बिहार के किसान ये काम बिल्कुल ना करें, सरकारी योजनाओं के लाभ से हो जाएंगे वंचित
बिहार में पराली जलाने के कारण 1807 किसानों का डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर रजिस्ट्रेशन रोका गया. आगे पढ़ें पूरी खबर

Published : February 21, 2026 at 8:24 PM IST
पटना : बिहार में पराली जलाने वाले किसानों पर नीतीश सरकार अब एक्शन लेने लगी है. बिहार में पराली जलाने वाले 1807 किसानों को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित कर दिया गया है. बिहार विधानसभा में कृषि विभाग द्वारा पेश की गई एक रिपोर्ट के अनुसार बिहार में 2025-26 में पराली जलाने की वजह से 1,807 किसानों का डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) रजिस्ट्रेशन रोक दिया गया है.
रिपोर्ट में हुआ खुलासा : बिहार सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार 2024 में 4,596 किसानों के DBT रजिस्ट्रेशन रोक दिए गए थे. 2024 के मुकाबले 2025 में पराली जलाने की घटना में कमी आई है. नीतीश सरकार ने पॉल्यूशन रोकने के लिए किसान पराली ना जलाएं इसके लिए कई उपाय किये गए है. विज्ञापन के माध्यम से भी किसानों को इसकी सूचना दी जा रही है वहीं एडवाइजरी भी जारी किया जाता है.

1807 किसानों पर एक्शन : फसल अवशेष जलाने के खिलाफ सरकार की एडवाइजरी का उल्लंघन करने पर 2025 में 1,758 किसानों की सब्सिडी और इंसेंटिव रोक दिए गए थे. रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल अब तक इसी तरह के उल्लंघन के लिए 49 और किसानों के DBT रजिस्ट्रेशन रोक दिए गए हैं. इस तरह कुल संख्या बढ़कर 1807 हो गई है.
सरकार की तरफ से कड़े कदम : पराली जलाने की घटना बिहार में पहले काफी कम होती थी. पंजाब हरियाणा जैसे राज्यों में ही पराली जलाने की खबर सामने आती रही है, लेकिन कुछ वर्षों से बिहार में भी पराली जलने लगे हैं. ऐसे में सरकार की तरफ से कड़े कदम भी उठाए जा रहे हैं.
2024 की तुलना में आयी काफी कमी : बजट सत्र में विधानसभा में पेश किए गए बिहार इकोनॉमिक सर्वे (2025-26) में बताया गया है कि पराली जलाने की घटना के कारण ही 2024 में 4,596 किसानों के DBT रजिस्ट्रेशन रोक दिए गए थे. हालांकि किसानों में जागरूकता बढ़ रही है. सरकार की कार्रवाई का भी असर है जिसके कारण इस साल पराली जलाने की घटना में कमी आई है.
दरअसल, कृषि विभाग ने फसल अवशेष जलाने के नुकसानदायक प्रभावों के बारे में किसानों और जनता के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए एक इंटर-डिपार्टमेंटल वर्किंग ग्रुप बनाया है. साथ ही जिले के अधिकारियों को कंबाइन हार्वेस्टर के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और फसल अवशेष जलाने के हॉटस्पॉट के रूप में पहचानी गई पंचायतों में कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है. इन सब के बावजूद जो किसान पराली जला रहे हैं. ऐसे में सरकार की तरफ से उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिसे पूरे बिहार में एक मैसेज जाए.
ये भी पढ़ें :-
पराली जलाने वाले किसानों पर FIR, सरकार की ओर से मिलने वाले लाभ पर DM ने लगायी रोक

