ETV Bharat / state

कुमाऊं में बारिश का कहर! तेज बहाव में पुल बहा, नेशनल हाईवे पर भी लैंडस्लाइड

सीमांत जिले पिथौरागढ़ में भारी बारिश के बाद आपदा जैसे हालात बने हुए है. कई जगहों पर सड़कें भी बंद हुई थी.

Etv Bharat
फाइल फोटो. (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : July 4, 2026 at 3:52 PM IST

4 Min Read
Choose ETV Bharat

देहरादून: उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में भारी बारिश का तांडव देखने को मिला है. सीमांत जिले पिथौरागढ़ में भारी बारिश के कारण चीन सीमा मार्ग को जोड़ने वाला हाईवे भी बदहाल हो गया है, जिस वजह से करीब 50 गांवों को संपर्क तहसील मुख्यालय से कट गया है.

कुमाऊं मंडल में मानसून ने एक बार फिर विकराल रूप दिखाया है. सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के विशेषकर धारचूला और उससे लगे सीमा क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. लगातार हुई बारिश के चलते नेशलन हाईवे पर भी कई जगह भूस्खलन हुआ है, जिससे चीन सीमा को जोड़ने वाला मार्ग बंद हो गया था. इसी कारण 50 से ज्यादा गांवों को संपर्क भी तहसील मुख्यालय धारचूला से कट गया था. हालांकि हाईवे को खोल दिया गया है, लेकिन बारिश के कारण रोड बार-बार बंद हो रहा है.

भारी बारिश का सबसे अधिक असर टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर देखने को मिला, जहां तवाघाट के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने के कारण यातायात पूरी तरह रोकना पड़ा. इसी तरह आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर मलघाट क्षेत्र में लगातार पत्थर गिरने का सिलसिला जारी है, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों की आवाजाही जोखिम भरी हो गई है. हालांकि रास्त खोल दिया गाय है. कोई भी यात्री रास्ते में नहीं फंसा हुआ है. फिर भी प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम को देखकर ही यात्रा करें.

कैलास मानसरोवर मार्ग पर भी भूस्खलन: वहीं तवाघाट-लिपुलेख (कैलास मानसरोवर) मार्ग भी कई स्थानों पर भूस्खलन के चलते बंद हो गया है. इसके अलावा तवाघाट-सोबला-तिदांग सीमा मार्ग पर चार से पांच स्थानों पर मलबा आने से चीन सीमा का सड़क संपर्क पूरी तरह प्रभावित हो गया है. बारिश का असर केवल राष्ट्रीय और सीमा मार्गों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि धारचूला तहसील के घटखोला से सीनियाखोला को जोड़ने वाला पैदल पुल तेज बहाव में बह गया, जिससे स्थानीय लोगों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई.

आदि कैलाश के श्रद्धालु बीच रास्ते में फंसे: लगातार हो रही बारिश और पहाड़ियों से गिरते पत्थरों के कारण लोगों में भय का माहौल बना हुआ है. सीमा मार्ग बंद होने से आदि कैलाश यात्रा पर निकले श्रद्धालु भी रास्ते में फंस गए हैं, जबकि दारमा और व्यास घाटी जाने वाले कई वाहन तवाघाट क्षेत्र में ही रोक दिए गए हैं.

82 मिली बारिश दर्ज की गई: बीती रात क्षेत्र में 82 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जिसने पूरे सीमांत इलाके में हालात और गंभीर बना दिए. प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है और संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है.

जानिए कितनी सड़कें बंद: लोक निर्माण विभाग के अनुसार पिथौरागढ़ में कुल 13 सड़कें बंद हैं. इनमें 12 ग्रामीण मोटर मार्ग और एक राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) शामिल है. रिपोर्ट के अनुसार थल-मुनस्यारी मोटर मार्ग किलोमीटर 166 पर अवरुद्ध हुआ, जिसे सुबह लगभग 8 बजे तक खोलने का लक्ष्य रखा गया. वहीं गिनीबैंड-समकोट मार्ग किलोमीटर 9 पर बंद हुआ, जिसके दोपहर तक खुलने की संभावना जताई गई है.

इसके अलावा तवाघाट-थानीधार मोटर मार्ग डुंगरी-वासूड़ी मार्ग, बजने-टोली-सितोनिया मार्ग, तपोवन-गर्बी मार्ग, सोरना-सिरौं मोटर मार्ग, मटलोट-दारमा मार्ग, मनसुरी-कांडा मोटर मार्ग, कालिका-खुर्मी मार्ग, गलाती-गुमती मोटर मार्ग और चौरासांग-थानीगांव मोटर मार्ग भी मलबा और भूस्खलन के कारण बंद पड़े हैं.

इनमें से अधिकांश मार्गों को शनिवार दोपहर तक खोलने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अभी तक खोला नहीं जा सक है, जबकि कुछ स्थानों पर लगातार मलबा गिरने के कारण स्थिति मौसम पर निर्भर बनी हुई है.

पीएमजीएसवाई के तहत आने वाले कई ग्रामीण मार्गों पर भी यातायात पूरी तरह बाधित है. देवीबगड़-खेतकन्याला गधेरी मार्ग का एक हिस्सा पहले हुए वॉशआउट से प्रभावित है, जिसके कारण इस सड़क पर बहाली कार्य अभी भी जारी है.इससे कई दूरस्थ गांवों की आवाजाही प्रभावित बनी हुई है.

सीमांत जनपद में बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन एनएचपीएमजीएसवाई और लोक निर्माण विभाग की टीमें लगातार मशीनों के साथ मार्ग खोलने में जुटी हुई हैं. हालांकि मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक भारी बारिश की संभावना जताई है, जिसके चलते राहत और बहाली कार्यों में और अधिक समय लग सकता है.

पढ़ें---