पाकुड़ में कोल कंपनी के खिलाफ गोलबंद हुए विस्थापित, वादाखिलाफी का लगाया आरोप
पाकुड़ में विस्थापित परिवार कोल कंपनी द्वारा किये गये वादाखिलाफी को लेकर आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं.

Published : March 1, 2026 at 4:54 PM IST
पाकुड़: जिले के अमड़ापाड़ा प्रखंड के पचुवाड़ा नोर्थ एवं सेंट्रल कोल ब्लॉक में कोयला के उत्खनन का कार्य कर रहे कोल कंपनी के खिलाफ रोजगार व मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर विस्थापित परिवार गोलबंद हुए.
अपनी मांगों को लेकर दर्जनों विस्थापित परिवार कोल कंपनी व जिला प्रशासन के कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं और कोल कंपनी द्वारा किये गये वादा खिलाफी को लेकर आंदोलन की रणनीति बनाते हुए खनन व परिवहन अनिश्चितकाल के लिए ठप करने की चेतावनी भी दी है.
कोल कंपनी द्वारा आश्वासन, परंतु कोई पहल नहीं
विस्थापित परिवारों का कहना है कि दोनों कोल कंपनी द्वारा खनन कार्य शुरू करने के पूर्व प्रभावित व विस्थापित परिवारों को क्षेत्र का विकास करने के बड़े-बड़े सपने दिखाए, मगर खनन कार्य चालू होने के बाद प्रभावित व विस्थापितों को धोखा दे दिया. इसे लेकर कई बार कोल कंपनी एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों को लिखित शिकायत की गयी थी. विस्थापितों ने बताया कि जिला प्रशासन की पहल पर कोल कंपनी और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कई बार बैठक हुई और कोल कंपनी द्वारा आश्वासन दिया गया परंतु कोई पहल नहीं की गयी.
9 मार्च से खनन व परिवहन ठप करने की चेतावनी
विस्थापितों ने बताया कि इस बार हमलोग आंदोलन के मूड में हैं और इसको लेकर एक शिकायत पत्र सिविल एवं पुलिस प्रशासन को दिया गया है कि यदि कोल कंपनी विस्थापित परिवारों के सदस्यों को रोजगार के अलावा मूलभूत सुविधाएं मुहैया नहीं कराती है तो 9 मार्च से खनन कार्य व परिवहन अनिश्चितकाल के लिए ठप कर दिया जायेगा.
ग्रामीणों के लिए कई काम किए जा रहे हैंः संजय बेसरा
विस्थापित परिवारों द्वारा कोल कंपनी पर लगाए गये आरोप को लेकर संपर्क करने पर बीजीआर के जनसंपर्क पदाधिकारी संजय बेसरा ने बताया कि विद्यालय एवं अस्पताल बनाने के लिए कंपनी तैयार है लेकिन जमीन नहीं मिलने के कारण विलंब हुआ है. जनसंपर्क पदाधिकारी ने कहा कि हमारी कंपनी बीच-बीच में मेडिकल कैंप लगाकर ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच करा रही है, साथ ही उन्हें मिलने वाली बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करा रही है. जनसंपर्क पदाधिकारी ने कहा कि फतेहपुर गांव में पुराना अस्पताल है और उसे तत्काल आधुनिक बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है.
ग्रामीणों को रोजगार देने के लिए हुनरमंद बनाया जा रहाः जनसंपर्क पदाधिकारी
संजय बेसरा ने कहा कि विस्थापित परिवारों को टैंकर के माध्यम से शुद्ध पानी मुहैया कराया जा रहा है, साथ ही कई स्थान पर आरओ भी लगाया गया. जहां तक सड़क की बात है डांगापाड़ा से चिरूडीह तक सड़क काफी खराब थी, जिसका निर्माण कार्य चल रहा है और जल्द पूरा हो जायेगा. उन्होंने बताया कि कोल कंपनी वादे के मुताबिक ग्रामीणों को रोजगार देने के लिए हुनरमंद बना रही है और वे आत्मनिर्भर हो इसके लिए कई तरह के प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं.
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