नंदन पहाड़ के सौंदर्यीकरण की तैयारी तेज, श्रावणी मेले से पहले तैयार होगी योजना
देवघर के नंंदन पहाड़ में बेहतर पर्यटन व्यवस्था को लेकर प्रशासन की तरफ से सौंदर्यीकरण की तैयारी तेज कर दी गई है.

Published : May 21, 2026 at 6:40 PM IST
देवघर: जिले को बेहतर पर्यटन शहर बनाने की दिशा में प्रशासन लगातार प्रयासरत है. बाबा बैद्यनाथ मंदिर के अलावा जिले में कई ऐसे पर्यटन स्थल हैं, जहां घूमने और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए देशभर से पर्यटक पहुंचते हैं. इन्हीं प्रमुख पर्यटन स्थलों में देवघर का नंदन पहाड़ और डिग्रिया पहाड़ भी शामिल है. नंदन पहाड़ का धार्मिक और पौराणिक महत्व भी काफी माना जाता है. मान्यता है कि सदियों पहले भगवान भोलेनाथ के वाहन और सेवक नंदी महाराज का यहां निवास स्थान था.
पौराणिक कथाओं के अनुसार नंदी महाराज ने इसी स्थान पर रावण से युद्ध किया था. यही वजह है कि यहां नंदी महाराज की प्रतिमा भी स्थापित है. जिसे देखने श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं. उत्तर प्रदेश से परिवार के साथ नंदन पहाड़ घूमने पहुंचे एक पर्यटक ने बताया कि बाबा मंदिर के बाद उन्होंने नंदन पहाड़ के बारे में काफी सुना और पढ़ा था. इसी कारण वे अपने परिवार के साथ देवघर घूमने आए हैं. वहीं नंदन पहाड़ के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नंदन पहाड़ का सौंदर्यीकरण और बेहतर तरीके से किया जाए तो इससे पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी काफी लाभ मिलेगा.
बी-ग्रेड पर्यटन स्थल है नंदन पहाड़: अधिकारी
नंदन पहाड़ के विकास और सौंदर्यीकरण को लेकर जिले के खेल एवं सांस्कृतिक पदाधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि नंदन पहाड़ बी-ग्रेड पर्यटन स्थल की श्रेणी में आता है. उन्होंने कहा कि बी-ग्रेड पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर का पर्यटन स्थल माना जाता है और ऐसे स्थलों के विकास के लिए प्रतिवर्ष दो करोड़ रुपए तक खर्च करने का प्रावधान है.
उन्होंने बताया कि वर्तमान उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में नंदन पहाड़ के सौंदर्यीकरण कार्य को जल्द शुरू करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही राज्य के पर्यटन सचिव के साथ भी नंदन पहाड़ के विकास को लेकर चर्चा की गई है. सचिव स्तर से भी योजना को स्वीकृति मिल चुकी है. संतोष कुमार ने कहा कि विकास कार्य को धरातल पर उतारने के लिए पर्यटन विभाग के संवेदकों से संपर्क किया गया है और श्रावणी मेले से पहले नंदन पहाड़ के विकास कार्य का डीपीआर तैयार कर लिया जाएगा.
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नंदन पहाड़ में प्रशासन गंभीर
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी जिला प्रशासन गंभीर नजर आ रहा है. तत्काल व्यवस्था के तहत नंदन पहाड़ पर एनडीआरएफ की टीम की तैनाती की जाएगी. इसके अलावा पहाड़ों के बीच मौजूद खतरनाक दूरी और खाली हिस्सों को भरने का काम भी किया जाएगा. गौरतलब है कि पिछले वर्ष श्रावणी मेले के दौरान नंदन पहाड़ घूमने पहुंचे एक श्रद्धालु की पैर फिसलने से मौत हो गई थी. इसी घटना को देखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है.
देवघर में बाबा मंदिर के साथ-साथ अन्य पर्यटन स्थल भी राजस्व का बड़ा स्रोत माने जाते हैं. ऐसे में यदि इन पर्यटन स्थलों को आधुनिक और आकर्षक रूप दिया जाता है तो इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ जिला प्रशासन और राज्य सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी. अब देखने वाली बात होगी कि जिला प्रशासन नंदन पहाड़ के विकास कार्य को कब तक पूरी तरह मूर्त रूप दे पाता है. जिससे आने वाले पर्यटक यहां का सुरक्षित और बेहतर अनुभव प्राप्त कर सके.
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