LDA के 14 अपार्टमेंट्स के कार्पस फंड का विवाद, RWA की जगह LDA को ट्रांसफर हुई 18 करोड़ से अधिक की रकम
LDA ने FD रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के नाम से कराया था. मामले की शिकायत सीएम योगी से भी की गई है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 10, 2026 at 3:44 PM IST
लखनऊ : गोमती नगर विस्तार के 14 अपार्टमेंट्स के कार्पस फंड की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को लेकर नया विवाद सामने आया है. लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने FD रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के नाम से कराया था, लेकिन बैंक खाता LDA का लिंक कर दिया. FD के मेच्योर होने पर 14 दिसंबर को कुल 18 करोड़ 60 लाख 62 हजार 757 रुपये LDA के खाते में ट्रांसफर हो गई.
मामले में लखनऊ जनकल्याण महासमिति के अध्यक्ष उमाशंकर दुबे ने मुख्यमंत्री से शिकायत की है. उन्होंने कहा कि इससे प्रतिमाह करीब 10 लाख रुपये का ब्याज नुकसान हो रहा है. निवासियों की जीवनभर की पूंजी प्रभावित हुई है. शिकायत में मांग की गई है कि राशि तत्काल RWA के खाते में ट्रांसफर हो, ब्याज का भी भुगतान किया जाए. FD पुनः निवेश हो और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए.
अलकनंदा अपार्टमेंट की FD (₹3.06 करोड़) की भी जांच की मांग की गई है. इस मामले में लखनऊ विकास प्राधिकरण ने जांच शुरू भी कर दी है. कहा गया है कि जल्द ही यह राशि वापस RWA के खातों में ट्रांसफर की जाएगी.
उमाशंकर दुबे ने बताया, गंगा, यमुना, सरस्वती, शारदा, राप्ती, बेतवा, रोहणी, कावेरी, ग्रीन वुड के विभिन्न ब्लॉक, शिप्रा और सतलज सहित कुल 14 अपार्टमेंट्स के कार्पस फंड को LDA ने पहले 444 दिनों के लिए FD में निवेश किया था. नियमों के मुताबिक इस फंड को हमेशा FD में रखना था, केवल ब्याज का उपयोग कार्पस मद में करना था और मैच्योरिटी पर ऑटो रिन्यूअल होना था, लेकिन FD लिंक करने के समय RWA का अलग बैंक खाता देने के बजाय LDA ने अपना खाता दर्ज करा दिया.
उमाशंकर दुबे ने बताया, इतनी बड़ी राशी पर महज एक महीने का लगभग 10 लाख रुपये का ब्याज का नुकसान हुआ है. उन्होंने इसे फ्लैट मालिकों की जीवनभर की जमा पूंजी के साथ अन्याय बताया है. पत्र में मांग की गई है कि राशि तुरंत सही RWA खातों में ट्रांसफर की जाए, ब्याज का भुगतान हो, फंड दोबारा RWA नाम से FD में लगाया जाए और बैंक को निर्देश दिए जाएं कि आगे मैच्योरिटी पर रकम सीधे RWA खाते में जाए.
अलकनंदा अपार्टमेंट की उसी दिन मेच्योर हुई 3.06 करोड़ रुपये की FD की भी जांच की मांग की गई है. उमाशंकर दुबे ने लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की भी मांग की. वर्षों पहले LDA ने इन अपार्टमेंट्स के लिए करीब 100 करोड़ रुपये के फंड जारी करने की बात कही थी और कुछ हिस्सा ही RWA को मिला था.
लखनऊ विकास प्राधिकरण के वित्त नियंत्रक दीपक सिंह ने बताया कि किसी तकनीकी दिक्कत की वजह से FD का भुगतान लखनऊ विकास प्राधिकरण के खाते में हुआ है. व्यवस्था को दुरुस्त करवाया जाएगा और जिस भी खाते का धन है वहां वापसी होगी.
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