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जोधपुर में कोर्ट परिसर में वकील और पुलिस अधिकारी के बीच विवाद, 'सॉरी' से सुलह हुई

विवाद के दौरान वकीलों ने कोर्ट में ही हंगामा शुरू कर दिया. बाद में वरिष्ठ अधिकारी की मौजूदगी में बंद कमरे में सुलह हुई.

dispute  between Lawyer Advocate
कोर्ट परिसर में एकत्र वकील (Etv Bharat Jodhpur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 9, 2026 at 6:16 PM IST

3 Min Read
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जोधपुर: पुराने हाईकोर्ट परिसर में शुक्रवार को एक बार फिर पुलिस और वकीलों के बीच विवाद हो गया. बाद में वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप से मामला शांत हो गया, लेकिन करीब दो घंटे तक परिसर में हंगामा चलता रहा.

चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाने की सब-इंस्पेक्टर सलोचना पेशी के लिए पुराने हाईकोर्ट परिसर में गई थीं, जब वह अपनी कार निकाल रही थीं, तो एक अधिवक्ता भी वहां अपनी कार निकाल रहे थे. परिसर में भीड़ अधिक होने के कारण गाड़ी निकालने में दिक्कत हो रही थी. इस दौरान सब-इंस्पेक्टर और अधिवक्ता के बीच विवाद हो गया. अधिवक्ता ने अपनी गाड़ी आगे लगा दी. इसके बाद सब-इंस्पेक्टर अपनी गाड़ी वहीं छोड़कर पेशी पर चली गईं, जिससे विवाद और बढ़ गया. कुछ देर बाद वकीलों ने विरोध शुरू कर दिया और पुलिस से माफी की मांग करने लगे. मामला बढ़ता देख एडीसीपी सुनील पंवार वहां पहुंचे. उन्होंने बंद कमरे में बातचीत कर मामले का समाधान निकाला और पुलिस की ओर से खेद जताया गया. इसके बाद वकील शांत हुए.

वकील और पुलिस में हुआ विवाद (Etv Bharat Jodhpur)

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सब इंस्पेक्टर सलोचना ने बताया कि पार्किंग में जगह नहीं थी. अधिवक्ता ने उसे आगे लेने को कहा, लेकिन वहां जगह नहीं थी. इसके बाद अधिवक्ता अपनी गाड़ी बंद करके बैठ गए और कई वकील एकत्र हो गए. सलोचना ने कहा कि उसकी गाड़ी बैक जा सकती थी, लेकिन कोई वकील इसे नहीं समझ रहा था. करीब आधा घंटे गतिरोध रहा. बाद में आटो वालों ने गाड़ियां आगे-पीछे कर जगह बनाई. जैसे ही उसने गाड़ी आगे लेकर घुमानी चाही, अधिवक्ता ने फिर से अपनी गाड़ी आगे लाकर रास्ता रोक दिया और कहने पर भी नहीं माने. इसके बाद वह अपनी गाड़ी खड़ी करके पेशी पर चली गई. सब-इंस्पेक्टर ने बताया कि पेशी के दौरान भी वकील हंगामा कर रहे थे और जज के समझाने पर भी नहीं मान रहे थे. उन्हें सिर्फ 'सॉरी' सुनना था, बड़ी मुश्किल से माने. वहीं, अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष बुधराम ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि पुलिसकर्मी अपनी गाड़ी वहां रखकर चली गईं. जब हमारे साथी अधिवक्ता ने उनसे कहा तो वे नहीं मानीं, बल्कि धमकाने लगी. इसके बाद विरोध हुआ.

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पहले भी हो चुका विवाद: हाल ही में जोधपुर के कुडी भगतासनी थाने में भी पुलिस और एक अधिवक्ता के बीच विवाद हुआ था, जो काफी चर्चित रहा. थानाधिकारी की ओर से वकील को अंदर करने की धमकी देने का वीडियो सामने आने पर वकीलों ने विरोध किया था. मामले में थानाधिकारी को निलंबित किया गया था और बाद में हाईकोर्ट ने पुलिसकर्मियों को सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग देने के निर्देश दिए थे.