नवी मुंबई के एक करोड़ के डायमंड-गोल्ड लूटकांड का सरगना बिहार से गिरफ्तार, STF ने दबोचा
लूटकांड के सरगना को पूर्वी चंपारण से गिरफ्तार किया गया है. ट्रांजिट रिमांड पर उसे महाराष्ट्र ले जाया गया है. रिपोर्ट- रोहित राज

Published : August 22, 2026 at 9:01 PM IST
मोतिहारी : महाराष्ट्र के नवी मुंबई के खारघर में करीब एक करोड़ रुपये के डायमंड और गोल्ड लूटकांड में बड़ी कार्रवाई हुई है. इस वारदात के कथित सरगना और शटरकटवा गिरोह के सक्रिय सदस्य को बिहार एसटीएफ ने पूर्वी चंपारण के मोतिहारी से गिरफ्तार किया है. पुलिस की नजरों से बचकर महाराष्ट्र से निकलकर मोतिहारी पहुंचे श्रीराम साह को छतौनी थाना क्षेत्र से दबोचा गया.
गिरफ्तार आरोपी की पहचान छतौनी थाना क्षेत्र के बरियारपुर निवासी श्रीराम साह के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, वह नवी मुंबई के खारघर थाने में दर्ज लूटकांड में वांछित था. खारघर में 11 अगस्त को मामला दर्ज होने के बाद आरोपी महाराष्ट्र से निकलकर मोतिहारी पहुंचा और छतौनी इलाके में छिपकर रहने लगा. इसी दौरान एसटीएफ को उसके ठिकाने की जानकारी मिली.
सूचना मिलने के बाद बिहार एसटीएफ की टीम ने उसके संभावित ठिकाने की घेराबंदी की और उसे शुक्रवार की देर रात गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद जब आरोपी की तलाशी ली गई तो पुलिस भी बरामद सामान देखकर हैरान रह गई. उसके पास से हीरा और सोने की 17 अंगूठियां बरामद की गईं. इन अंगूठियों का कुल वजन 38.47 ग्राम बताया गया है.
इसके अलावा तलाशी के दौरान 3.36 ग्राम की सोने की एक अंगूठी, 4.67 ग्राम और 2.53 ग्राम वजन के दो सोने के लॉकेट तथा 0.45 ग्राम का सोने का कान का स्टड भी बरामद किया गया. इन सोने के आभूषणों का कुल वजन 11.01 ग्राम बताया गया है.
एसटीएफ को आरोपी के पास से प्लेटिनम के आभूषण भी मिले हैं. इनमें 18.36 ग्राम वजन की प्लेटिनम चेन, 4.66 ग्राम के प्लेटिनम ब्रेसलेट का टुकड़ा और 6.23 ग्राम की प्लेटिनम रिंग शामिल है. इसके अलावा ज्वेल टोन की दो चेन और लॉकेट भी बरामद किए गए हैं. पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार बरामद आभूषणों की कुल सूची का वजन 99.31 ग्राम दर्ज किया गया है.
जेवरात के अलावा श्रीराम साह के पास से 90 हजार रुपये नकद और 1170 नेपाली रुपये भी बरामद किए गए हैं. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद सभी जेवरात नवी मुंबई के खारघर में हुई वारदात से जुड़े हैं या फिर गिरोह द्वारा अलग-अलग राज्यों में की गई अन्य चोरी और लूट की घटनाओं का हिस्सा हैं.
पूर्वी चंपारण के एसपी स्वर्ण प्रभात ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है. पुलिस के मुताबिक, श्रीराम साह के खिलाफ महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात में गृह-भेदन से जुड़े तीन मामले दर्ज हैं. इससे उसके अंतरराज्यीय आपराधिक नेटवर्क से जुड़े होने की बात सामने आई है. पुलिस को आशंका है कि वह शटरकटवा गिरोह के जरिए अलग-अलग राज्यों में चोरी और लूट की वारदातों को अंजाम देता रहा है.
अब जांच का दायरा सिर्फ श्रीराम साह की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है. एसटीएफ यह पता लगाने में जुटी है कि खारघर की वारदात को अंजाम देने के बाद श्रीराम साह लूट का माल लेकर मोतिहारी तक किस रास्ते से पहुंचा. पुलिस यह भी पता कर रही है कि मोतिहारी में उसे किसने पनाह दी और लूट के सामान को खपाने या बेचने में कौन उसकी मदद करने वाला था.
जांच एजेंसियां गिरोह के दूसरे सदस्यों की भूमिका भी खंगाल रही हैं. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि श्रीराम साह के साथ वारदात में कौन-कौन लोग शामिल थे और गिरोह का नेटवर्क महाराष्ट्र से लेकर बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात तक किस तरह फैला हुआ है. बरामद जेवरात की पहचान और उनके स्रोत की पड़ताल के बाद नवी मुंबई के खारघर लूटकांड के साथ दूसरे आपराधिक मामलों की कड़ियां जुड़ने की संभावना है.
पुलिस यह भी जांच करेगी कि बरामद सोने, हीरे और प्लेटिनम के आभूषण किन-किन वारदातों से जुड़े हैं. गिरफ्तारी के बाद श्रीराम साह को न्यायालय में पेश किया गया. इसके बाद मुंबई पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले गई. अब मुंबई पुलिस उससे खारघर लूटकांड को लेकर पूछताछ करेगी. पूछताछ में वारदात की पूरी कहानी, गिरोह के सदस्यों, लूट के माल और अंतरराज्यीय आपराधिक नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है.
मोतिहारी से हुई इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि दूसरे राज्यों में अपराध करने के बाद अपराधी बिहार के सीमावर्ती और ग्रामीण इलाकों में छिपने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि, इस मामले में बिहार एसटीएफ की कार्रवाई से नवी मुंबई के करीब एक करोड़ रुपये के लूटकांड की जांच को अहम सुराग मिला है. अब पुलिस की नजर गिरोह के बाकी सदस्यों और लूट के माल के पूरे नेटवर्क पर है.

