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EXPLAINER-मधुमक्खी पालन से डबल कमाई, HONEY BEE ने बदली किसानों की किस्मत

कोरबा में मधुमक्खी पालन से किसानों को डबल मुनाफा हो रहा है. किसान शहद के साथ-साथ सब्जी की खेती से भी कमाई कर रहे हैं.

Farmers took training in beekeeping
मधुमक्खी पालन से डबल कमाई (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : February 19, 2026 at 11:12 AM IST

6 Min Read
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राजकुमार शाह, संवाददाता

कोरबा : कोरबा जिले का उद्यानिकी विभाग किसानों को मधुमक्खी पालने का प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है. कुछ किसानों ने मधुमक्खियों को पालना शुरू कर दिया है. इससे किसान दोगुना प्राप्त कर सकते हैं. एक तरफ मधुमक्खियों के कारण सब्जी की उन्नत फसल हो रही है. तो दूसरी तरफ मधुमक्खियों ने शहद का निर्माण भी शुरू कर दिया है. हालांकि मधुमक्खियों को पालना, इन्हें पालतू बनाना और इनसे काम लेना थोड़ा रिस्की भी है. इसके लिए की किसानों को ट्रेनिंग दी गई है.


हाथी आतंक से भी बचाव

कोरबा जिले के आकांक्षी और पिछड़े विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा के 14 किसानों को मधुमक्खियों को पालने वाली पेटी दी गई है. इन किसानों ने मधुमक्खियों को पालना शुरू किया है, जिसका फायदा भी दिखने लगा है. कोरबा जिले के कई क्षेत्र हाथी प्रभावित हैं. पोड़ी उपरोड़ा का इलाका कटघोरा वनमंडल के अंतर्गत आता है, वर्तमान में भी यहां 50 हाथी अलग-अलग क्षेत्र में विचरण कर रहे हैं. जिन क्षेत्र में मधुमक्खियों की मौजूदगी होती है. वहां हाथी भी जाने से कतराते हैं. इस लिहाज से भी मधुमक्खियों का पालन फायदेमंद है. जो किसानों की फसल को हाथियों से भी सुरक्षा प्रदान करेंगे.

Farmers took training in beekeeping
किसानों ने ली मधुमक्खी पालन की ट्रेनिंग (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

हाथियों से भी मिलेगी सुरक्षा

मधुमक्खियों की मौजूदगी से हाथी भी फसलों से दूर रहते हैं. पिछले एक दशक से सैकड़ो एकड़ खेत में हाथियों ने किसानों की फसल को लगातार बर्बाद किया है. वर्तमान समय में धान खरीदी केंद्रों से भी धान का उठाव नहीं हुआ है. इन क्षेत्रों में हाथी ज्यादा सक्रिय रहते हैं. किसानों को मधुमक्खी पालन के लिए जो पेटी दी गई है, वह जमीन पर ही रखी रहती है. इनमें प्लेट्स लगे हुए हैं. जिनमें मधुमक्खियों का पालन होता है. शहद का निर्माण होता है. मधुमक्खियों के भिनभिनाने की आवाज से हाथी उस इलाके से दूर रहते हैं.

DOUBLE INCOME FROM BEEKEEPING
मधुमक्खी पालन से डबल फायदा (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

हाथी बने बड़ी समस्या

हाथियों ने किसानों के सामने पिछले एक दशक से बड़ी समस्या पैदा की है, जो लगातार बढ़ रही है. वन विभाग का अमला, हाथियों के प्रबंधन में पूरी तरह से फेल रहा है. सूचना देने के अलावा उनके पास फसल को सुरक्षा प्रदान करने की और कोई भी कारगर तकनीक नहीं है. ऐसे में मधुमक्खियों का पालन कोरबा जैसे जिले के लिए बेहद कारगर साबित हो सकता है. फिलहाल पोड़ी उपरोड़ा के एक छोटे से किसानों के समूह को इससे जोड़ा गया है. लेकिन उद्यानिकी विभाग का प्लान है कि मधुमक्खी पालन को बड़े पैमाने पर विस्तार दिया जाए. ज्यादा से ज्यादा किसानों को इस योजना से जोड़ा जाए.

समझिए मधुमक्खी से कैसे होती है फसल में वृद्धि

मधुमक्खियों की परागण (Pollination) में मुख्य भूमिका होती है. वो फूलों से मकरंद (nectar) लेते समय परागकणों को एक फूल से दूसरे फूल में स्थानांतरित करती हैं. जिससे फलों और बीजों का विकास होता है. यह प्रक्रिया सब्जियों, तिलहन सहित कई फसलों की उपज में 20-40% तक की वृद्धि कर सकती है. मधुमक्खी पालन, विशेष रूप सब्जी और अन्य फसलों में परागण की आवश्यकताओं को पूरा करता है. कुछ मधुमक्खियां फूलों पर कंपन करके पराग गिराती हैं. जो टमाटर और मिर्च जैसे पौधों के लिए बहुत प्रभावी हो जाता है.

