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दंगा नियंत्रण के लिए बिहार के हर जिले में बनेगा DARF, 49 कंपनियों का होगा गठन

बिहार में दंगा नियंत्रण के लिए विशेष पुलिस यूनिट का गठन होगा. 49 कंपनियों का गठन किया जाएगा. रिपोर्ट- राजीव रंजन पाठक

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बिहार में दंगा नियंत्रण के लिए DARF का गठन (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : August 19, 2026 at 3:42 PM IST

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पटना: बिहार पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी जिलों में कानून व्यवस्था से जुड़ी संवेदनशील परिस्थितियों से निपटने के लिए District Anti Riot Force यानी DARF के गठन की तैयारी शुरू कर दी है. पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी प्रेस रिलीज के अनुसार सामुदायिक तनाव, हिंसक प्रदर्शन, सड़क जाम, सरकारी संपत्ति पर हमले, भीड़ नियंत्रण और अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए जिला और अनुमंडल स्तर पर दंगा निरोधी दस्ता यानी Riot Control Unit का गठन किया जाएगा.

दंगा नियंत्रण के लिए बड़ी पहल: पुलिस मुख्यालय के मुताबिक दंगा निरोधी दस्ते में प्रभारी पदाधिकारी के साथ प्रशिक्षित पुलिस पदाधिकारी और कर्मी, प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मी, जरूरत के अनुसार चिकित्सा और एंबुलेंस सहायता दल, वीडियोग्राफी और दस्तावेजीकरण के लिए नामित कर्मी, संचार एवं रिजर्व बल तथा लाठी दस्ते में ओआरओ के सिपाही शामिल रहेंगे.

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हर जिले में बनेगी विशेष पुलिस यूनिट (ETV Bharat)

प्रत्येक कंपनी में तीन प्लाटून होंगे. हर प्लाटून में अश्रु गैस दस्ता, लाठी दस्ता, सशस्त्र बल, चालक और वायरलेस ऑपरेटर सहित कुल 47 कर्मी होंगे. प्रत्येक प्लाटून में दो वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनमें एक बस और एक ट्रक शामिल होगा.

49 कंपनियों का होगा गठन: राज्य के सभी जिलों को ए, बी और सी श्रेणी में वर्गीकृत कर कुल 49 कंपनी दंगा निरोधी दस्ता गठित किया जाएगा. इसके लिए कुल 294 वाहन उपलब्ध कराए जाने की योजना है. श्रेणी ए में पटना जिले को तीन कंपनियां और 18 वाहन दिए जाएंगे. गया, रोहतास, मुजफ्फरपुर, सारण, मोतिहारी, बेतिया, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, भागलपुर और बेगूसराय को दो दो कंपनियां और 12 12 वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे.

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49 कंपनियों का होगा गठन (ETV Bharat)

श्रेणी बी में नालंदा, औरंगाबाद, नवादा, जहानाबाद, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, वैशाली, सीतामढ़ी, सिवान, गोपालगंज, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज, बांका, मुंगेर और जमुई खगड़िया को एक एक कंपनी तथा छह छह वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे. श्रेणी सी में अरवल, शिवहर, बगहा, लखीसराय, शेखपुरा और नवगछिया को एक एक प्लाटून तथा दो दो वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे.

तत्काल सूचना प्रसारित की जाएगी: दंगा या हिंसक स्थिति की सूचना मिलने पर जिला नियंत्रण कक्ष की ओर से तत्काल सूचना प्रसारित की जाएगी. इसके बाद दंगा निरोधी दस्ते को 20 मिनट के भीतर निर्धारित स्थान के लिए रवाना किया जाएगा. दस्ते को घटनास्थल पर वरीय पुलिस पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित करते हुए लगातार स्थिति का आकलन करना होगा और आवश्यकता के अनुसार नियमानुकूल कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी.

पुलिस मुख्यालय ने दंगा निरोधी दस्ते के प्रशिक्षण पर भी विशेष जोर दिया है. प्रत्येक जिले के पुलिस केंद्र में एक महीने का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा. प्रशिक्षण के लिए पुनरीक्षण, सार्जेंट मेजर, पुलिस उपाधीक्षक या संबंधित अधिकारियों का चयन किया जाएगा.

मेरठ में प्रशिक्षण: चयनित ट्रेनर को Rapid Action Force Academy for Public Order यानी RAPO मेरठ में प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसके बाद ये प्रशिक्षक अपने अपने जिले में DARF के लिए चयनित अधिकारियों और जवानों को विशेष प्रशिक्षण देंगे. प्रत्येक तीन महीने में प्रत्येक प्लाटून के लिए एक सप्ताह का रिफ्रेशर कोर्स यानी Rotational Training भी कराया जाएगा. यह प्रशिक्षण पुलिस केंद्र में पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में आयोजित होगा.

वरीय पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक जिला दंगा निरोधी बल के प्रशिक्षण के लिए साजो सामान, उपकरण और आवासन की व्यवस्था करेंगे. वहीं क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस उप महानिरीक्षक प्रशिक्षण से जुड़े कार्यों का अनुश्रवण करेंगे. पुलिस मुख्यालय की इस व्यवस्था का उद्देश्य संवेदनशील कानून व्यवस्था की स्थिति में प्रशिक्षित बल की त्वरित उपलब्धता और प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है.

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