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रास्ता खोलो अभियान : जयपुर में 1500 से ज्यादा राहें हुईं आसान, फागी अव्वल

जिला प्रशासन संवाद आधारित रणनीति के चलते कई वर्ष पुराने विवादों का समाधान सहमति एवं समझाइश से कर रहा है.

road in Jaipur was reopened after negotiations
जयपुर में समझाइश से खुलवाया रास्ता (Photo: District administration)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 11, 2026 at 8:05 PM IST

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जयपुर: जिले में संचालित 'रास्ता खोलो अभियान' के तहत 14 महीनों में वर्षों से बंद 1,508 रास्ते खुलवाए गए. इससे लाखों ग्रामीणों की खेतों, ढाणियों और गांवों तक पहुंच आसान हुई. जिला कलेक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी की मॉनिटरिंग में प्रशासन संवाद आधारित रणनीति के चलते कई वर्षों पुराने विवादों का समाधान सहमति एवं समझाइश से कर रहा है. अभियान में फागी तहसील अव्वल रही, जहां सर्वाधिक 136 रास्ते खुलवाए गए. वहीं, मौजमाबाद तहसील में 120 रास्ते खुलवाए.

अभियान के नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर आशीष कुमार ने बताया कि हर तहसील में हर सप्ताह न्यूनतम 3 रास्ते खुलवाने का लक्ष्य है. सहमति और समझाइश से गांवों, खेतों और ढाणियों के वर्षों से बंद रास्तों को खोला जा रहा है. 15 नवंबर 2024 से 10 जनवरी 2026 की अवधि में अभियान के तहत फागी तहसील में सर्वाधिक 136, मौजमाबाद में 120, आंधी में 101, चौमूं में 91, शाहपुरा में 86, आमेर एवं जमवारामगढ़ में 80–80, दूदू में 78, माधोराजपुरा में 76, जोबनेर में 74, रामपुरा-डाबड़ी में 72, फुलेरा में 81 एवं चाकसू तहसील में 82 रास्ते खुलवाए गए.

पढ़ें: जयपुर में 'रास्ता खोलो अभियान' से बदली गांवों की तस्वीर, अब तक खोले गए 1,310 रास्ते

एडीएम आशीष कुमार ने बताया कि बस्सी में 77, किशनगढ़-रेनवाल में 65, कोटखावदा में 63, जालसू में 57, तूंगा में 50, सांगानेर में 27, कालवाड़ में 8 तथा जयपुर तहसील में 4 रास्ते खुलवाए गए. इससे जिले में आवागमन सुगम होने के साथ ग्रामीणों और किसानों को सीधा लाभ मिला. कलेक्टर ने रास्ते खुलने के बाद ग्रेवल एवं सीसी रोड निर्माण जल्द शुरू करने के निर्देश दिए. अब तक 300 किलोमीटर से अधिक ग्रेवल रोड एवं 20 किमी से अधिक सीसी रोड बन भी चुकी है. न्यायालय में विचाराधीन प्रकरणों में परिवादियों को संबंधित न्यायालय से ही समाधान मिलेगा.

अभियान की जरूरत क्यों: ग्रामीण क्षेत्रों में रास्तों पर अतिक्रमण को लेकर जनसुनवाई एवं न्यायालयों में बड़ी संख्या में परिवाद सामने आते हैं. इससे आमजन को अनावश्यक रूप से समय, धन और संसाधनों की हानि होती थी. कानून व्यवस्था भी प्रभावित होती थी. इन्हीं समस्याओं के स्थायी समाधान के उद्देश्य से जयपुर जिला प्रशासन ने 'रास्ता खोलो अभियान' की शुरू किया था.

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