Farmers took training in beekeeping
मधुमक्खी से फसल वृद्धि (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

सेमी, मटर की फसल हुई उन्नत

पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के उद्यानिकी विभाग के नागोईबछेरा नर्सरी में मौजूद एक्सपर्ट सरोज पटेल कहते हैं कि मधुमक्खियों के पालन से किसानों को कई तरह के फायदे हैं, यहां किसान गुरुचरण को 2 से 3 एकड़ में 14 पेटियां दी गई हैं, इस पेटी में मधुमक्खियों का पालन हो रहा है. पेटी में अलग-अलग प्लेट्स हैं, जिसमें मधुमक्खियों का आवास है.

HONEY BEE ने बदली किसानों की किस्मत (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

सेमी और मटर के साइज में वृद्धि हुई है. पहले जो कीटनाशक का छिड़काव करना पड़ता था. वह अब नहीं करना पड़ रहा है. जिससे किसानों की फसल काफी उन्नत हुई है. वह लगातार इस दिशा में आगे बढ़ रहा है. अब तो शहद का उत्पादन भी शुरू हो चुका है- सरोज पटेल, एक्सपर्ट

DOUBLE INCOME FROM BEEKEEPING
फसलों की पैदावार मधुमक्खियों ने बढ़ाई (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

मधुमक्खियों के साथ सब्जी की खेती

गांव नागोईबछेरा के किसान गुरुचरण मरार का कहना है की सब्जियों की खेती लंबे समय से करते आ रहा हूं, अब मधुमक्खियों को पालने का प्रशिक्षण लिया है. इससे फसल में जो फूल लग रहे हैं, सब्जी के पौधों में जो फूल लगते हैं. उसमें तेजी आ गई है. फसल से कीट पतंग गायब हो गए हैं. कीटनाशक का छिड़काव नहीं करना पड़ रहा है.

Farmers took training in beekeeping
शहद उत्पादन के साथ पैदावार में भी बढ़ोतरी (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

मधुमक्खी पालन से हमें बहुत ज्यादा फायदा हो रहा है. चिड़ियां और चींटियों से भी फसल बचाने का प्रशिक्षण मिला है. जो पेटी मिली है, उसके प्लेट्स में शहद का उत्पादन भी शुरू हो गया है-गुरुचरण मरार, किसान

Farmers took training in beekeeping
किसानों को हो रहा फायदा (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

सरकार की योजना से किसानों को जोड़ा

उद्यानिकी विभाग के उपसंचालक पतराम पैंकरा का कहना है कि यह शासन की एक महत्वाकांक्षी योजना है. जिससे मधुमक्खियों के जरिए किसानों को उन्नत फसल प्राप्त करने में लाभ मिलेगा.

Farmers took training in beekeeping
परागण से खेती में मिल रही मदद (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

इस वर्ष हमने किसानों को मधुमक्खी पालन के लिए 620 पेटी बांटने का टारगेट रखा है. पोड़ी उपरोड़ा में 14 किसानों को पेटियां दी गई है. इस योजना में किसानों को 50% अनुदान मिलता है-पतराम पैंकरा, उपसंचालक उद्यानिकी विभाग

Bees are beneficial for crops
मधुमक्खियां फसल के लिए हैं लाभदायक (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

पतराम के मुताबिक किसान जितने पैसे वह खर्च करेंगे, उसकी 50 फीसदी राशि सरकार से उन्हें वापस मिल जाएगी. कोरबा एक हाथी प्रभावित जिला है, लेकिन जिस क्षेत्र में मधुमक्खी रहती हैं वहां हाथियों के विचरण में कमी आती है.इसका लाभ भी किसानों को मिल रहा है.ऐसे में देखा जाए तो मधुमक्खी पालन से किसानों को कई तरह के फायदे हो रहे हैं.किसान शहद बेचकर आय अर्जित कर रहे हैं.इसके साथ फसल वृद्धि के कारण उन्हें ज्यादा मुनाफा होता है.साथ ही साथ मधुमक्खी वाले इलाके में हाथियों के ना आने के कारण किसानों की फसल सुरक्षित रहती है.इसलिए कहीं ना कहीं मधुमक्खियां आने वाले दिनों में किसानों का बड़ा सहारा बन सकती है,जिसमें शासन प्रशासन की भूमिका भी सर्वोपरि है.


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