मेरठ रेंज के हर गली-मोहल्ले के गुंडे का पुलिस के पास होगा रिकार्ड, 1 लाख क्रिमिनल्स पर ऐसे रखी जाएगी नजर
1,06000 अपराधियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा चुका, 70 हजार अपराधियों के सत्यापन का काम भी पूरा.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : March 9, 2026 at 9:57 AM IST
मेरठ: मेरठ रेंज के हर गली मोहल्ले के अपराधी का डिजिटल रिकार्ड पुलिस के पास होगा. यहीं नहीं एक खास ऐप के जरिए इन अपराधियों पर पुलिस नजर भी रख सकेगी. इससे पुलिस को अपराध पर नियंत्रण रखने में काफी मदद मिलेगी. चलिए आगे विस्तार से जानते हैं इसके बारे में.
कितने अपराधियों का डाटा फीड हुआ: दरअसल, मेरठ रेंज के डीआईजी कलानिधि नैथानी ने अपराध और अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए यक्ष ऐप विकसित किया है. मेरठ रेंज मे 1 लाख, 6 हजार 92 अपराधियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा चुका है, वहीं 70 हजार अपराधियों का सत्यापन भी हो चुका है. इस बारे में डीआईजी कलानिधि का कहना है कि रेंज के 5863 ग्राम और वहां के मोहल्लों का 100 प्रतिशत डाटा फीड कर लिया गया है. बीट स्तर पर जवाबदेही तय होने से अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था होगी अधिक प्रभावी हो सकेगी. बताया कि यह ऐप पुलिस मुख्यालय स्तर से लांच किया गया है.
कैसे काम करेगा ऐप: इस ऐप के माध्यम से अपराधियों का डिजिटल अभिलेखीकरण, सत्यापन और गतिविधियों की निगरानी की जा रही है. इससे अपराध नियंत्रण के साथ-साथ बीट में भी संबंधित पुलिस कर्मी एक्टिव भी रहेंगे हैं. DIG ने बताया कि इस साल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रेंज के सभी पुलिस कर्मियों को इसकी जानकारी दी जा चुकी है.
मेरठ मंडल में कहां कितना डाटा फीड: DIG के मुताबिक मेरठ के कुल ग्राम और शहर तक के 2461 अपराधी का डाटा फीडिंग 100 प्रतिशत हो चुका है. बुलन्दशहर जिले में अब तक कुल गांव और मोहल्लों में 2170 क्षेत्र में 100 प्रतिशत फीडिंग की जा चुकी है.
| जिला | अपराधी | सत्यापित |
| मेरठ | 42677 | 22500 |
| बुलन्दशहर | 34909 | 31300 |
| बागपत | 10411 | 8260 |
| हापुड़ | 18095 | 7970 |
ऐप की खासियत: इस ऐप में अपराधियों का डाटा एआई से अपडेट हो जाएगा. हर थाना और क्षेत्र के टॉप-10 अपराधियों का चयन पारदर्शी डेटा आधारित प्रक्रिया से हो जाएगा. इससे अपराधियों की पहचान आसानी से हो सकेगी. साथ ही अपराध को रोकने के लिए एआई के सुझाव भी मिलेंगे. अपराधियों के चेहरे की पहचान आसानी से होगी. DIG कलानिधि नैथानी बताते हैं कि प्रत्येक बीट के अपराधी की जिम्मेदारी बीट सिपाही” के सिद्धांत पर रहेगी. गंभीर और सनसनीखेज अपराधों में संलिप्त अपराधियों का डिजिटल अभिलेखीकरण एवं निरंतर सत्यापन की प्रक्रिया चलती रहेगी.

