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IMA की राष्ट्रीय टीम में झारखंड की डॉ. भारती कश्यप को बड़ी जिम्मेदारी, निर्विरोध बनीं मानद संयुक्त सचिव

नेत्र रोग विशेषज्ञ और समाजसेवी डॉ. भारती कश्यप आईएमए की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति की मानद संयुक्त सचिव चुनी गई हैं. राजेश कुमार सिंह की रिपोर्ट.

INDIAN MEDICAL ASSOCIATION
डॉ. भारती कश्यप (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : September 1, 2026 at 8:52 PM IST

3 Min Read
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रांची/नई दिल्लीः झारखंड की चिकित्सा जगत के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है. प्रख्यात नेत्र रोग विशेषज्ञ और समाजसेवी डॉ. भारती कश्यप को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन यानी IMA की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 2026 से 2028 के कार्यकाल के लिए निर्विरोध चुना गया है. उन्हें IMA के डॉ. AKN सिन्हा इंस्टीट्यूट का मानद संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है. IMA के मुख्य चुनाव आयुक्त की ओर से जारी परिणाम के मुताबिक, 55 सदस्यीय राष्ट्रीय नेतृत्व टीम में डॉ. कश्यप को जगह मिली है.

तीन अन्य महिला चिकित्सकों को भी सम्मान

राष्ट्रीय स्तर पर चुनी गई प्रमुख महिला चिकित्सकों में झारखंड की डॉ. भारती कश्यप के अलावा गुजरात की डॉ. मोना देसाई, दिल्ली की डॉ. नीलम लेखी और हरियाणा की डॉ. सुनीला सोनी शामिल हैं. ऐसे में डॉ. कश्यप का चयन झारखंड के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है. खास बात है कि आईएमए विश्व की सबसे बड़ी चार लाख से अधिक चिकित्सकों की प्रतिनिधि संस्था है.

महिला स्वास्थ्य और सर्वाइकल कैंसर पर रहेगा फोकस

नई जिम्मेदारी मिलने के बाद डॉ. भारती कश्यप ने कहा कि यह पद चिकित्सा बिरादरी की आवाज को और मजबूत करने का मौका है. उनका फोकस महिला स्वास्थ्य और खास तौर पर सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम और उन्मूलन के अभियान को आगे बढ़ाने पर रहेगा.

डॉ. कश्यप 2022 से 2024 के बीच IMA मुख्यालय के विमेंस डॉक्टर्स विंग की राष्ट्रीय सह-अध्यक्ष भी रह चुकी हैं. फिलहाल वह IMA झारखंड विमेंस डॉक्टर्स विंग की अध्यक्ष हैं.

झारखंड मॉडल की देशभर में चर्चा

सर्वाइकल कैंसर की जांच और इलाज के लिए डॉ. कश्यप के नेतृत्व में झारखंड में 2021 से एक खास मॉडल पर काम किया जा रहा है. इसमें ग्रामीण और जनजातीय इलाकों की महिलाओं की मौके पर ही जांच और जरूरत पड़ने पर तत्काल इलाज की व्यवस्था पर जोर दिया गया. दावे के मुताबिक, मई 2026 तक करीब 6 लाख प्रजनन आयु वर्ग की महिलाओं की स्क्रीनिंग की जा चुकी है. यह संख्या राज्य सरकार की ओर से तय 2.7 लाख के लक्ष्य से काफी ज्यादा है.

इस अभियान के तहत 14 सरकारी अस्पतालों को डिजिटल वीडियो कॉल्पोस्कोप और क्रायोथेरेपी यूनिट जैसी सुविधाओं से लैस कराने और महिला चिकित्सकों को प्रशिक्षण देने की भी बात कही गई है. वहीं, 2025 में IMA झारखंड विमेंस डॉक्टर्स विंग को NHM का पहला आधिकारिक नॉन-फाइनेंशियल पार्टनर बनाए जाने को भी इस अभियान की अहम उपलब्धि बताया गया है.

नेत्र स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी लंबा योगदान

डॉ. भारती कश्यप ने नेत्र स्वास्थ्य और नेत्रदान के क्षेत्र में भी काम किया है. जारी जानकारी के मुताबिक, उनके प्रयासों से 25 लाख से ज्यादा सरकारी स्कूली बच्चों की आंखों की जांच कराई गई है. इसके अलावा, 1996 में अविभाजित बिहार-झारखंड में पहला मरणोपरांत नेत्रदान और कॉर्निया प्रत्यारोपण कराने का दावा भी किया गया है. कश्यप मेमोरियल आई बैंक के माध्यम से अब तक करीब 1100 कॉर्निया ट्रांसप्लांट किए जाने की जानकारी दी गई है.

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