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डिंडोरी पहाड़ चीरकर खोजा पानी का पर्मानेंट इलाज, आदिवासी लेडीज से सूखा गांव मुस्कुराया

डिंडोरी में जल संरक्षण और जल संकट का एक साथ अनूठा इलाज. आदिवासी महिलाएं पहाड खोद पानी बचाने और हरियाली लाने में देश में अव्वल.

DINDORI FIRST IN WATER CONSERVATION
डिंडोरी में पीने का पानी पहाड़ चीर कर ला रहीं महिलाएं (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : May 26, 2026 at 9:18 AM IST

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Updated : May 26, 2026 at 11:11 AM IST

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डिंडोरी: मध्य प्रदेश का डिंडोरी जिला 1,30,000 जल संरचनाएं बनाकर भारत के सबसे ज्यादा जल संरचनाओं वाले जिले में शामिल हो गया है. जल शक्ति मंत्रालय ने डिंडोरी को पहला स्थान दिया है. वहीं, दूसरी तरफ डिंडोरी जिले के बजाग में पीने का पानी न मिलने की वजह से परेशान महिलाओं ने सड़क को जाम कर दिया. यहां पर रैयत टोला की महिलाएं 2 किलोमीटर पहाड़ पार करके गंदे कुएं का न पानी लाने को मजबूर हैं.

डिंडोरी मध्य प्रदेश का एक आदिवासी जिला है. यह एक पहाड़ी इलाका है और यहां पीने के पानी की सबसे बड़ी समस्या है. लेकिन, इसी डिंडोरी को जल संरचनाएं बनाने में पूरे देश में सबसे अच्छा जिला माना गया है. 22 अप्रैल को भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने जल संरक्षण को लेकर पूरे देश की रैंकिंग जारी की थी इसमें मध्य प्रदेश का डिंडोरी जिला पहले स्थान पर आया.

जल संरचनाएं बनाने में डिंडोरी जिले को पूरे देश में पहला स्थान

डिंडोरी जिले की कलेक्टर अंजू पवन भदोरिया का दावा है कि "पूरे मध्य प्रदेश में 9 मार्च से 30 जून तक गंगा जल संवर्धन अभियान चल रहा है. इसके तहत वर्षा जल को रोकने की कोशिश की जा रही है. इसके लिए जल संरचनाएं बनाई जा रही हैं. पूरे मध्य प्रदेश में अब तक 3,97,000 जल संरचनाएं बनाई गईं. मध्य प्रदेश जल संरचनाएं बनाने में पूरे देश में दूसरे स्थान पर आया है. वहीं केवल डिंडोरी जिले में 1,30,000 जल संरचनाएं बनाई गई जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. इसी के चलते डिंडोरी जिले को पूरे देश में पहला स्थान मिला है."

Dindori 130000 water structures
डिंडोरी जिले में 1,30,000 जल संरचनाएं (ETV Bharat)

अंजू पवन भदोरिया का कहना है कि "हमने बहुत से पुराने जल स्रोतों को ठीक किया है. इसके साथ ही खेत तालाब, कुओं का रिचार्ज, अमृत सरोवर निर्माण, बोरवेल रिचार्ज सिस्टम के माध्यम से काम किया है. इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग की संख्या भी बढ़ाई गई है. इन सभी को मिलाकर लगभग 1,30,000 जल संरचनाएं बनाई गई हैं जिनसे बरसात में पानी को रोकने की कोशिश की जाएगी. "

Dindori first in Water Conservation
डिंडोरी में पहाड़ों से पानी लेकर आती महिलाएं (ETV Bharat)

नल जल योजना के तहत पानी पहुंचाया, फिर भी नहीं मिल रहा

भले ही डिंडोरी जिले की कलेक्टर जल संरचनाएं बनाकर वाहवाही लूट रही हों, लेकिन 24 मई को डिंडोरी जिले के ही बजाग ब्लॉक में करौंदा ग्राम में पानी न होने की वजह से परेशान ग्रामीणों महिलाओं ने सड़क पर जाम लगा दिया और वह कई घंटे तक पानी के खाली डिब्बे लेकर बैठी रहीं. पीएच ई विभाग के अधिकारियों के आश्वासन के बाद यह जाम खोला गया. दरअसल, यहां गांव में नल जल योजना के तहत पानी पहुंचाया गया है. योजना पूरी हो जाने के बाद भी पानी नहीं मिल पा रहा है. अधिकारियों ने ठेकेदार के खिलाफ कार्यवाही करने की बात कही है.

Dindori first in Water Conservation
गर्मी में दूर से पानी लाती महिलाएं (ETV Bharat)

इस गांव के लोग कुएं का जहरीला पानी इस्तेमाल करने को मजबूर

डिंडोरी जिले के ही शुबखार रैयत गांव के आवास टोला में रहने वाली अंजली यादव ने बताया कि "गांव की 200 महिलाएं सुबह 4:00 बजे से डेढ़ किलोमीटर दूर एक कुएं का पानी भरने जाती हैं. इस कुएं का पानी जहरीला हो गया है, लेकिन इसके बावजूद हम इसी का इस्तेमाल करते हैं. गांव में पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है, जबकि यहां नल जल योजना के पाइप डले हुए हैं."

Dindori first in Water Conservation
डिंडोरी में जल संरचनाएं (ETV Bharat)

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जिला कलेक्टर द्वारा बनवाई गई जल संरचनाएं कितना पानी स्टोर करेंगे यह आने वाले सालों में पता लगेगा, लेकिन फिलहाल डिंडोरी में जल संकट बना हुआ है. कई गांव के लोग परेशान हैं. कुछ लोग परेशान होकर आंदोलन भी कर रहे हैं.

Last Updated : May 26, 2026 at 11:11 AM IST