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शरीर में एक साथ दो हर्निया, SMS अस्पताल के चिकित्सकों ने की सफल रोबोटिक सर्जरी

रोबोट सर्जरी में ब्लड लॉस कम होता है और मरीज की रिकवरी बहुत तेजी से होती है.

एसएमएस में हर्निया सर्जरी करने वाली डॉक्टर्स की टीम
एसएमएस में हर्निया सर्जरी करने वाली डॉक्टर्स की टीम (Source : SMS hospital)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : March 4, 2026 at 2:50 PM IST

2 Min Read
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जयपुर: राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में रोबोट के जरिए एक मरीज के दोनों तरफ हुए हर्निया का ऑपरेशन किया गया. मरीज का पिछले कुछ समय पहले एक्सीडेंट हुआ था, जिसके कारण उसके चोट लगी और उसके शरीर के दोनों साइड हर्निया हो गया था. डॉक्टरों का कहना है कि अमूमन ट्रॉमा केस में हर्निया होने की संभावना बहुत कम रहती है.

अब तक 300 सर्जरी : एसएमएस हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी ने बताया कि एसएमएस हॉस्पिटल की जनरल सर्जरी डिपार्टमेंट में रोबोटिक मशीन लगने के बाद से अब तक 300 सर्जरी की जा चुकी है, जो अपने आप में एक बड़ा कीर्तिमान है. उन्होंने बताया कि राजस्थान के सरकारी हॉस्पिटल में रोबोट से इतनी सर्जरी अभी तक किसी जगह नहीं हुई. रोबोट सर्जरी का सबसे बड़ा फायदा मरीजों को होता है, जिसमें ब्लड लॉस कम होता है और मरीज की रिकवरी बहुत तेजी से होती है.

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ट्रक रोकने के दौरान हुआ था एक्सीडेंट : डॉ. शर्मा ने बताया कि मरीज रामपाल (50) राजस्थान पुलिस में हेड कांस्टेबल है. मरीज ने बताया कि पिछले साल 30 नवंबर को राजपार्क में ड्यूटी के दौरान एक बेकाबू ट्रक को रोकने के दौरान उनका एक्सीडेंट हो गया था. इस दौरान उसके शरीर पर चोट आई. इस कारण से उसके हर्निया होना बताया गया. मरीज पिछले महीने जब ओपीडी में आया. यहां उसकी तमाम जांचे करवाने के बाद हर्निया की पुष्टि होने पर 23 फरवरी को भर्ती किया गया. 28 फरवरी को ऑपरेशन करने के बाद धुलंडी यानी 3 मार्च को छुट्टी दी.

एसएमएस हॉस्पिटल में सर्जरी डिपार्टमेंट की एचओडी डॉ. ऋचा जैन के निर्देश में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नरेन्द्र शर्मा और उनकी टीम ने इस सर्जरी को अंजाम दिया. डॉ. नरेन्द्र शर्मा ने बताया कि सर्जरी करने में करीब ढाई घंटे लगे. इस दौरान मरीज के 8-8MM के तीन छेद करके पूरी सर्जरी की गई. इस सर्जरी में डॉक्टर नरेन्द्र शर्मा के साथ डॉ. दीक्षा मेहता, डॉ. हिमांशु, डॉ. सोनाली, डॉ. सौम्या, एनिस्थिसिया से सीनियर प्रोफेसर डॉ. सुशील भाटी, डॉ. इन्दु, डॉ. सुनील चौहान, डॉ. मनोज सोनी, डॉ. आकांक्षा मौजूद रहे.