नवजात का भी मिनटों में बनेगा आधार कार्ड, बस लेकर आइए ये कागज, चुटकियों में होगा काम
अब नवजात से लेकर 5 साल तक के बच्चों का आधार कार्ड मिनटों में बनवाएं. जानें क्या है प्रक्रिया और कौन-कौन सी चाहिए दस्तावेज?

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : December 29, 2025 at 7:31 PM IST
|Updated : December 29, 2025 at 8:04 PM IST
शिमला: आज के समय में आधार कार्ड एक ऐसा दस्तावेज बन चुका है, जिसके बिना जीवन की रफ्तार रुक सी जाती है. खासकर बच्चों के मामले में, स्कूल एडमिशन से लेकर सरकारी सुविधाओं तक आधार की भूमिका सबसे अहम है. इसी जरूरत को समझते हुए शिमला डाकघर ने आधार काउंटर स्थापित किया है. यहां इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के सहयोग से बच्चों का आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया को इतना सरल बना दिया गया है कि अब बच्चा चाहे एक ही दिन का क्यों न हो, उसका आधार तुरंत बन सकता है.
इस पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने और अभिभावकों की मदद करने में शिमला डाकघर के आधार काउंटर की कमान संभाल रहीं उर्मिला का विशेष योगदान है. उनकी देखरेख में प्रतिदिन दर्जनों परिवारों को बिना किसी परेशानी के यह सरकारी सुविधा मिल रही है.
शिमला डाकघर में आधार काउंटर संभाल रहीं उर्मिला बताती हैं कि कई बार माता-पिता इस बात को लेकर भ्रम में रहते हैं कि इतने छोटे बच्चे का आधार कैसे बनेगा. उर्मिला न केवल उनका आधार कार्ड बनाती हैं, बल्कि उन्हें इसके महत्व के बारे में भी जागरूक करती हैं.
उर्मिला का कहना है कि, "हमारा लक्ष्य है कि शिमला और आसपास के इलाकों से आने वाले किसी भी परिवार को कागजी कार्रवाई के चक्कर में न फंसना पड़े. हम सुनिश्चित करते हैं कि बच्चा चाहे 1 दिन का हो या 5 साल का, उसका पंजीकरण कुछ ही मिनटों में हो जाए. ताकि माता-पिता को बार-बार चक्कर न लगाने पड़े."
1 दिन का बच्चा और 2 दस्तावेज, बस इतना ही काफी
अक्सर लोग सोचते हैं कि नवजात शिशु का आधार बनवाने के लिए बहुत सारे कागजों की जरूरत होगी. लेकिन उर्मिला ने स्पष्ट किया कि केवल दो प्रमुख दस्तावेजों के साथ आधार बनवाया जा सकता है. पहला अस्पताल या नगर निगम द्वारा जारी किया गया बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र (Birthcertificate) और दूसरा माता-पिता के आधार कार्ड में से किसी एक का आधार लिंक करने के लिए जरूरी है.
इसमें सबसे बड़ी राहत यह है कि 5 साल से कम उम्र के बच्चों का बायोमेट्रिक (उंगलियों के निशान और आंखों की पुतली) नहीं लिया जाता. उनकी पहचान माता-पिता के आधार से जुड़ी होती है, जिससे प्रक्रिया बहुत तेज हो जाती है.
मिनटों में काम, कोई लंबी कतार नहीं
शिमला डाकघर में प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस रखा गया है.
- बर्थ सर्टिफिकेट और आधार का सत्यापन: सबसे पहले आधार काउंटर पर मौजूद अधिकारी आपके द्वारा लाए गए बर्थ सर्टिफिकेट और माता-पिता के आधार की जांच (Verification) करते हैं.
- फोटोग्राफी: बच्चे की एक लाइव फोटो खींची जाती है. इसके लिए बच्चे का आंखें खोलना या स्थिर बैठना अनिवार्य नहीं है, नवजात शिशुओं की फोटो भी आसानी से ली जाती है.
- डिजिटल रजिस्ट्रेशन: माता या पिता का बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन लिया जाता है और फॉर्म डिजिटल रूप से सबमिट कर दिया जाता है.
- नामांकन पर्ची: प्रक्रिया पूरी होते ही आपको एक रसीद (Enrolment Slip) दी जाती है, जिससे आप घर बैठे ऑनलाइन स्टेटस चेक कर सकते हैं.

5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए जो आधार कार्ड जारी होता है, उसे 'बाल आधार' कहा जाता है. उर्मिला बताती हैं, 'जब बच्चा 5 साल का हो जाता है, तब उसके बायोमेट्रिक अपडेट कराना जरूरी होता है, जिसे 'अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट' (MBU) कहते हैं. यह सेवा भी डाकघर में आसानी से उपलब्ध है'.
100% मुफ्त सेवा, कोई शुल्क नहीं
सरकार और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक ने स्पष्ट किया है कि 5 साल से कम उम्र के बच्चों का नया आधार बनवाना पूरी तरह से निशुल्क (Free) है. शिमला डाकघर में उर्मिला इस बात का खास ख्याल रखती हैं कि किसी भी नागरिक से कोई फॉर्म फीस या प्रोसेसिंग चार्ज न लिया जाए. यह सेवा जनता की भलाई के लिए पूरी तरह से मुफ्त है.
क्यों है आधार कार्ड बनवाना जरूरी?
आज के समय में आधार के बिना कई काम रुक सकते हैं.
- शिक्षा: शिमला के प्रतिष्ठित स्कूलों में नर्सरी एडमिशन के लिए आधार अनिवार्य कर दिया गया है.
- स्वास्थ्य: सरकारी अस्पतालों में इलाज और टीकाकरण (Vaccination) के रिकॉर्ड के लिए आधार की जरूरत पड़ती है.
- सरकारी लाभ: सुकन्या समृद्धि योजना, स्कॉलरशिप और अन्य बाल विकास योजनाओं का लाभ सीधे खाते में पाने के लिए आधार जरूरी है.
- पहचान पत्र: हवाई यात्रा या ट्रेन यात्रा के दौरान बच्चे की पहचान साबित करने का यह सबसे पुख्ता जरिया है.

उर्मिला और शिमला डाकघर की टीम उन सभी अभिभावकों से अपील करती है जो अपने बच्चों के आधार कार्ड को लेकर देरी कर रहे हैं. उनका कहना है कि "इंतजार न करें, क्योंकि आधार कार्ड अब केवल एक कार्ड नहीं, बल्कि आपके बच्चे का भविष्य सुरक्षित करने की एक चाबी है."
अगर आपके घर में भी कोई छोटा बच्चा है, तो आज ही शिमला मुख्य डाकघर जाएं और आधार काउंटर पर जाकर अपने बच्चे का आधार कार्ड बनवाएं. याद रखें, सुरक्षा और पहचान ही बच्चे का पहला अधिकार है.
एक नजर में मुख्य जानकारी
स्थान: शिमला मुख्य डाकघर में आधार काउंटर.
जरूरी कागजात: बर्थ सर्टिफिकेट + माता/पिता का आधार कार्ड.
उम्र सीमा: 1 दिन से 5 साल तक.
फीस: बिल्कुल मुफ्त.
समय: प्रक्रिया में लगता है मात्र 5 से 10 मिनट.

