ETV Bharat / state

सामरिक महत्व के 380 किमी के जैसलमेर-बाड़मेर-भाभर रेल प्रोजेक्ट का ड्रोन से सर्वे जारी

जैसलमेर, बाड़मेर, जालौर तथा बनासकांठा जिले के कलेक्टर को इस नई रेललाइन के लिए सर्वे (FLS) में मदद के निर्देश दिए गए हैं.

Barmer Railway Station
बाड़मेर रेलवे स्टेशन (ETV Bharat Barmer)
author img

By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 28, 2026 at 3:28 PM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

बाड़मेर: रेलवे ने तीन दशक से लंबित सामरिक महत्व की जैसलमेर-बाड़मेर-भाभर रेललाइन परियोजना के लिए डीजीपीएस एवं ड्रोन तकनीक का उपयोग करते हुए 380 किमी लंबे रूट का टोपोग्राफिकल सर्व किया जा रहा है. रेलवे ने इस संबंध में स्थानीय प्रशासन को सूचना दी. इस लंबित रेल परियोजना को गति मिलने से क्षेत्रवासियों को उम्मीद जगी है.

उत्तर पश्चिम रेलवे जोधपुर के उप मुख्य इंजीनियर ( निर्माण ) तृतीय के उप मुख्य अभियंता सौरभ कुमार (आईआरएसई) के आदेश के मुताबिक, जैसलमेर से भाभर (वाया बाड़मेर) नई रेललाइन के लिए अंतिम स्थान सर्वेक्षण (FLS) का कार्य प्रगति पर है. इसके तहत डीजीपीएस एवं ड्रोन तकनीक का उपयोग करते हुए टोपोग्राफिकल सर्वे कार्य किया जा रहा है।

पढ़ें: जैसलमेर-बाड़मेर-भाभर रेल प्रोजेक्ट के सर्वे के लिए 10 करोड़ मंजूर, इन राज्यों में पहुंचना होगा आसान

उप मुख्य अभियंता सौरभ कुमार ने बताया कि जैसलमेर, बाड़मेर, जालौर तथा बनासकांठा (गुजरात) जिले के कलेक्टर को इस नई रेललाइन के लिए सर्वे (FLS) में मदद के निर्देश दिए गए हैं. इसमें कहा कि भू-तकनीकी जांच, डिजाइन, ड्राइंग तैयारी एवं यथार्थ लागत पर आधारित विस्तृत अनुमान संबंधी कार्य के लिए आवश्यक प्रशासनिक सहयोग एवं सुरक्षा मुहैया कराएं. स्थानीय निवासियों एवं हितधारकों के साथ तालमेल तथा कार्य के दौरान बाधा, व्यवधान या अवांछित परिस्थिति पैदा होती है तो कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दें.

यह लाइन भारत के पश्चिमी सीमावर्ती इलाकों को सीधे गुजरात के बंदरगाहों (कांडला और मुंद्रा) से जोड़ेगी, जो सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है. बाड़मेर और जैसलमेर में हो रहे तेल और गैस उत्पादन के साथ सांचौर के कृषि उत्पादों को बड़ी मंडियों तक पहुंचाना आसान हो जाएगा. बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने इस प्रोजेक्ट को लेकर लोकसभा में कई बार आवाज उठाई. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी मिले. रेल मंत्रालय ने इस परियोजना के सर्वेक्षण की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के लिए पहले ही कुल 10 करोड़ रुपए की मंजूरी दी थी.

पढ़ें: 220 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन, देश के पहले डेडिकेटेड ट्रायल ट्रैक का 80 फीसदी काम पूरा