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चंडीगढ़ की मौली जागरां में गंदे पानी का मामला: ETV भारत ने उठायी थी जनता की आवाज ,अब सांसद मनीष तिवारी ने की जल्द समाधान की मांग

मौली जगरां में गंदा पानी पीने से लोग बीमार पड़ रहे हैं. इस मुद्दे पर सांसद मनीष तिवारी ने त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की.

MAULI JAGRA WATER PROBLEM
चंडीगढ़ की मौली जागरां में गंदे पानी का मामला (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : February 13, 2026 at 1:43 PM IST

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Updated : February 13, 2026 at 3:24 PM IST

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चंडीगढ़: मौली जागरां कॉलोनी के निवासी लंबे समय से पीने के साफ पानी की कमी से जूझ रहे हैं. कॉलोनीवासियों का आरोप है कि नलों से आने वाला पानी बदबूदार, मटमैला और गंदा है, जिसमें सीवरेज की गंदगी भी मिल रही है. इसका असर रोजमर्रा के कामों पर पड़ रहा है और बच्चे व बुजुर्ग पानी से होने वाली बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं. मजबूरी में लोग बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर हैं, जिससे उनके ऊपर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है.

इस समस्या को खबर माध्यम से ईटीवी भारत ने प्रकाशित किया था. अब इस मुद्दे पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी का बयान सामने आया है. उन्होंने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है. साथ ही कहा है कि इस मामले में जल्द समाधान न होने पर यह मानव स्वास्थ्य और संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ है.

सांसद मनीष तिवारी का कड़ा बयान: सांसद मनीष तिवारी ने मौली जागरां की स्थिति पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि, "यह बहुत दुख और दुर्भाग्य की बात है प्रदेश में आज भी लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं और कई लोग बीमार पड़ रहे हैं. चंडीगढ़ में एक रिहैबिलिटेशन कॉलोनी है, जहां पिछले कुछ समय से गंदा पानी पीने से कई लोग बीमार पड़ रहे हैं. कुछ बच्चों को तो अस्पताल भी ले जाना पड़ा. चंडीगढ़ एक केंद्र शासित प्रदेश है. अगर केंद्र शासित प्रदेश में ऐसी स्थिति है, तो इससे ज़्यादा दुख और दुर्भाग्य की बात और कुछ नहीं हो सकती."

ट्यूबवेल और सप्लाई में अनिश्चितता: इस मुद्दे पर स्थानीय पार्षद मनोज कुमार के अनुसार कॉलोनी में ट्यूबवेलों की संख्या घट गई है और कई ट्यूबवेल अभी भी ठीक नहीं हैं. इसके कारण पानी की सप्लाई अनिश्चित और असुरक्षित बनी हुई है. साथ ही सीवरेज ओवरफ्लो और पानी की लाइनों में सीवरेज के मिल जाने की शिकायतें लंबे समय से आती रही हैं, लेकिन मरम्मत और नियमित जांच न होने के कारण समस्या और गंभीर हो गई है.

पार्षदों और नेताओं ने उठाया मुद्दा: स्थानीय पार्षदों और कांग्रेस नेताओं ने नगर निगम की बैठकों में इस समस्या को बार-बार उठाया है. हाल ही में नगर निगम की बैठक में भी यह मसला गर्म रहा और पार्षदों ने साफ पानी ना मिलने पर नाराज़गी जताई. अधिकारियों ने बताया कि पानी के नमूने लिए गए हैं और अब तीसरी पार्टी से जांच कराई जाएगी, जिसके बाद संभावित समाधान पर काम किया जाएगा.

जनता की उम्मीद: स्थानीय लोग आशा कर रहे हैं कि जल्द ही साफ पानी की सप्लाई बहाल की जाएगी और स्थायी उपाय किए जाएंगे. साथ ही उन अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी जिन्होंने लंबे समय तक इस समस्या की अनदेखी की.

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Last Updated : February 13, 2026 at 3:24 PM IST