बिना इजाजत काट दिए गए बालोद में 2 दर्जन पेड़, BEO ने FIR के लिए थाने में दिया आवेदन
जिन पेड़ों को काटने का आरोप लगा है, वो शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़भूम परिसर में लगे थे.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : July 5, 2026 at 12:37 PM IST
बालोद: गुरुर विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़भूम परिसर में, बिना किसी की अनुमति के 29 हरे-भरे पेड़ों को काटे जाने का आरोप लगा है. इस मामले में कलेक्टर की सख्ती के बाद ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) ने गुरुर थाने में नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया है. वहीं, मुख्य आरोपी प्रधान पाठक के निलंबन की अनुशंसा उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है.
स्कूल परिसर में लगे पेड़ों को काटा गया
दरअसल, स्कूल परिसर में पेड़ों की कटाई की शिकायत जिला प्रशासन को मिली थी. मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने तत्काल जांच और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए. कलेक्टर के निर्देश पर विकास खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) गुरूर ने 2 जुलाई 2026 को विद्यालय का औचक निरीक्षण किया. जांच में पेड़ों की अवैध कटाई की शिकायत शत-प्रतिशत सही पाई गई.
मामले में नियमों का घोर उल्लंघन और पदीय कर्तव्यों का दुरुपयोग पाया गया है. थाना प्रभारी को नामजद FIR दर्ज करने हेतु पत्र दे दिया गया है. साथ ही संबंधित प्रधान पाठक श्री डोमर सिंह निषाद एवं अन्य संलिप्त कर्मचारियों के निलंबन हेतु औपचारिक अनुशंसा उच्चाधिकारियों को भेजी गई है: ललित चंद्राकर, बीईओ, गुरूर
गुरुर थाने में दी गई शिकायत
बताया जा रहा है कि 23 अप्रैल 2026 को शाला विकास समिति की एक बैठक बुलाई गई, जिसमें नियमों को ताक पर रखकर पेड़ों को काटने का प्रस्ताव पास कर दिया गया. आरोप है कि इस काम को अंजाम देने की मुख्य जिम्मेदारी शाला विकास समिति के अध्यक्ष जीवन लाल उईके और सदस्य निर्मला उईके को सौंपी गई थी.
प्रधान पाठक और सचिव पर आरोप
जांच में सामने आया है कि इस पूरी लापरवाही में माध्यमिक स्तर के प्रधान पाठक और शाला विकास समिति के सचिव डोमर सिंह निषाद की मुख्य भूमिका रही. उन्हीं की मौजूदगी और देखरेख में इन 29 पेड़ों को काटा गया. नियमानुसार, सरकारी परिसर से किसी भी पेड़ को काटने से पहले वन विभाग या राजस्व विभाग से लिखित अनुमति (NOC) लेना अनिवार्य है, लेकिन इस मामले में किसी भी गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया.

थाने पहुंचा मामला, निलंबन की तैयारी
जांच रिपोर्ट सामने आने के तुरंत बाद, 3 जुलाई को बीईओ गुरुर ने स्थानीय पुलिस थाने में आवेदन देकर दोषियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज करने की मांग की है. इसके साथ ही आरोपी प्रधान पाठक डोमर सिंह निषाद और अन्य संलिप्त कर्मचारियों को सस्पेंड करने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है.
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