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हांसी में डोर-टू-डोर कचरा उठान ठप, वेतन को लेकर कर्मचारियों की हड़ताल, बोले- "4 माह से नहीं मिली सैलरी"

हांसी में चार महीने से वेतन न मिलने के आरोप पर सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल की. इससे डोर-टू-डोर कचरा उठान प्रभावित रहा.

HANSI SANITATION WORKERS STRIKE
वेतन को लेकर कर्मचारियों की हड़ताल (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : June 30, 2026 at 11:59 AM IST

2 Min Read
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हांसी: हांसी शहर में डोर-टू-डोर कचरा उठान की व्यवस्था उस समय प्रभावित हो गई, जब कचरा संग्रहण का कार्य करने वाली निजी एजेंसी के कच्चे कर्मचारियों ने वेतन भुगतान में अनियमितता का आरोप लगाते हुए हड़ताल शुरू कर दी. कर्मचारियों ने सभी ऑटो-टिपर एक खाली प्लॉट में खड़े कर ठेकेदार के खिलाफ नारेबाजी की. हड़ताल के कारण शहर के कई क्षेत्रों में कचरा उठान का कार्य प्रभावित रहा.

चार महीने से वेतन न मिलने का आरोप: हड़ताल पर बैठे कर्मचारी कमल ने आरोप लगाते हुए कहा कि, "पिछले करीब चार महीनों से उन्हें नियमित और पूरा वेतन नहीं मिल रहा है. हाल ही में हमारे खातों में केवल 5 हजार रुपये डाले गए. जब हमने वेतन का पूरा हिसाब मांगा तो ठेकेदार ने काम से हटाने की बात कह दी. आर्थिक तंगी के बावजूद वे लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें उनका पूरा मेहनताना नहीं मिल रहा."

हांसी में डोर-टू-डोर कचरा उठान ठप (ETV Bharat)

व्हाट्सएप ग्रुप से हटाने और फर्जी हाजिरी का आरोप: वहीं, कर्मचारी रितेश कुमार ने कहा कि, "लगातार चार महीने से काम कर रहे हैं, लेकिन पूरा भुगतान नहीं किया गया. वेतन मांगने वाले 19 कर्मचारियों को कार्य संबंधी व्हाट्सएप ग्रुप से हटा दिया गया. साथ ही अन्य कर्मचारियों के ऑटो-टिपर वार्डों में भेजकर फर्जी हाजिरी लगाने की कोशिश की गई. पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और बकाया वेतन दिलाने की हम मांग करते हैं."

आर्थिक शोषण का आरोप: एक अन्य कर्मचारी राहुल कुमार ने कहा कि, "यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी वेतन समय पर नहीं मिलने के कारण उन्हें हड़ताल करनी पड़ी थी. ठेकेदार जानबूझकर आर्थिक शोषण कर रहा है, ताकि कर्मचारी मजबूर होकर नौकरी छोड़ दें और उनका बकाया वेतन भी न देना पड़े. अब जब तक उनका बकाया वेतन नहीं मिलता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी."

ठेकेदार ने आरोपों को बताया निराधार:वहीं, ठेकेदार शुभम ने कर्मचारियों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि, "ट्रिपर कर्मचारी समय पर काम नहीं करते. उन्होंने जितना काम किया, उसी के अनुसार उनके खातों में वेतन डाला गया है." हालांकि, कर्मचारियों को काम से हटाए जाने के सवाल पर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया. फिलहाल वेतन विवाद के चलते शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है और मामले के समाधान का इंतजार किया जा रहा है.

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