दिल्ली में 'सेमीकंडक्टर पॉलिसी' का ड्राफ्ट बनना शुरू, CM रेखा गुप्ता का निवेश और स्किलिंग पर फोकस
सेमीकंडक्टर नीति से दिल्ली में डिजाइन, अनुसंधान और उद्योग को समन्वित बढ़ावा मिलेगा.

Published : April 19, 2026 at 6:44 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने ‘दिल्ली सेमीकंडक्टर पॉलिसी’ का ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस नीति का उद्देश्य दिल्ली को सेमीकंडक्टर डिजाइन, उन्नत अनुसंधान एवं विकास तथा असेंबली गतिविधियों के लिए एक सक्षम केंद्र के रूप में विकसित करना है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में यह पहल राजधानी में उच्च मूल्य वाले प्रौद्योगिकी क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
मुख्यमंत्री का कहना है कि यह नीति पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो देश में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विकास में दिल्ली की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करेगी. सचिवालय में यह जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र वैश्विक अर्थव्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी बन चुका है और दिल्ली सरकार इसके संतुलित एवं व्यवस्थित विकास के लिए एक समग्र नीति ढांचा तैयार कर रही है. उन्होंने कहा कि यह नीति कारोबार सुगमता, नवाचार और उद्योग आधारित इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वित्तीय और गैर-वित्तीय दोनों प्रकार के प्रोत्साहनों का प्रावधान करती है.
पांच प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित नीति ढांचा
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रस्तावित नीति पांच प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित है, जिनमें सेमीकंडक्टर डिजाइन और बौद्धिक संपदा विकास, अनुसंधान, विकास और नवाचार, विनिर्माण को सक्षम बनाने वाली गतिविधियां जैसे असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग (एटीएमपी) तथा आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्टिंग (ओएसएटी) के साथ सहायक उद्योगों का विकास, टैलेंट डेवलपमेंट एवं स्किलिंग, तथा स्टार्टअप और औद्योगिक इकोसिस्टम को सुदृढ़ करना शामिल है.
उद्योग पर संभावित प्रभाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नीति से सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन के उच्च मूल्य वाले क्षेत्रों, विशेष रूप से डिजाइन, अनुसंधान एवं विकास और एडवांस पैकेजिंग में दिल्ली की स्थिति मजबूत होगी. इससे फैबलेस सेमीकंडक्टर कंपनियों, स्टार्टअप्स तथा एटीएमपी और ओएसएटी इकाइयों में निवेश आकर्षित होने की संभावना है. इसके साथ ही परीक्षण, पैकेजिंग और सेमीकंडक्टर इनपुट से जुड़े सहायक उद्योगों के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा.
रोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा
मुख्यमंत्री गुप्ता का यह भी कहना है कि यह नीति चिप डिजाइन, सेमीकंडक्टर अनुसंधान और उन्नत पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर सृजित करेगी. उन्होंने कहा कि यह पहल कुशल पेशेवरों को आकर्षित करने और उन्हें बनाए रखने में सहायक होगी, जिससे दिल्ली को एक ज्ञान और नवाचार केंद्र के रूप में और सुदृढ़ किया जा सकेगा.
निवेश प्रोत्साहन और अनुकूल वातावरण
मुख्यमंत्री का यह भी कहना है कि नीति के माध्यम से निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए लक्षित प्रोत्साहन, परिचालन लागत में कमी और अनुकूल व्यावसायिक वातावरण सुनिश्चित करने पर बल दिया गया है. पूंजीगत सब्सिडी, आधारभूत संरचना विकास और राष्ट्रीय पहलों, विशेष रूप से इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के साथ समन्वय स्थापित कर निवेशकों के विश्वास को सुदृढ़ किया जाएगा, तथा घरेलू और वैश्विक निवेशकों की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा.
प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नीति प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है और देश में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विकास में दिल्ली की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करेगी. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से दिल्ली में एक सशक्त, नवाचार-आधारित और टिकाऊ सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित होगा.
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि 21वीं सदी की डिजिटल अर्थव्यवस्था में सेमीकंडक्टर केवल एक औद्योगिक उत्पाद नहीं, बल्कि तकनीकी संप्रभुता, राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक मजबूती का आधार है. प्रधानमंत्री के इसी दूरदर्शी विजन के अनुरूप राज्यों को भी इस क्षेत्र में नीतिगत पहल करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि देश में एक मजबूत, समन्वित और प्रतिस्पर्धी सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित हो सके.
ये भी पढ़ें:

