सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के रिटायर्ड अधिकारी को Digital Arrest कर 68 लाख ठगे, सीबीआई अफसर बनकर डराया
उदयपुर में बुजुर्ग दंपती को डिजिटली अरेस्ट कर 68 लाख रुपए की साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है.

Published : January 10, 2026 at 2:35 PM IST
उदयपुर : मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के एक सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी और उनकी पत्नी को साइबर ठगों ने सुनियोजित साजिश के तहत करीब 68 लाख रुपए की ठगी का शिकार बना लिया. ठगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और मजिस्ट्रेट बताकर दंपती को 8-10 दिनों तक व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए डिजिटल अरेस्ट बनाए रखा.
DSP जांच अधिकारी विनय चौधरी ने बताया कि मामला सामने आने के साथ ही रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है. अलग-अलग एंगल से पूरी जांच की जा रही है. उदयपुर निवासी 68 वर्षीय भरत व्यास जो MLSU में वरिष्ठ प्रशासनिक पद पर कार्यरत रह चुके हैं. साइबर पुलिस थाने में इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई है. रिपोर्ट के अनुसार 28 दिसंबर 2025 को उनके मोबाइल पर एक अनजान कॉल आया. जिसमें उनके नाम पर शिकायत दर्ज होने की बात कही गई. इसके बाद व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर एक व्यक्ति ने खुद को दिल्ली सीबीआई का अधिकारी बताकर मनी लॉन्ड्रिंग के एक कथित मामले में उन्हें फंसाने की बात कही.
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ठगों ने आगे डर का माहौल बनाते हुए एक जॉइंट कॉल में स्वयं को सीबीआई दिल्ली ब्रांच का एएसपी बताने वाले व्यक्ति को जोड़ा गया. इस दौरान भरत व्यास और उनकी पत्नी से उनकी संपत्ति, बैंक खातों, जेवरात और जमा राशि की पूरी जानकारी ली गई. कुछ समय बाद कॉल में एक फर्जी मजिस्ट्रेट को भी जोड़ा गया, जिसने गिरफ्तारी और जेल भेजने की धमकी देते हुए तत्काल पैसे जमा कराने का दबाव बनाया.
डर और सामाजिक प्रतिष्ठा के नुकसान की आशंका के चलते दंपती ने अलग-अलग किश्तों में ठगों द्वारा बताए गए खातों में कुल 67 लाख 90 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए. यह रकम 28 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 के बीच छह किश्तों में भेजी गई. जब लगातार पैसों की मांग होती रही, तब पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने पुलिस से संपर्क किया. साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और बैंक खातों व कॉल डिटेल्स के आधार पर जांच शुरू कर दी है.

