टी में रौनक देखने लायक थी. काफी बड़ी संख्या में पर्यटक धनोल्टी पहुंचे थे. लेकिन नए साल के आगमन पर पर्यटकों की संख्या में भारी कमी देखने को मिल रही है. इको पार्क के सचिव मनोज उनियाल ने बताया कि इस बार बर्फबारी न होने का असर सीधा व्यवसाय पर पड़ा है. होटल व्यवसायी नये साल के मौके पर पर्यटकों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. इस बार व्यापार मंडल ने पर्यटकों के लिए रेस्टोरेंटों में लजीज पहाड़ी व्यंजनों को परोसने का भी प्लान तैयार किया है.
वहीं होटल व्यवसायी विपुल बेलवाल ने बताया कि होटल व्यवसायियों के द्वारा सभी पर्यटकों की आर्थिकी को देखते हुए होटल कमरों के किराया दरों को ध्यान में रखा है. ताकि, धनोल्टी आने वाले पर्यटकों की जेब पर इसका असर न पड़े. बता दें कि पहाड़ों की पर्यटन नगरी के नाम से अपनी प्रसिद्ध पा चुकी धनोल्टी पर्यटकों के पसंदीदा पर्यटक स्थलों में से एक है. अपने आप में भरपूर भौगोलिक सुंदरता समेटे पर्यटन नगरी धनोल्टी से दिखाई देने वाली चांदी की चमक जैसी उच्च हिमालय की बर्फीली चोटी पर्यटकों को प्रकृति के आभूषणों का अहसास दिलाती है. इसके साथ ही इको पार्क धनोल्टी और पर्यटकों की पसंदीदा इको हट भी रात्रि प्रवास करने के बाद पर्यटकों को एक अलग सी यादगार अहसास दिलाता है.
धनोल्टी से महज 6 किलोमीटर की सड़क दूरी तय कर कद्दूखाल पहुंचकर लगभग 1.5 किलोमीटर ट्रेकिंग कर पर्यटक सिद्ध पीठ सुरकंडा मंदिर के दर्शन हेतु पहुंच सकते हैं. इसके साथ ही पर्यटक रोपवे के सहारे भी सुरकंडा मंदिर पहुंच सकते हैं. यहीं से पर्यटक लगभग 35 किलोमीटर की दूरी तय कर वाया चंबा होते हुए टिहरी के कोटी कॉलोनी पर टिहरी झील में वोटिंग के साथ-साथ कई प्रकार के वाटर एक्टिविटी भी कर सकते हैं.
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