बजट सत्र के दूसरे दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा, सदन में हुई गरमागरम बहस
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा हुई.

Published : February 19, 2026 at 8:06 PM IST
रांचीः झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन भोजनावकाश के बाद सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा हुई. इस दौरान सदन में सत्तापक्ष-विपक्ष के विधायक कई मौके पर उलझते नजर आए.
जेएमएम विधायक हेमलाल मुर्मू ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव लाते हुए बीजेपी पर जमकर हमला बोला. उन्होंन राज्य सरकार की उपलब्धि को बताते हुए विपक्ष म़ें बैठी भाजपा पर निशाना साधने में कोई कसर नहीं छोड़ा. उन्होंने कहा कि ओबीसी को 27% आरक्षण देने का काम हमारी सरकार ने की मगर भाजपा सरकार ने इसे कम कर 14% कर दिया.
सदन में वंदे मातरम से लेकर एसआईआर तक की चर्चा इस दौरान होती रही. हेमलाल मुर्मू के संबोधन के दौरान भाजपा विधायक सीपी सिंह ने तीखी टिप्पणी करते हुए तंज कसते नजर आए. कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने धन्यवाद प्रस्ताव का समर्थन करते हुए भाजपा पर देश में नफरत की बीज बोने का आरोप लगाया उन्होंने कहा कि जिस तरह से कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल में मंत्रिपरिषद की मुहर लगी अभिभाषण को वहां के राज्यपाल ने नहीं पढ़ा और वहां के मुख्यमंत्री ने उसे पढ़ा और राज्यपाल ने अपना आभिभाषण को पढ़ा है. ऐसे में उन राज्यों के राज्यपाल को बर्खास्त करना चाहिए. प्रदीप यादव ने सदन में असम के सीएम हिमंता विस्वा सरमा के बयान की भी निंदा करते हुए भाजपा पर जमकर हमला बोलते नजर आए. उन्होंने कहा कि भाजपा वंदे मातरम का सम्मान नहीं करती है राम का नाम ढाल के रूप में इस्तेमाल कर भाजपा उसे बदनाम कर रही है.
पुलिस की भूमिका पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने उठाए सवाल
राज्यपाल के अभिभाषण पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़ा करते नजर आए. उन्होंने सदन से जमीन से जुड़े मामले के लिए विधानसभा समिति बनाने की मांग करते हुए कहा कि राज्य में जगह जगह जमीन से मामले आ रहे हैं सरकार कहती है कि इस वर्ष अधिग्रहण हुआ है जबकि वहां के रैयतों का अलग दावा रहता है. बुलडोजर चलाकर सरकार जबरन जमीन लेने का काम कर रही है.
बाबूलाल मरांडी ने सदन में डीजीपी नियुक्ति का मामला उठाया उसपर सदन के नेता और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सुप्रीम कोर्ट में मामला होने की बात कही. जिसपर बाबूलाल मरांडी ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक महीने के अंदर डीजीपी नियुक्ति का पैनल यूपीएससी को भेजने के निर्देश का हवाला देते हुए राज्य सरकार पर हमला बोला. बाबूलाल मरांडी ने राज्य में चल रहे धान खरीद में हो रही गड़बड़ी पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि बिचौलिए और कंप्यूटर ऑपरेटर इसमें जमकर हेराफेरी कर रहे हैं. मजबूरी में किसान बिचौलियों के हाथों धान बेच रहे हैं. ऐसी स्थिति में इस बार भी धान खरीद के लक्ष्य को सरकार नहीं पूरा कर पाएगी.
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के इस आरोप पर सदन में विभागीय मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने एतराज जताते हुए कहा कि जो आंकड़ा नेता प्रतिपक्ष सदन में दे रहे हैं, वह 2022-23 और 2023-24 का है जिस दौरान सुखा पड़ा था. इस बार धान की पैदावार अच्छी हुई है और 31 मार्च तक धान खरीद का समय है इसलिए जो लक्ष्य निर्धारित है वह जरूर पूरा होगा.
समय अभाव की वजह से आज राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा पूरा नहीं हो सका. शुक्रवार को एक बार फिर सदन में चर्चा होगी जिस दौरान मुख्यमंत्री संबोधित करेंगे. अंत में स्पीकर रबीन्द्रनाथ महतो ने सदन की कार्यवाही शुक्रवार दिन के 11 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा की.
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