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हिमाचल पुलिस के DIG पर लगाया 1.80 लाख रुपये का डैमेज चार्ज, जानें क्या है पूरा मामला

डीआईजी संजीव गांधी पर डैमेज चार्ज लगाया गया है. इसके लिए उन्हें नोटिस सर्व किया गया है.

डीआईजी संजीव गांधी
डीआईजी संजीव गांधी (PIC CREDIT:@SANJEEV GANDHI FACEBOOK)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : June 20, 2026 at 10:04 AM IST

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शिमला: हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने DIG टीटीआर संजीव कुमार गांधी को पुलिस अधीक्षक (SP) शिमला के लिए आरक्षित सरकारी आवास खाली नहीं करने पर नोटिस जारी करते हुए 1.80 लाख रुपये से अधिक का डैमेज चार्ज जमा करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि राशि जमा नहीं की गई तो इसे वेतन से वसूल किया जाएगा.

जारी नोटिस के अनुसार संजीव कुमार गांधी ने 7 फरवरी 2026 को एसपी शिमला का कार्यभार छोड़ दिया था. हिमाचल प्रदेश अलॉटमेंट ऑफ गवर्नमेंट रेजिडेंसेज (जनरल पूल) नियम, 1994 के तहत स्थानांतरण के बाद अधिकारी को एक माह के भीतर सरकारी आवास खाली करना होता है. इस हिसाब से आवास रखने की अनुमति 6 मार्च 2026 तक थी. नोटिस में कहा गया है कि 7 मार्च 2026 से संबंधित आवास में उनका कब्जा अनधिकृत माना गया है. विभाग ने 12 मई 2026 को भी आवास खाली करने का नोटिस जारी किया था, लेकिन 31 मई 2026 तक आवास खाली नहीं किया गया.

संजीव गांधी को दिया गया नोटिस
संजीव गांधी को दिया गया नोटिस (ETV Bharat)

18 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रतिमाह की दर से डैमेज चार्ज

नियमों के तहत 18 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रतिमाह की दर से डैमेज चार्ज लगाया गया है. लगभग 3568.88 वर्ग फुट क्षेत्रफल वाले इस आवास के लिए मासिक डैमेज चार्ज 64,239.87 रुपये निर्धारित किया गया. मार्च 2026 के 25 दिनों और अप्रैल-मई 2026 की अवधि को जोड़ते हुए 31 मई 2026 तक कुल 1,80,286.09 रुपये का डैमेज चार्ज आंका गया है. पुलिस मुख्यालय ने निर्देश दिए हैं कि उक्त राशि तत्काल जमा करवाई जाए. नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि 1 जून 2026 से आगे भी आवास खाली किए जाने तक प्रतिमाह डैमेज चार्ज वसूला जाता रहेगा.

तुरंत आवास खाली करने के निर्देश

इसके अलावा विभाग ने संजीव कुमार गांधी को तुरंत आवास खाली कर उसका कब्जा एसपी शिमला को सौंपने के निर्देश दिए हैं. नोटिस में कहा गया है कि आदेशों की अवहेलना होने पर हिमाचल प्रदेश पब्लिक प्रिमाइसेज एंड लैंड (इविक्शन एंड रेंट रिकवरी) एक्ट, 1971 के तहत बेदखली की कार्रवाई भी शुरू की जा सकती है.

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