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दिव्यांग अनुराग रावत ने नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन में दिखाया दम, 10 किलो की दौड़ पूरी कर बने प्रेरणास्रोत

चमोली जनपद के नीति घाटी में 'नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन' का आयोजन सबका ध्यान अपनी ओर खींच रहा है.

Neeti Extreme Ultra Run
नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन (Photo-ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : June 2, 2026 at 10:07 AM IST

3 Min Read
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चमोली: उत्तराखंड पर्यटन विभाग व भारतीय सेना के संयुक्त तत्वावधान में नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन-2026 का आयोजन किया गया. उच्च हिमालयी क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने व सीमांत क्षेत्रों की सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से ये आयोजन हो रहा है. यह कार्यक्रम राज्य सरकार की ‘वाइब्रेंट बॉर्डर विलेज’ अवधारणा को भी सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. जिसको लेकर प्रतिभागियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. वहीं अल्ट्रा रन में 25 वर्षीय अनुराग रावत ने 10 किलोमीटर की दौड़ सफलतापूर्वक पूरी कर सभी को प्रेरित किया.

बता दें कि, विगत 31 मई को कार्यक्रम का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी द्वारा फ्लैग ऑफ कर किया गया. इस अवसर पर गृह सचिव उत्तराखण्ड शासन शैलेश बगोली, पर्यटन सचिव धीरज सिंह गर्ब्याल व अन्य अधिकारियों ने प्रतिभागियों के साथ दौड़ लगाकर उनका उत्साहवर्धन किया. इस प्रतिष्ठित अल्ट्रा रन में 75 किमी, 42 किमी, 21 किमी, 10 किमी व 5 किमी की विभिन्न श्रेणियों में देशभर से आए पेशेवर एवं शौकिया धावकों ने प्रतिभाग किया. इस प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों को नीति घाटी की प्राकृतिक सुंदरता, रोमांचकारी ट्रैक व स्थानीय संस्कृति को निकट से जानने का अवसर भी मिला.

सीमांत नीति घाटी में आयोजित "नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन" में 25 वर्षीय अनुराग रावत ने 10 किलोमीटर की दौड़ सफलतापूर्वक पूरी कर सभी को प्रेरित किया. अनुराग रावत ने "नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन" में अटूट जज्बे का परिचय देते हुए लगभग 1 घंटा 45 मिनट में 10 किलोमीटर की कठिन दौड़ पूरी कर सभी प्रतिभागियों व दर्शकों को प्रेरित किया. अनुराग रावत ने यह सिद्ध कर दिया कि मजबूत इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प के आगे कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती. मूल रूप से पौड़ी जनपद के निवासी तथा वर्तमान में दिल्ली में रह रहे अनुराग रावत ने दिव्यांगता के बावजूद नीति घाटी की दुर्गम एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में इस कठिन दौड़ को सफलतापूर्वक पूरा किया.

नीति घाटी के ऊंचे पहाड़, कठिन रास्ते और सीमित ऑक्सीजन जैसी विषम परिस्थितियों के बीच अनुराग का यह प्रदर्शन सभी के लिए प्रेरणास्रोत बन गया. अनुराग की इस उपलब्धि ने यह संदेश दिया कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की क्षमता को सीमित नहीं कर सकती. उनके साहस, दृढ़ निश्चय और सकारात्मक सोच ने आयोजन में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति को प्रेरित किया. नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन में उनका प्रदर्शन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि जीवन की चुनौतियों से संघर्ष करते हुए आगे बढ़ने की प्रेरणादायक मिसाल बन गया.

अनुराग ने बताया कि इससे पूर्व भी उन्होंने कई प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग ले चुके हैं. इस अवसर पर अनुराग ने कहा कि सीमाएं केवल हमारे दिमाग में होती हैं. यदि संकल्प मजबूत हो, तो इंसान अपने शरीर को किसी भी मंजिल तक पहुंचा सकता है. सीमांत नीति घाटी में आयोजित इस एडवेंचर स्पोर्ट्स महाकुंभ में देश के 27 राज्यों से आए 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने विभिन्न श्रेणियों की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया.

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